
गुरदासपुर में एनकाउंटर के बाद मौजूद पुलिस और अस्पताल में भर्ती घायल CIA इंचार्ज और इनसेट में आरोपी रणजीत व दिलावर।
गुरदासपुर में पुलिस चौकी में ASI और होमगार्ड जवान का कत्ल करने वाले एक आरोपी रणजीत सिंह को पुलिस ने सुबह एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। उसका दूसरा साथी इंद्रजीत सिंह फरार हो गया। वहीं तीसरा आरोपी दिलावर सिंह पुलिस की गिरफ्त में है।
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एनकाउंटर के बाद DIG संदीप गोयल ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने 4 लाख रुपए का लालच देकर यह मर्डर कराया। तीनों आरोपी, रणजीत सिंह, दिलावर सिंह और इंद्रजीत सिंह पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स के टच में थे।
उधर, पुलिस के एक्शन पर रणजीत सिंह के परिवार ने सवाल उठाए और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए। रंजीत की मां सुखविंदर कौर ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष है और पुलिसकर्मियों ने अपनी वाहवाही के लिए उसे झूठा फंसाया। उन्होंने कहा कि आज तड़के ही कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और बेटे को जबरन उठा कर ले गए। कुछ देर बाद उसके एनकाउंटर की खबर मिली।
वहीं, पुलिस ने बताया कि एनकाउंटर बुधवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। रणजीत को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे हथियार की बरामदगी के लिए लेकर गए थे, लेकिन वहां SHO की गाड़ी पलटने से वह फरार हो गया। इसके बाद CIA की टीम ने उसे पुराना शाला इलाके में घेर लिया।
पुलिस को देख उसने फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसी दौरान क्रॉस फायरिंग में रणजीत की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं CIA के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत 5 मुलाजिम घायल हो गए।
CM भगवंत मान ने भी जालंधर PAP में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पुलिस चौकी में मारे जवानों का बदला ले लिया है। आरोपियों का लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ मिला। पाकिस्तान ने इनको स्पॉन्सर किया था, ताकि पंजाब में दहशत फैलाई जा सके।
कुछ दिन पहले गुरदासपुर के गांव आदियां पुलिस चौकी में होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ASI की लाश कुर्सी पर और होमगार्ड की रजाई के भीतर मिली थी।
DIG की जुबानी, कत्ल की साजिश-एनकाउंटर की पूरी कहानी
- ISI हैंडलर्स के टच में थे, पुलिस जवान मारने का टास्क मिला: DIG अमृतसर रेंज संदीप गोयल ने कहा- रणजीत, दिलावर व इंद्रजीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स के टच में थे। ISI ने इनको पुलिस के जवानों को मारने का टॉस्क मिला था। चूकिं ये पास के ही आदिया गांव के थे, इसलिए ये रेकी करते रहे और मौका मिलने पर ASI गुरनाम सिंह व होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या कर दी।
- हथियार बरामदगी के लिए ले गए: DIG ने कहा कि इसके बाद दिलावर व रणजीत सिंह को अरेस्ट किया गया। रणजीत सिंह ने पूछताछ में माना कि वारदात में उसने जो पिस्टल यूज किया, उसे बहरामपुर एरिया के गांव गालड़ी में छिपाकर रखा था। सबूत पुख्ता करने के लिए पुलिस उसे लेकर हथियार को बरामद करने के लिए ले गई।
- धुंध से रास्ता नहीं दिखा, गाड़ी पलटी, आरोपी भागा: DIG ने कहा- जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो धुंध के कारण ऊबड़-खाबड़ रास्ता नहीं दिखा। यहां का रास्ता बाढ़ की वजह से भी खराब हुआ था। इससे पुलिस की गाड़ी पलट गई। मौका पाकर आरोपी रणजीत सिंह भाग निकला। एएसआई बनारसी दास ने तुरंत इसकी सूचना दी। जिसके बाद रेड अलर्ट और सीलिंग कर दी गई।
- रास्ते में CIA ने रोका, बाइक फिसली: DIG ने कहा- इस दौरान गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर पुराना शाला के पास CIA स्टाफ के मुलाजिम तैनात थे। चूंकि रणजीत पहले अरेस्ट था तो उसके हुलिए के बारे में हमें सब कुछ पता था। इसी दौरान वह बाइक पर इंद्रजीत सिंह के साथ आया। पुलिस ने रुकने को कहा तो उसने बाइक पीछे मोड़ ली लेकिन वह फिसल गई।
- क्रॉस फायरिंग में रणजीत मारा गया, 5 पुलिस मुलाजिम जख्मी: DIG ने कहा कि इसके बाद वह भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो रणजीत ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान CIA के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और 4 अन्य मुलाजिमों को गोली लगी। जिसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग बढ़ाई और रणजीत सिंह गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। इतने में उसका साथी भाग निकला। रणजीत से 32 बोर की पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई।
