नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 29 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। एडिशनल सेशंस जज शीतला चौधरी प्रधान ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 16 जनवरी को जावेद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच की ओर से दो एफआईआर दर्ज होने के बाद ईडी ने अपनी जांच शुरु की थी। एफआईआर में कहा गया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने झूठी सूचना दी कि उसे नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) की ओर से मान्यता मिल चुकी है। ईडी ने कहा है कि उसने मनी लांड्रिंग कानून के तहत अल फलाह यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अनौपचारिक तौर पर जब्त कर लिया है।
जावेद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने 18 नवंबर, 2025 को गिरफ्तार किया था। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी लाल किला ब्लास्ट के बाद से ही जांच एजेंसियों के रडार पर था। लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से पाया गया जिसके बाद इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ जांच शुरु की गई। ईडी ने जावेद को टेरर फंडिंग और मनी लाउंड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था।
बता दें कि, लालकिला के पास 10 नवंबर को आई10 कार में ब्लास्ट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हो गए थे।
बता दें कि, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है जिसके बाद क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। यूजीसी की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया था।




