मुख्यमंत्री योगी ने बहराइच में 136 परिवारों को दिया तोहफा, बोले- जाति के नाम पर राजनीति करने वालों ने गरीबों का भला नहीं किया

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बहराइच में 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण

भगवान राम जी के अनुज भरत जी के नाम पर कालाेनी का नाम रहेगा भरतपुर

बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार काे जनपद बहराइच में मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों के 136 लाभार्थी परिवारों को वितरण किया। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को यह सब पहले ही मिल जाना चाहिए था, लेकिन जाति के नाम पर बाँटने वाले लोगों ने देश की जितनी अपूर्णनीय क्षति आजादी के बाद से लगातार की है, उसका खामियाजा यह देश लगातार भुगता है, लेकिन अब मोदीजी के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत के रूप में कार्य हो रहा है।

योगी आदित्यनाथ आज बहराइच जिले के सेमरहना में भरथापुर के विस्थापित परिवारों को संबोधित कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि जिन 136 परिवारों के 500 लोगों को पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया, आज उन्हें नया जीवन देने का कार्य हो रहा है। अब कोई भी गरीब, दलित, पिछड़ा या जनजातीय परिवार उपेक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि आज जो लोग पीडीए की बात करते हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए क्या ये मुन्नालाल मौर्य उसका हिस्सा नहीं हो सकता था? क्या ये भरतापुर के यादव उसके हिस्से नहीं हो सकते थे? क्या यहां का दलित उसका हिस्सा नहीं हो सकता था? क्या यहां के जनजातीय थारू समुदाय के लोगों को इसका अधिकार नहीं मिलना चाहिए था? उन्हाेंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए की तरह अगर कार्य पहले करने का प्रयास किया होता तो इन गरीबों और वंचितों को भी सुविधाएं मिलती और इनका पुनर्वास बहुत पहले हो गया होता।

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कौडियाला सरयू नदी हादसे के बाद जब गांव की स्थिति देखी, तो यह पाया कि ये लोग जंगल असुरक्षित हालात में रह रहे थे। बाघ, हाथी और तेंदुए का डर, तो दूसरी ओर नदी में मगरमच्छ और सांपों का खतरा था। यहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पक्के मकान हैं? उन्हाेंने प्रशासन को निर्देशित किया कि बन रही इस नयी कॉलोनी का नाम भरतपुर ही रखना सुनिश्चित करें। भरतापुर से अब भरतपुर इसका नाम ही रखना और ग्राम पंचायत भी वही रहे, लेकिन वहां पर इसका नाम भरतपुर रहे क्योंकि राम भगवान राम के जन्मदिन के एक दिन पहले जब भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस आए थे, उस समय अयोध्या का शासन भरतजी संभाल रहे थे। उन्होंने भाई से भाई के बीच प्रेम हाेने का उदाहरण प्रस्तुत किया था।

 

2017 के पहले था पहचान का संकट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कहीं माफिया का संकट, कहीं गुंडों का संकट, कहीं दंगाइयों का संकट और प्रदेश के बारे में धारणा ऐसी बनाई गई थी कि यहां विकास नहीं चाहिए। यहां पर तो जाति के नाम पर दंगाइयों को प्रश्रय दिया जाता है।

जाति के नाम पर बाँटने वाले लोग दंगाइयों को प्रश्रय देते थे

उन्होंने कहा कि आजकल नवरात्र चल रहे हैं । इस बार 26 और 27 मार्च को रामनवमी का आयोजन भव्यता के साथ होगा। 2017 के पहले सन्नाटा होता था, क्योंकि उपद्रव कहां हो जाए। इसकी लोगों को आशंका होती थी। जो लोग 2017 के पहले राम मंदिर का विरोध करते थे, वहीं लोग दंगाइयों को भी प्रश्रय देते थे और इन्हीं लोगों ने प्रदेश को लूटा, लेकिन इन गरीबों की चिंता उनको नहीं थी। सत्ता में रहते समय इन नेताओं के मन में गरीबों के लिए उनके मन में कोई संवेदना नहीं थी, यहाँ के भी जो पीड़ित और वंचित यादव थे, मौर्य और कुशवाहा जाति से जुड़े हुए लोग थे, जनजातीय समुदाय और दलित समुदाय से जुड़े हुए लोग थे, इनके बारे में उनकी संवेदना जाग सके, इन तक भी योजना का लाभ पहुँच सके, उन्होंने कभी देखने का प्रयास नहीं किया। इस कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारियाें के अलावा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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