- पैसे के लालच में काम किया: DIG संदीप गोयल ने बताया कि तीनों को पाकिस्तान से टॉस्क मिला था। तीनों को 4 लाख रुपए देने का वादा किया गया था। इसमें से एक आरोपी दिलावर को 20 हजार देने थे और 3 हजार रुपए मिल चुके थे। पुलिस को पता चला है कि इन्होंने किसी से 3 लाख रुपए लेने थे, वो पैसा कहां से आ रहा था, उसके बारे में भी जांच की जा रही है।
- रणजीत-इंद्रजीत थे मास्टरमाइंड: DIG संदीप गोयल ने बताया कि पाकिस्तान भूखा-नंगा देश है। वह लगातार पंजाब में दहशत फैलान के लिए हथियार भेज रहा है। इस हमले का मास्टरमाइंड रणजीत था। उसकी उम्र 19 साल थी। इसकी कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं है। उसके साथी इंद्रजीत पर नशा तस्करी के 3 पर्चे हैं। उसकी उम्र 21 साल है। दिलावर को इन्होंने 20 हजार रुपए देने के लालच देकर बाद में अपने साथ मिलाया।
- ड्यूटी में कोई लापरवाही नहीं हुई: घटना वाले दिन नाके पर 2 लोग ही ड्यूटी पर थे। ड्यूटी पर किसी तरह की लापरवाही का मामला नहीं है। पहले दिन सीसीटीवी में जो 5 लोग नजर आए थे, उनको वैरिफाई किया था, वो वहां से गुजर रहे थे। इसके बाद फोन डंप के आधार पर आरोपियों को उठाकर पूछताछ की थी। घटना के बाद पाकिस्तानी बदमाश भट्टी की जो वीडियो सामने आई थी, उसे लेकर भी जांच कर रहे हैं।
- ये टारगेट किलिंग, 10 करोड़ से सेकेंड लाइन डिफेंस मजबूत करेंगे: डीआईजी ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से 10 करोड़ रुपए मिला है। सैकेंड लाइन ऑफ डिफेंस के नाके हाईटेक किए जाएंगे। डीआईजी ने कहा कि नाके पर दरवाजा नहीं था, ये बात सही है, लेकिन ये टारगेट किलिंग है। इनको टास्क मिला था। कितने लोगों को मारने का टास्क था, इसकी भी जांच की जा रही है।
गुरदासपुर अस्पताल के SMO डाक्टर सुखदीप सिंह।
डॉक्टर बोले- 5 पुलिसकर्मी घायल हुए सिविल अस्पताल गुरदासपुर के SMO ने बताया कि हमारे पास आज सुबह 5 पुलिस वाले एडमिट हुए हैं। एक पुलिस कर्मी सीआईए स्टाफ के गुरमीत सिंह को बांह में गोली लगी है। रणजीत सिंह को गोली लगने के कारण दाखिल करवाया गया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 अन्य पुलिस वालों के माइनर इंजरी है। सभी घायल स्टेबल हैं। घायल पुलिस वालों की पहचान संदीप सिंह, बनारसी दास, निरंजन सिंह और सिमरनजीत सिंह के रूप में हुई है।
जानिए ASI-होमगार्ड मर्डर में इससे पहले क्या हुआ…
PAK बॉर्डर के पास चौकी में लाश मिली गुरदासपुर में 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शामिल की लाश मिली थी। वह भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था।
पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने ये वीडियो जारी कर दावा किया था कि यह ASI को कत्ल करने का है।
सरपंच ने पुलिस को सूचना दी पुलिस की शुरुआती जांच के बाद वहां से करीब 4 खोल मिले। गांव के सरपंच से दोनों की मौत के बारे में पता चलते ही भारी पुलिस फोर्स वहां पहुंची। PAK बॉर्डर से नजदीक की चौकी में पुलिसकर्मियों की हत्या को लेकर BSF भी अलर्ट है। BSF के DIG एके विरदी ने चौकी पहुंचकर पूरे मामले के बारे में जानकारी ली थी।
दोनों की लाशें इस हालत में मिलीं थीं।
आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली घटना के बाद शाम को ASI और होमगार्ड जवान जवान की मौत की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली है। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें लिखा है- आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया।
तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता।
तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान की वायरल पोस्ट….
दूसरे दिन पाक डॉन ने कत्ल का वीडियो जारी किया घटना के दूसरे दिन यानी 23 फरवरी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने कत्ल का वीडियो जारी किया है। इसमें दिख रहा है कि ASI गुरनाम सिंह को सिर से सटाकर गोली मारी गई। ASI गुरनाम कुर्सी पर बैठे नींद में नजर आ रहे हैं। इसके बाद पिस्टल पर साइलेंसर लगाकर पॉइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारी गई।
गोली लगते ही ASI की आंखें खुलती हैं और फिर बंद हो जाती हैं। इसमें एक आरोपी गोली मार रहा है, जबकि दूसरा वीडियो बना रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
लॉरेंस गैंग ने आतंकियों को दी धमकी इसके बाद उसी दिन यानी 23 फरवरी को ही इस मामले में लॉरेंस गैंग की भी एंट्री हो गई है। लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हमारे देश के 2 काबिल व ईमानदार अफसरों को आतंकियों ने शहीद किया है। हम इसका बदला खून से लेंगे। तुमने 2 शहीद किए हैं, हम 10 मारेंगे। इन आतंकियों का साथ देने वाले गद्दार गैंगस्टरों का गला काटेंगे। 23 फरवरी का ही CM भगवंत मान ने दोनों के परिवार के लिए 2-2 करोड़ रुपए का ऐलान किया है। मान ने कहा कि सरकार उनकी कुर्बानी को सलाम करती है।



