Pakistan Minor Girls Rape: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर जिले में 3 नाबालिग लड़कियों के साथ कथित दुष्कर्म के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने 4 से 7 साल की उम्र की 3 मासूम बच्चियों के साथ क्रूरता की है। इन घटनाओं से पता चलता है कि पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा का हाल बेहाल है।
पुलिस ने क्या कहा?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसा सुखेरा ने बताया कि आरोपी एक सीरियल रेपिस्ट है। उसने नाबालिग लड़कियों को उनके घरों के आसपास से अगवा कर पास की सुनसान जगहों पर ले जाकर मारपीट और दुष्कर्म किया। तीनों पीड़िताओं को उनके घरों से एक से दो किलोमीटर दूर विभिन्न स्थानों से बरामद किया गया था।
कब-कब हुई घटनाएं?
पुलिस के अनुसार, पहली घटना 21 सितंबर 2025 को हुई, जब सात साल की एक लड़की खेतों में खून से लथपथ हालत में मिली। दूसरी घटना 3 फरवरी 2026 को दर्ज की गई, जिसमें चार साल की बच्ची एक खाली प्लॉट में पाई गई। तीसरी वारदात 13 फरवरी 2026 की है, जब छह साल की लड़की खेतों में आधी बेहोशी की हालत में मिली। इन सभी मामलों में बच्चियां गंभीर रूप से घायल थीं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
जांच में आया मोड़
जांच में बड़ा मोड़ तब आया जब एक पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति उनकी दुकान पर आया था, जो संदिग्ध लग रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोकल दुकान से आरोपी का मोबाइल फोन नंबर ट्रेस किया, जहां वह किडनैपिंग से पहले पैसे ट्रांसफर करने गया था। कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) से पता चला कि आरोपी उन तीनों स्थानों पर मौजूद था जहां से बच्चियों का अपहरण हुआ था।
बाल यौन शोषण के कुख्यात रहा है कसूर
सबूतों को पुख्ता करने के लिए आरोपी के डीएनए सैंपल लिए गए, जो तीनों दुष्कर्म की घटनाओं से मैच कर गए। जांच के दौरान आरोपीने जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि पिछले साल उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था और वह अकेला रह रहा था, जिसके कारण वह ऐसी हरकतों में शामिल हुआ। कसूर जिला लाहौर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है और बाल यौन शोषण के मामलों के लिए कुख्यात रहा है।
आरोपी को मिलेगी सख्त सजा
पुलिस अधिकारी सुखेरा ने कहा कि आरोपी को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला पाकिस्तान में बच्चों की सुरक्षा और बाल यौन हिंसा के खिलाफ सख्त कानूनों की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करता है। स्थानीय समुदाय में इस घटना से आक्रोश है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
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