केजरीवाल और सिसोदिया की याचिका के खिलाफ सीबीआई पहुंची सुप्रीम काेर्ट, तीन कैविएट दाखिल

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नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से बरी करने के आदेश के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल याचिकाओं की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से दूसरे जज को ट्रांसफर करने की मांग करने वाली केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की मांग के बाद उच्चतम न्यायालय में तीन कैविएट दाखिल की हैं। सीबीआई ने कहा है कि केजरीवाल समेत दूसरे आरोपितों की याचिका पर सुनवाई करने से पहले उनका पक्ष सुने बिना कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाए।

दरअसल, केजरीवाल, सिसोदिया और दूसरे आरोपितों ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से बरी करने के आदेश के बाद सीबीआई और ईडी की ओर से दाखिल याचिकाओं की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से दूसरे जज को ट्रांसफर करने की मांग की है। इस मांग को दिल्ली उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद 11 मार्च को केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मांग की थी कि सीबीआई और ईडी की याचिकाओं को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की कोर्ट से दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए।

केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि अगर इस मामले पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच सुनवाई करती है, तो उनके मामले की निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। केजरीवाल ने पत्र में कहा था कि 9 मार्च को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने बिना उनका पक्ष सुने ही आदेश पारित कर दिया था और ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नहीं बताई गयी थी। पत्र में कहा गया था कि ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप मुक्त करने के आदेश पर रोक असाधारण परिस्थितियों में ही लिया जाता है लेकिन 9 मार्च के आदेश में ऐसा कुछ नहीं बताया गया है कि वे असाधारण परिस्थितियां क्या थीं। केजरीवाल ने कहा था कि सीबीआई की ओर से दायर याचिका में ईडी के मामले में भी आदेश पारित कर दिया गया जबकि उसमें ईडी पक्षकार भी नहीं था। केजरीवाल ने कहा था कि आम तौर पर इस तरह की याचिकाओं में जवाब दाखिल करने के लिए कम से कम चार से पांच हफ्ते का समय दिया जाता है लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

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बता दें कि 9 मार्च को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया था। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर किए गए प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दिया था। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया है कि वो दिल्ली आबकारी घोटाला मामले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग के मामले की आगे सुनवाई नहीं करें। 27 फरवरी को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि हजारों पेजों के चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर 2024 को तब रिहा हुए जब उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई के मामले में जमानत दी।

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