कागज पर सड़क! 27 लाख गए डकार, अब लटकी तलवार

– 1.95 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत हुए थे 27 लाख

– जिलाधिकारी ने पीडब्लूडी के जिम्मेदार तीन अधिकारियों के विरूद्ध प्रदेश सरकार को लिखा पत्र

मीरजापुर। जमीन पर भ्रष्टाचार की उखड़ती परते योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस की याद दिला रही हैं। नगर विधानसभा मीरजापुर के कोन विकास खंड में पीडब्लूडी विभाग की ओर से बनाई गई 1.95 किलोमीटर की सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की। विभागीय जांच में फर्जी सड़क बनाने की बात सही पाई गई। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने जिम्मेदार तीन अधिकारियों के विरूद्ध प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है।

चिंदलिक से टेढ़वा तक एक किलोमीटर और मल्लेपुर से यादव बस्ती में 0.95 किलोमीटर सड़क पास हुआ। निर्माण कार्य के लिए 27 लाख रुपए की स्वीकृति भी हो गई। 24 जून 2021 को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसका शिलान्यास किया था और सड़क के किनारे शिलापट्ट भी लगा दिया लेकिन अधिकारियों ने कागज पर ही सड़क निर्माण कार्य को पूरा दिखा दिया। इस कार्य में विभागीय अधिकारियों ने ठेकेदार का भरपूर सहयोग किया और सड़क बने बिना ही भुगतान भी कर दिया।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि 2021-22 में दोनों संपर्क मार्ग का निर्माण स्वीकृत किया गया था। जांच में शिकायत सही पाई गई। सड़क निर्माण हुए बिना ही भुगतान करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता संतोष कुमार, सहायक अभियंता सुशील कुमार और अधिशासी अभियंता सुनील दत्त जिम्मेदार हैं। इन सभी पर कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को पत्र भेजा है।

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