निजी और सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायतों पर डीएम की नजर टेड़ी

– प्राइमरी व बेसिक स्कूलों के सत्यापन के लिए अधिकारियों को नामित न करने पर बीएसए को लगाई फटकार

झांसी। तहसील मोंठ के सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने उपस्थित समस्त अधिकारियों से कहा कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयसीमा और गुणवत्ता परक किया जाना सुनिश्चित किया जाए। आज प्राप्त शिकायतों को स्वयं संज्ञान में लेते हुए निस्तारित शिकायतों का मौके पर स्वयं परीक्षण करें। उन्होंने निजी और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस मोंठ में भूमि संबंधित विवाद अथवा सरकारी एवं निजी भूमि पर अवैध कब्जों की अधिक शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर समस्त राजस्व कर्मचारी एवं अधिकारियों को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का पुनः गंभीरता से अध्ययन करने का सुझाव दिया ताकि भूमि सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों का निस्तारण राजस्व संहिता के प्रकाश में समयबद्व और पारदर्शी ढंग से किया जा सके।

जिलाधिकारी भूमि सम्बन्धित/अवैध कब्जों की शिकायतों के निस्तारण के संबंध में कहा कि सभी राजस्व कर्मी एवं लेखपाल अपने मूल कार्यों में रुचि लें और अपने क्षेत्र में जाये तथा सेक्टर आदि की स्वयं नाप करें ताकि भूमि विवाद उत्पन्न ही ना हो। उन्होंने समस्त लेखपालों को निर्देश दिए कि गलत ढंग से भूमि पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करते हुए गैंगस्टर की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आप अपने मूल कार्यों को संवेदनशील होकर करें। भूमि विवाद ना निपटने की स्थिति में पुलिस 107/16 की कार्यवाही करें।

उन्होंने बताया कि धारा145 पर भी कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने धारा 24, सरकारी भूमि पर कब्जा होने पर धार 151 की कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आज शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को सुनते हुए उन्हें गंभीरता से लिया और मौके पर संयुक्त टीम को रवाना करते हुए निर्देश दिए की जांच आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने पूर्व में बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए निर्देशों के क्रम में अधिकारियों को प्राइमरी एवं बेसिक स्कूलों के सत्यापन हेतु नामित किया जाना था, परंतु बीएसए द्वारा स्कूल की सूची अधिकारियों उपलब्ध न कराए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और तत्काल अधिकारियों को विद्यालयों की सूची देते हुए विद्यालयों का सत्यापन करने के निर्देश दिये।

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