–याची की विचाराधीन अर्जी यथाशीघ्र निपटाने का आदेश
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अभियुक्त के जमानत शर्तों का उल्लंघन कर फरार होने पर जमानतदार के खिलाफ कोर्ट से जारी वसूली वारंट पर रोक लगा दी है। और अदालत को वारंट के खिलाफ याची की 17 फरवरी 24 की लम्बित अर्जी यथाशीघ्र तय करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने थाना क्षेत्र झींझक, मुजफ्फरनगर के रामफल की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याचिका में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष अदालत गैंगस्टर एक्ट मुजफ्फरनगर द्वारा जारी वसूली वारंट को चुनौती दी गई थी।याची का कहना था कि उसे सुनवाई का मौका दिए बगैर यह आदेश जारी किया गया है। उसने अदालत में अर्जी दी है जिस पर अभी तक फैसला नहीं लिया गया है। याची ने अभियुक्त रेनू की जमानत दी थी। जो सुनवाई में सहयोग नहीं कर रही है। 21 मई 23 को अदालत ने याची के खिलाफ वसूली वारंट जारी कर दिया। तो याची ने अभियुक्त को हाजिर करने के लिए 15 दिन का समय मांगा। इस आशय की अर्जी दी है जो लंबित है।
कोर्ट ने सरकारी वकील से स्टेटस की जानकारी मांगी तो बताया गया कि अर्जी अभी भी विचाराधीन है। कोर्ट ने न्याय हित में अदालत को याची की अर्जी दोनों पक्षों को सुनकर तय करने का निर्देश दिया है, तब तक वसूली वारंट पर रोक लगा दी है।








