मऊ/ मेरठ| मेरठ की डिप्टी एसपी सौम्य अस्थाना के द्वारा थानों पर विडिओ ग्राफी को लेकर वायरल वीडियो ने बतौर एस्एसपी अबिनाश पाण्डेय की चाल से अनभिज्ञ इलाकाई पत्रकारों में फांक डालने के तथाकथित मंशा से सतर्क हो जाना चाहिए| बतौर एसपी अबिनाश पाण्डेय ने जिस भी जिले की कमान संभाली वहा पर सबसे पहले पत्रकारों को निशाना बनाया है | खबरों से परेशान लोगो पर नाजायज दबाव बनाकर उनसे तहरीर लेकर सच को झूठ और झूठ को सच बनाकर पत्रकारों पर अबैध मुकदमे पंजीकृत कराने का काम किया जाता है | जनपद मऊ से पीलीभीत का कार्यकाल इनके अविधिपूर्ण कारनामो का उदाहरण है | ये साहब पत्रकरों में पहले फांक डालने का काम करते है फिर छांट छांट कर लक्ष्य बनाकर झूठे मुकदमे कायम कराकर जेल में डालने का का अपराधिक कार्य करते है | जनपद मऊ में इनके कार्यकाल में आर्म्स एक्ट में हुई गिरफ्तारिया और बरामद असलहे आये कहा से ? का सवाल आज भी जबाब के लिए परेशान है |आरोपितो के पास अबैध असलहे कहा से आये ? का ये साहब जानबूझकर खुलासा नही करते है | नियमविरुद्ध गिरफ्तारी इनकी आदतों में है |
विभागीय सूत्रों के अनुसार मेरठ में इसके पहले किसी पुलिस अफसर ने थानों पर किसी पत्रकर के द्वारा विडिओ बनाने को लेकर कभी मुकदमे दर्ज करने का आदेश नही दिया था , बतौर डीएसपी सौम्य अस्थाना ने ही थानों पर विडिओ बनाने के लिए क्यों ऐसा आदेश जारी किया ? के पीछे लोग दबी जुबान से एसएसपी अबिनाश पाण्डेय को कारण के रूप में देख रहे है| यद्यपि जगजाहिर है की थाना सार्वजनिक स्थल है उसपर किसी भी प्रकार की विडिओ ग्राफी करना अपराध की श्रेणी में नही आता है , वावजूद इसके डीएसपी सौम्य के द्वारा पत्रकारों पर थाने का विडिओ बनाने पर मुकदमे का आदेश जारी किया गया / क्यों ? इसके पीछे पूरी साजिस में वहा के एसएसपी अबिनाश की मंशा तो नहीं न है ? माननीय अदालत के द्वारा थानों को सार्वजिनक स्थानों में नहीं माने जाने के पारित आदेश के बावजूद डीएसपी ने किसके आदेश से थानों पर विडिओ ग्राफी करने वालो पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया है |
अबैध असलहे आरोपी के पास आये कहा से ? का खुलासा नहीं करते अबिनाश पाण्डेय
अबैध असलहे आरोपियों के पास कहा से आये ?क को लेकर मऊ में किये गये गये सवाल पर बतौर एसपी अबिनाश पाण्डेय ने ठीक अर्ने की धमकी ही नहीं दी बल्कि पत्रकार के द्वारा अबैध अस्पतालों को लेकर अपने एल आई यु के कर्मचारी से पत्रकार को धमकी भी दिलवाई जा चुकी है | बतौर एसपी अबिनाश पाण्डेय की अप्रत्यक्ष धमकियों को इग्नोर करने पर पत्रकर के खिलाफ तथ्य के बिपरीत मुकदमे कायम कराकर अविधिपूर्ण तरीके से उसको जेल में डाला जा चुका है |
अविधिपूर्ण गिरफ्तारी को अविनाश पाण्डेय के खिलाफ कंटेम्प्ट की याचिका है विचारधीन
एसपी अबिनाश पाण्डेय के द्वारा कानून की अवहेलना कर पत्रकारों और अधिवक्ताओ के खिलाफ सजा के लिए नही केवल परेशां करने के लिए पदीय अधिकारों की आड़ में पद का दुरूपयोग किया जाता है | इनके खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अवमानना याचिका संख्या १४४१/२०२४ विचाराधीन है |
सच बोलने और लिखने वाले पत्रकारों की खबरों से परेशांन लोगो से रंगदारी आदि का दर्ज करते है मुकदमा
आइपीएस अबिनाश पाण्डेय के काले और अविधिपूर्ण कारनामो का कोई पत्रकर खुलासा नही करें , को लेकर यह जहा भी जाते है सबसे पहले पत्रकारों को टारगेट करते है | इनके कार्यकाल में जनपद मऊ और पीलीभीत में दर्ज कराये गए मुकदमो की विवेचना की सीबीआई से जाँच करा दिया जाये तो इन साहब की अविधिपूर्ण कारनामो को उजागर होने से नही रोका जा सकता है |
डीएसपी सौम्या के वायरल फूटेज का खरी दुनिया नहीं करता समर्थन
मेरठ की डिप्टी एसपी सौम्य के वायरल फूटेज का खरी दुनिया समर्थन नहीं करता है लेकिन न्यायहित और समाजहित में इस वायरल फूटेज को देखते हुए वहा के एसएसपी अबिनाश पाण्डेय की पत्रकारों को लेकर डिवाइड एंड रुल की पालिसी से पत्रकारों को सावधान करता है | इस्नके खिलाफ माननीय उच्च न्यायायालय में विचाराधीन अवमानना की याचिका एक वानगी है |
बतौर एसपी अबिनाश ने पहले अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी, फिर अबैध दर्ज कराया मुकदमा
यह एसपी रहे अबिनाश पाण्डेय की पत्रकारों को लेकर जगजाहिर मंशा का यह उदहारण है| अबिनाश पाण्डेय ने जिले के गिरोहबंद बदमाश से मिलाकर मुकदमा दर्ज कराया था | इस आईपीएस ने जानबुझकर पत्रकार के खिलाफ केवल सच प्रकशित करने पर तीन मुकदमे दर्ज कराये गये जो तथ्यों के बिपरीत है और अदालत ने प्रोसेडिंग को स्थगित किया है |



