Sunday, April 2, 2023

सुप्रीम कोर्ट की रक्षा मंत्रालय को फटकार, नवंबर 2021 की एनडीए की प्रवेश परीक्षा में शामिल हो महिला उम्मीदवार


सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला उम्मीदवारों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में नवंबर 2021 की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलनी चाहिए। यह निर्देश रक्षा मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट को सूचित करने के एक दिन बाद आया है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया था कि महिला उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति अगले साल मई तक जारी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा,महिलाओं को नवंबर 2021 की परीक्षा देने की अनुमति दी जानी चाहिए। एक साल के लिए स्थगित नहीं किया जा सकता है। चिकित्सा मानकों को अस्थायी रूप से अधिसूचित किया जाना चाहिए। यूपीएससी नवंबर परीक्षा के लिए एक सही अधिसूचना जारी करेगा।”


अदालत ने कहा रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया है, कि महिलाओं को नवंबर 2021 की प्रवेश परीक्षा में महिलाएं नहीं बैठ पाएंगी, लेकिन सरकार के अनुरोध पर कोर्ट ने आपत्ति जताकर तर्क दिया कि हमने मंत्रालय कि प्रस्तुतियाँ पर विचार किया है। इस स्थिति में हमारे लिए यह मुश्किल होगा क्योंकि महिलाओं की आकांक्षाएं बढ़ी हैं। 8 सितंबर को सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया था कि एनडीए में महिलाओं को शामिल करने पर सशस्त्र बलों द्वारा पहले से ही विचार किया जा रहा है। मंगलवार को रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के माध्यम से महिलाओं को सेना, नौसेना और वायु सेना में शामिल करने पर एक हलफनामा सुप्रीम कोर्ट को सौंपा।

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रक्षा मंत्रालय ने हलफनामे में कहा एनडीए में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है और सरकार का प्रस्ताव है कि मई, 2022 तक महिला उम्मीदवारों को शामिल करने के लिए आवश्यक तंत्र तैयार किया जाए। यही वह समय है जब यूपीएससी के लिए अपनी पहली अधिसूचना प्रकाशित करने की उम्मीद है। सरकार ने कह कि समयबद्धता को ध्यान में रखते हुए महिला उम्मीदवारों को सुचारू रूप से शामिल करने और प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए सावधानीपूर्वक योजना और तैयारी का आह्वान किया गया था।

जबकि पुरुष उम्मीदवारों के लिए चिकित्सा मानक मौजूद हैं, महिला उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त चिकित्सा मानक तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। महिलाओं को अकादमी में शामिल होने से पहले उन्हें निर्धारित करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का एक निकाय विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इनका निर्धारण करेगा।

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"डंके की चोट " पर मै खरी दुनिया हू मै खरी दुनिया हू.... मै भ्रष्टाचारियों के बीच अकेला, लेकिन खरी दुनिया हू, मै हर हाल मे उन खबरो को, लोगो तक पहुचाने की कोशिश करता हू, जो अधिकांश बिकाऊ और बिकी मीडिया से, अपने "आका" के इशारे पर छुपा दी जाती हैं। मै इस लिए खरी दुनिया हू, क्योकि हमारी सरकार यानि "भारतीय जनता पार्टी " भ्रष्टाचार और अपराध को लेकर "जीरो टालरेंस " क़ी हिमायती हैं। मै भाजपा की इस नीति का पालन करने और कराने के लिए "डंके की चोट" पर कफ़न "सर" पर लिए खुद को नियमबद्ध रखते हुए हाजिर हू....मै खरी दुनिया हू.... भ्रष्टाचारीयो मे अफसर हो, या गाव का प्रधान, मै पदीय अधिकारों क़ी आड़ मे क़ी गई उनकी अनियमित्ता के साक्ष्य को खोजने का काम करता हू , .....क्योकि मै खरी दुनिया हू।
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