Market outlook : बाजार में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश के अच्छे मौके, इन चार थीम्स पर करें फोकस

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Market outlook : बाजार में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश के अच्छे मौके, इन चार थीम्स पर करें फोकस

Market outlook : बे कैपिटल के निकुंज दोशी का मानना ​​है कि मार्केट का मौजूदा दौर लंबे समय के इन्वेस्टमेंट के मौके दे रहा है। डॉलर और गोल्ड को ग्लोबल उतार-चढ़ाव के खिलाफ सबसे अच्छा हेज माना जाता है और जब तक जियोपॉलिटिकल टेंशन ज़्यादा रहेगा,ये मज़बूत बने रहेंगे

अपडेटेड

Feb 28, 2026

पर

1:56 PM

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Daily Voice : निकुंज दोशी ने कहा कोई भी नया डेवलपमेंट मौके और खतरे एक साथ लेकर आता है। हालांकि,जियोपॉलिटिकल कारणों से अभी के मंदी के माहौल को देखते हुए,इन्वेस्टर पहले खतरे देखेंगे और उसी हिसाब से काम करेंगे

Market outlook : बे कैपिटल में मैनेजिंग पार्टनर और CIO-PMS निकुंज दोशी कंज्यूमर,फाइनेंशियलाइजेशन,डिजिटल-फर्स्ट कंपनियां और IT आउटसोर्सिंग जैसे विषयों पर फोकस कर रहे हैं। उनका मानना ​​है कि ये थीम सेक्युलर हैं और वे इन पर फोकस बनाए रखना चाहिए। उनका यह भी मानना ​​है कि मार्केट का मौजूदा दौर लंबे समय के इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छे मौके दे रहा है। उन्होंने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि US डॉलर और सोना ग्लोबल उतार-चढ़ाव के खिलाफ सबसे अच्छे हेज माने जाते हैं और जब तक जियोपॉलिटिकल टेंशन बना हुआ रहेगा,तब तक इनके मजबूत बने रहने की संभावना है।

क्या आपको लगता है कि AI से होने वाली परेशानी टैरिफ और जियोपॉलिटिकल टेंशन जैसे दूसरे फैक्टर्स से ज़्यादा बड़ा रिस्क है?

AI में भारी इन्वेस्टमेंट हो रहा है। इसमें डेवलपमेंट भी बहुत तेज़ी से हो रहा है। अलग-अलग कंपनियों पर इन डेवलपमेंट के असर का अंदाज़ा लगाना सच में मुश्किल है। हालांकि,कोई भी नया डेवलपमेंट अलग-अलग मौकों के दरवाज़े भी खोलता है। हमें हर इंडस्ट्री और कंपनी पर इन डेवलपमेंट के असर को अलग-अलग एनालाइज़ करना होगा। टैरिफ और जियोपॉलिटिकल टेंशन के मामले में,इंडस्ट्रीज़ और कंपनियों पर इनके असर का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। लेकिन AI के मामले में इसे समझने में समय लगेगा।

क्या आपको लगता है कि AI नौकरियों, खपत और शहरी खर्च पर गंभीर असर डालेगा?

इंसानी इतिहास में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनके बारे में ज़्यादातर लोगों ने कयामत का अंदाज़ा लगाया था। जब कंप्यूटर आए तो सभी को डर था कि बड़े पैमाने पर नौकरियां चली जाएंगी। इसी तरह COVID के समय में भी सभी को डर था कि रिटेल इंडस्ट्री को बहुत बड़ा नुकसान होगा और वह कभी वापसी नहीं कर पाएंगी। लेकिन,इंसान कंप्यूटर से ज़्यादा इंटेलिजेंट हैं और नए मौके सामने आएंगे। आगे जॉब प्रोफ़ाइल बदलेंगे और लोगों को नए मौकों का फ़ायदा उठाने के लिए स्किल डेवलप करना होगा।

AI से जुड़ी चिंताओं और अर्निंग में दबाव को देखते हुए,क्या आप बाकी बचे कैलेंडर ईयर के लिए IT सर्विसेज़ स्पेस को लेकर सावधान हैं,लेकिन लंबे समय के लिए बुलिश हैं?

