पूर्वी चंपारण। जिले के तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्रों में कथित जहरीली शराब कांड ने भयावह रूप ले लिया है। इस घटना में अबतक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग बीमार हैं। जिसमे कई लोग आंखो की रोशनी गंवा चुके है। सभी बीमारों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें अब भी कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतकों में जयसिंहपुर पुलवाघाट के चंदू प्रसाद, परसौना के प्रमोद यादव, परिक्षण मांझी, बालगंगा के सम्पत साह,हरदिया के हरी भगत और हरदिया के ही लालकिशोर राय शामिल है। जबकि बालगंगा के विनोद साह, राहुल पासवान, लोहा ठाकुर, लड्डू साह समेत कई लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
चिकित्सकों ने लड्डू साह और विनोद साह को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया है। जाहिर है मरने वालों की संख्या में वृद्धि की आशंका व्यक्त की जा रही है।बताते हैं कि बुधवार शाम सभी ने परसौना और बालगंगा में शराब का सेवन किया था, जिसके बाद रात में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। लगातार हो रही मौतों से बालगंगा, लक्ष्मीपुर, गदरिया परसौना और हरदिया गांवों में मातम पसरा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया के थानाध्यक्ष उमाशंकर मांझी को निलंबित कर दिया है। वहीं चौकीदार भरत यादव को गिरफ्तार किया गया है, जो मुख्य शराब कारोबारी नागा राय का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
आरोप है कि वह शराब कारोबारी को सहयोग करता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी नागा राय समेत आठ शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया है और सप्लायर की पहचान कर उसे पकड़ने के लिए छापेमारी तेज कर दी है। मामले में रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। मृतक प्रमोद यादव की पत्नी सुगंति देवी के आवेदन पर भी मामला दर्ज किया गया है, जिसमें जहरीली शराब से मौत की बात कही गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों का इलाज शुरू कर दिया है।
एसपी, डीएसपी और एसडीओ समेत पुलिस-प्रशासन की टीम गांवों में लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। डीआईजी हरकिशोर राय ने बताया कि सभी बीमारों का समुचित इलाज कराया जा रहा है और मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इधर जहरीली शराब कांड में जारी छापेमारी के दौरान पीपराकोठी से 700 लीटर स्प्रिट जब्त किया गया है,जिसकी जांच रिपोर्ट में मेथनाॅल की पुष्टि हुई है। जाहिर है,स्प्रिट की यह खेप अगर वितरित हो जाता तो हजारो लोगो की जान जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है,कि स्प्रिट की इस खेप में से कहां-कहां किन किन लोगो को सप्लाई की गई है








