भोपाल में 12वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप, पहले प्रेग्नेंट फिर ट्यूमर बताया

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भाेपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 12वीं कक्षा की एक 17 वर्षीय छात्रा की सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थी और उसका इलाज चल रहा था। इस मामले में परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने पहले छात्रा को गर्भवती बताया, लेकिन बाद में उसके पेट में ट्यूमर होने की बात कही। इस विरोधाभासी जानकारी के कारण किशोरी गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी।

परीक्षा के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार छात्रा एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। 2 मार्च को परीक्षा देकर घर लौटने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचा। परिवार का आरोप है कि यहां डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद उसे करीब दो माह की गर्भवती बताया। हालांकि सोनोग्राफी में स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर छात्रा को आगे जांच के लिए सुल्तानिया अस्पताल भेजा गया। वहां स्त्री रोग विशेषज्ञों ने जांच के बाद बताया कि छात्रा के पेट में ट्यूमर है।

‘प्रेग्नेंसी’ की बात सुनकर डिप्रेशन में चली गई थी छात्रा

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परिजनों का आरोप है कि गर्भवती होने की जानकारी सुनने के बाद छात्रा गहरे सदमे और अवसाद में चली गई थी। उसने किसी से बात करना लगभग बंद कर दिया था और मानसिक रूप से टूट गई थी। इसी दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और सोमवार सुबह करीब 10 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के पिता का कहना है कि अस्पताल की ओर से पुलिस को भी बच्ची के गर्भवती होने की सूचना दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को संभावित दुष्कर्म पीड़िता मानकर प्रारंभिक जांच भी शुरू कर दी थी। हालांकि बाद में दूसरी सोनोग्राफी में ट्यूमर की बात सामने आने के बाद मामला बदल गया।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जांच कर रहीं एमपी नगर थाना की उपनिरीक्षक अर्चना तिवारी ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार किशोरी का ट्यूमर का इलाज चल रहा था। रिपोर्ट में गर्भावस्था की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के विस्तृत बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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