तेहरान ने अमेरिका के साथ नए वार्ताओं में शामिल होने पर निर्णय नहीं लिया
डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि प्रतिनिधिमंडल “कल रात” पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ वार्ताओं के लिए जाएगा। यह कदम क्षेत्रीय तनाव को कम करने और ईरान-इज़राइल संघर्ष के बीच मध्यस्थता बनाने की पहल हो सकता है।
ईरान और इज़राइल के बीच हाल के दिनों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान को वार्ता के लिए एक संभावित मंच के रूप में चुना है। तेहरान फिलहाल इस बातचीत में भाग लेने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नही किया है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति में अनिश्चितता बनी हुई है।
पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में भूमिका निभाने की इच्छा जताई है, क्योंकि इस्लामाबाद दोनों पक्षों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, ईरान की अंतिम प्रतिक्रिया और वार्ता की सफलता अभी स्पष्ट नहीं है।
यह वार्ता क्षेत्र की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पिछले महीनों में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ी घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा में खलबली मचा दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की भूमिका कूटनीतिक प्रयासों को एक नई दिशा दे सकती है, लेकिन इसके लिए तेहरान का सकारात्मक रुख आवश्यक होगा। इस वार्ता की प्राप्तियों पर वैश्विक नजरें टिकी हुई हैं।






