कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के उस आरोप को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि उनकी पार्टी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से धन मिल रहा है।
कोलकाता के उत्तरी उपनगर दमदम में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में ओवैसी ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अगर ऐसा है तो मैं 90 प्रतिशत धन तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी को दे दूंगा, पांच प्रतिशत खुद रखूंगा और बाकी पांच प्रतिशत अपने भाई हुमायूं कबीर को दे दूंगा।
इस दौरान हुमायूं कबीर भी मौजूद थे, जिन्होंने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित होने के बाद अपनी नई राजनीतिक पार्टी आम आदमी उन्नयन पार्टी का गठन किया है।
ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी और आम आदमी उन्नयन पार्टी के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का समझौता हुआ है। दोनों दल राज्य की कई सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक है।
तृणमूल कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या 2016 में भाजपा के केवल तीन विधायकों से बढ़कर 2021 में 77 विधायक होने में उनकी कोई भूमिका थी। उन्होंने कहा कि क्या यह मैंने किया है? क्या मैं इतना शक्तिशाली हो गया हूं?
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अपनी वास्तविक राजनीतिक ताकत को ध्यान में रखकर ही चुनाव लड़ रही है।
इस अवसर पर ओवैसी ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि लगातार चुनाव जीतने के बावजूद राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय का अपेक्षित विकास नहीं हुआ है।——–




