मऊ। थाना कोपागंज इलाके के कृष्णा हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल बुद्धवार को सीज कर दिया है। यह कार्रवाई एक समाचार पत्र में प्रकाशित स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर सामने आए नवजात (गर्भपात से जुड़े मामले में) शिशु को बेचने के आरोप के बाद की गई। मामले का संज्ञान स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के निर्देश पर लिया गया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू की।
विभागीय सूत्रों के अनुसार अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. आर. एन. सिंह की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) सहित सभी वार्ड और कमरों को सील किया । हालांकि, जिस हिस्से में अस्पताल संचालक का परिवार निवास करता है, उसे सील नहीं किया गया। प्रारंभिक जांच में अस्पताल निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित होता भी पाया गया। इसके अलावा स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल संचालक को पहले नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
एसीएमओ डॉ. आर. एन. सिंह ने बताया कि एक अखबार में प्रकाशित स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से गर्भपात से जुड़े बच्चे को बेचने का आरोप सामने आया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया और तीन दिन का समय जवाब देने के लिए दिया, लेकिन जवाब न मिलने पर नियमानुसार अस्पताल को सीज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के आवासीय हिस्से को छोड़कर ओटी और सभी कमरों को सील कर दिया गया है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अस्पताल संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभाग सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रहा है।
अभी भी अधिकांश अस्पतालो के नाम अविधिपूर्ण तरीके से जारी हैँ NOC
एसीएमओ आर एन सिंह द्वारा इसके पहले जिले के मानक विहीन अस्पतालो के द्वारा पंजीयन के किये गए आवेदन दौरान मुख्य अग्नि समन अधिकारी के द्वारा दिए गए नियम विरुद्ध एनओसी और मौके का बिना सत्यापन किये पंजीयन किया गया हैँ। पंजीकृत अधिकांश निजी अस्पतालो के भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के खिलाफ हैँ और इन अस्पतालो मे अगलगी क़ी स्थिति से निपटने के लिए फायर डिपोर्टमेंट के वाहनो को न तो हॉस्पिटल के भर्ती वार्डो तक पहुंचने के रास्ते हैँ और न पहुंच हैँ, फिर भी सीएफओ ने इन्हे noc जारी कर पंजीयन मे सहयोग किया हैँ ।