एक इंडस्ट्री जिसमें आने वाले समय में बहुत ज़्यादा अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है,वह है IT सर्विसेज़ इंडस्ट्री। IT सर्विसेज़ इंडस्ट्री के लिए मौकों का आकार और रूप बदलेगा और उन्हें नए डेवलपमेंट का फ़ायदा उठाने के लिए अपनी सर्विस ऑफ़रिंग में बदलाव करना होगा।

क्या आपको लगता है कि इंडियन IT सर्विसेज़ इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर बदलाव जारी रहेगा?

कोई भी नया डेवलपमेंट मौके और खतरे एक साथ लेकर आता है। हालांकि,जियोपॉलिटिकल कारणों से अभी के मंदी के माहौल को देखते हुए,इन्वेस्टर पहले खतरे देखेंगे और उसी हिसाब से काम करेंगे। इसलिए मेरा मानना ​​है कि आने वाले समय में इन्वेस्टर IT सर्विसेज़ सेक्टर पर अंडरवेट रहना चाहिए।

क्या PSU बैंक प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के मुकाबले सस्ते हैं?

बैंकिंग सेक्टर सबसे बुरे क्रेडिट कॉस्ट साइकिल से गुज़रा है और अब ज़्यादातर बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट ठीक कर ली है। PSU बैंकों का ज्योग्राफिकल फैलाव बेहतर है और वे रिटेल डिपॉज़िट जुटाने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। कैपेक्स साइकिल के बढ़ने के साथ,उनकी एसेट बुक में भी ग्रोथ होगी।

पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो PSU बैंकों ने एसेट क्वालिटी की वजह से प्राइवेट बैंकों के मुकाबले डिस्काउंट पर कोट किया है। लेकिन अब एसेट क्वालिटी में सुधार के साथ इनके वैल्यूएशन में अंतर कम होना चाहिए।

पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए अभी कौन सी थीम्स आपको अच्छी लग रही हैं?

हम कंज्यूमरिज्म,फाइनेंशियलाइजेशन,डिजिटल फर्स्ट कंपनीज और आई-आउटसोर्सिंग थीम्स पर फोकस कर रहे हैं। हमारा मानना ​​है कि ये थीम सेक्युलर हैं और हम इसी पर फोकस करते रहेंगे। AI से होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए हम उन कंपनियों की पहचान कर रहे हैं जो प्रोडक्टिविटी और एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल कर सकती हैं। मैन्युफैक्चरिंग और कस्टमर-फेसिंग कंपनियां, प्रोडक्शन,मार्केटिंग और सोर्सिंग में एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल कर सकती हैं। कई डिजिटल-फर्स्ट कंपनियों के वैल्यूएशन में तेज गिरावट आई है और हम निवेश के मौकों की तलाश करने के लिए उन पर करीब से नज़र रख रहे हैं।

क्या आपको कोई ऐसा ट्रिगर दिख रहा है जो मार्केट को कंसोलिडेशन से बाहर निकलने और नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने में मदद कर सके?

इन्वेस्टर्स को ग्रोथ और प्रेडिक्टेबिलिटी पसंद है। अगर कंपनियों का अर्निंग रफ्तार पकड़ती है तो मार्केट नई ऊंचाइयों को छुएगा। अभी,AI से होने वाली दिक्कतें और जियोपॉलिटिक्स ग्रोथ की विज़िबिलिटी को कमजोर करने वाले दो बड़े फैक्टर हैं। इसलिए,हमारा मानना ​​है कि मार्केट का मौजूदा फेज़ लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के मौके तलाशने का है। USD और गोल्ड को ग्लोबल वोलैटिलिटी के खिलाफ सबसे अच्छे हेज माना जाता है और जब तक जियोपॉलिटिकल टेंशन ज्यादा रहेगा ये मज़बूत बने रहेंगे।

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