👉 ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने के एक वृहद अभियान का हिस्सा : योगी आदित्यनाथ
👉 सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और शौर्य से युवा पीढ़ी को परिचित कराने में यह महानाट्य सशक्त माध्यम: डॉ मोहन यादव
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ के शुभारंभ के अवसर पर मध्यप्रेदश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में खास बॉन्डिंग दिखी। शुक्रवार शाम बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) परिसर में आयोजित महानाट्य स्थल से लेकर सर्किट हाउस परिसर में दोनों नेताओं का जबरदस्त बॉन्ड (आपसी तालमेल), शारीरिक भावभंगिमा, सहज बातचीत, आत्मीयता सोशल मीडिया में भी चर्चा का विषय रहा। खासतौर पर कार्यक्रम स्थल पर दोनों मुख्यमंत्रियों की सक्रिय सहभागिता और आपसी समन्वय ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके सियासी निहितार्थ भी निकाले जा रहे है।
‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने अधिकृत सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में तीन दिवसीय महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ की भव्य प्रस्तुति का साक्षी बना। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और शौर्य से युवा पीढ़ी को परिचित कराने में यह महानाट्य सशक्त माध्यम बन रहा है, जो लोकरंजन के साथ गौरवशाली इतिहास को भी जीवंत कर रहा है। हमारी सरकार की ओर से 1.01 करोड़ रूपये का ‘सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान’, 21 लाख रूपये का राष्ट्रीय सम्मान और 5-5 लाख रूपये का तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किए गए हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि बाबा विश्वनाथ की पावन धरा काशी में राष्ट्रनायक सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा पर आधारित भारत के स्वाभिमान, नवजागरण और विकास की यात्रा के उत्सव ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह महानाट्य नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने के एक वृहद अभियान का हिस्सा भी है।———–









