सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संबंधी याचिका पर सुनवाई टली

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नई दिल्ली। राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट में साेमवार काे 1980 में वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का कथित रुप से नाम जुड़वाने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलें पूरी कर ली। सोनिया गांधी की ओर से आज दलीलें पूरी नहीं हो सकी। स्पेशल जज विशाल गोगने ने मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को करने का आदेश दिया।

यह याचिका वकील विकास त्रिपाठी ने दायर की थी। विकास त्रिपाठी ने सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के खारिज करने के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। 9 दिसंबर, 2025 को कोर्ट ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।

इसके पहले 11 सितंबर को एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने याचिका खारिज कर दी थी। याचिका में कहा गया है कि वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम 1980 में ही जुड़ गया था, जबकि वो 1983 में भारत की नागरिक बनीं। बीच में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से 1982 में हटाया गया और बाद में 1983 में फिर नाम जोड़ा गया। याचिका में कहा गया है कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल 1983 में दिया था।

याचिका में कहा गया है कि जब सोनिया गांधी 1983 में भारतीय नागरिक बनीं, तो 1980 में वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए कुछ फर्जी दस्तावेज दिए गए होंगे, जो संज्ञेय अपराध है। ऐसे में कोर्ट सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले पर न तो सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया था और न ही दिल्ली पुलिस को।

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