Planets Parade 28 Feb 2026: आज फरवरी की आखिरी रात आसमान के प्रेमियों के लिए बहुत खास नजारा लेकर आ रही है। सूरज डूबने के बाद पश्चिम के आसमान में एक साथ 6 ग्रहों के एलाइनमेंट का दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा। आइए जानें भारत के किन शहरों में इसका शानदार नजारा देखने को मिलेगा
यह नजारा सूरज डूबने के लगभग 30 से 45 मिनट बाद शाम 6:15 बजे से रात 8:00 बजे के बीच दिखेगा।
Planets Parade 28 Feb 2026: फरवरी के महीने की शानदार शुरुआत के बाद अब बारी है इसके उतने ही शानदार अंत की। कैलेंडर के इस सबसे छोटे महीने की आखिरी शाम खगोल प्रेमियों के लिए दुर्भभ नजारा लेकर आ रही है। इस नजरे को आसमान के नजारों दिलचस्पी रखने वाले लोग सूरज डूबने के बाद पश्चिम के आकाश में देख पाएंगे। 28 फरवरी को, सूरज डूबने के तुरंत बाद आसमान में छह ग्रहों के एलाइनमेंट का शानदार नजारा दिखाई देगा। इसे ‘ग्रहों की परेड’ भी कहा जा रहा है।
एस्ट्रोनॉमर्स का कहना है कि इस अलाइनमेंट में बुध, शुक्र, गुरु, शनि, वरुण और अरुण ग्रह पश्चिमी क्षितिज के ऊपर एक हल्के आर्क में दिखेंगे। यह नजारा सूरज डूबने के लगभग 30 से 45 मिनट बाद, भारतीय समयानुसार लगभग शाम 6:15 बजे से रात 8:00 बजे के बीच शुरू होगा। हालांकि सही समय शहर के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकता है। इस खास और शानदार नजारे का पूरा लुत्फ उठाने के लिए साफ आसमान और पश्चिम दिशा में बिना रुकावट वाला आसमान होना जरूरी है।
भारत में ग्रहों की परेड कहां दिखाई देगी
यह अलाइनमेंट भारत के ज्यादादातर हिस्सों से दिखाई देगा, बशर्ते आसमान साफ रहे और इमारतें क्षितिज को ब्लॉक न करें। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में छतों या खुली जगहों से आसानी से देखा जा सकेगा। शहरी रोशनी में भी, ज्यादा चमकीले ग्रह दिखाई देंगे।
गहरा आसमान इस अनुभव को और बेहतर बनाएगा। यूरेनस और नेपच्यून जैसे धुंधले ग्रहों को उन जगहों पर ही आराम से देखा जा सकता है जहां चारों-ओर रोशनी न के बराबर हो। ये नजारा लद्दाख, ग्रामीण राजस्थान, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से और तटीय तमिलनाडु जैसे इलाकों में ज्यादा साफ नजर आ सकता है। चेन्नई के पास जवाधु हिल्स जैसी ऊंची जगहों से भी अच्छे नजारे दिख सकते हैं।
सूरज डूबने के बाद छह ग्रहों को कैसे देखें
सूरज डूबने के बाद सबसे पहले पश्चिम की ओर देखें। शुक्र सबसे चमकीला और सबसे नीचे नजर आएगा, तो बुध ग्रह पास में होगा लेकिन हल्का दिखेगा। शनि उनसे थोड़ा ऊपर दिखेगा। वहीं, बृहस्पति ग्रह आसमान में और ऊपर चमकेगा। यह ओरियन या जेमिनी जैसे तारामंडलों के पास दिख सकता है। तिरछा ऊपर की ओर स्कैन करने पर पूरा सीक्वेंस दिख सकता है। शुक्र, बृहस्पति, शनि और बुध ग्रह बिना किसी खगोलीय उपकरण के दिखाई देंगे। वरुण और अरुण ग्रह की चमक कम होने की वजह से उन्हें देखने के लिए दूरबीन या छोटे टेलिस्कोप की जरूरत होगी।
नासा के चंद्रा सोनिफिकेशन से आवाज आएगी
इस मौके को यादगार बनाने के लिए, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंजी नासा ने अपनी चंद्रा एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी के जरिए इस इवेंट को हाईलाइट किया। ऑब्जर्वेटरी ने जुपिटर, सैटर्न और यूरेनस के तीन नए सोनिफिकेशन रिलीज किए हैं। ये एस्ट्रोनॉमिकल डेटा को आवाज में बदलते हैं। यह प्रोजेक्ट अलाइनमेंट को अनुभव करने का अनूठा एहसास देगा।
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