तेल संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम: 32 देश बाजार में उतारेंगे 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल

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पेरिस। वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ते दबाव और युद्ध के कारण बाधित आपूर्ति के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी के 32 सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन भंडार से कुल 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करने का निर्णय लिया है। यह आईईए के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा तेल रिलीज माना जा रहा है।

आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने बताया कि यह कदम युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में आई आपूर्ति की कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि हालिया संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर डाला है और बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए सामूहिक कार्रवाई आवश्यक हो गई थी।

एजेंसी के अनुसार 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए युद्ध के बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है। युद्ध से पहले जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात होता था, वहीं अब यह आपूर्ति पहले के स्तर के लगभग 10 प्रतिशत से भी कम रह गई है।

आईईए ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन भंडार से तेल एक साथ नहीं बल्कि सदस्य देशों की परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा, ताकि वैश्विक आपूर्ति संतुलित रहे और कीमतों पर दबाव कम किया जा सके।

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1974 में स्थापित आईईए के इतिहास में यह छठा अवसर है जब सदस्य देशों ने मिलकर अपने रणनीतिक तेल भंडार को बाजार में जारी करने का फैसला किया है। इससे पहले 1991 के खाड़ी युद्ध, 2005 के हरिकेन कैटरीना, 2011 के लीबिया संघर्ष और 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी ऐसा कदम उठाया गया था।

आईईए के 32 सदस्य देशों में अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। भारत इस एजेंसी का सदस्य नहीं है, हालांकि वह 2017 से आईईए का एसोसिएट देश है और ऊर्जा सहयोग के कई कार्यक्रमों में भागीदारी करता है।

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