नितिन गडकरी ने राजनीति में जाति को किया खारिज, कहा – ‘जो करेगा जाति की बात, उसे कसकर मारूंगा लात’
Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक सभा में कहा कि भारत और दुनिया भर में कम्यूनिस्ट विचारधारा को कोई नहीं मानता। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़के, पानी, बिजली और टेलीकम्युनिकेशन के संसाधन से गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने जाति आधारित राजनीति की कड़ी आलोचन की है और कहा कि धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करते
Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वो अपनी शर्तों पर राजनीति करते हैं। भले ही इसके लिए मंत्री पद गंवाना पड़े।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को नागपुर में सेंट्रल इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने समानता के महत्व पर जोर दिया और जाति आधारित राजनीति को सिरे से खारिज कर दिया। गडकरी ने नागपुर में कहा कि वो धर्म और जाति की बातें सार्वजनिक रूप से नहीं करते। उनका मानना है कि लोग समाज सेवा को सबसे ऊपर रखते हैं। गडकरी ने पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान कही अपनी बात याद करते हुए कहा कि जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा लात।
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे चुनाव हार जाऊं या मंत्री पद चला जाए, वो अपने इस सिद्धांत पर अटल रहेंगे। गडकरी ने एक अल्पसंख्यक संस्थान के दीक्षांत समारोह में ये बात कही। गडकरी ने कहा कि वो शर्तों के साथ राजनीति करते हैं। भले ही इसके लिए मंत्री पद गंवाना पड़े। अब उनकी इन बातों के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
कौन मुझे वोट देगा, मुझे कोई चिंता नहीं – गडकरी
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि हम कभी भी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं। मैं राजनीति में हूं और यहां कई तरह की बातें होती रहती हैं। लेकिन मैंने अपने तरीके से काम करने का फैसला किया है। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि कौन मुझे वोट देगा। उन्होंने आगे कहा कि मेरे दोस्तों ने कहा कि तुम्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। लेकिन मैंने जीवन में इसी सिद्धांत पर चलने का निश्चय किया है। चुनाव हारने या मंत्री पद न मिलने से मैं मर थोड़े ही जाऊंगा। गडकरी ने कहा कि किसी व्यक्ति का मूल्य उसकी जाति, धर्म, भाषा या लिंग के बजाय उसके गुणों से निर्धारित होती है। उन्होंने कहा कि मुझसे कई लोग अपनी जातिगत पहचान के आधार पर संपर्क करते थे। लेकिन वे अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे।
#WATCH | Maharashtra | Addressing an event in Nagpur, Union Minister Nitin Gadkari says, “… A person is not known by their caste, sect, religion, language or sex, but only by their qualities. That is why we will not discriminate against anyone based on caste, sect, religion,… pic.twitter.com/q3XbRhjSnS
— ANI (@ANI) March 16, 2025
गडकरी ने अब्दुल कलाम का किया जिक्र
गडकरी ने आगे कहा कि मैंने उन सबसे 50,000 लोगों में कह दिया कि जो करेगा जाति की बात, उसके कस के मारूंगा लात। वहीं केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब अब्दुल कमाल न्यूक्लियर साइंटिस्ट बने तो उन्होंने ऐसा काम किया कि आज उनका नाम सिर्फ अपने देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर हैं।
गडकरी ने यह भी याद किया कि जब वह एमएलसी थे। तब उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज की अनुमति अनजुमन-ए-इस्लाम संस्थान को दी थी। उन्हें लगा कि “उन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है.” उन्होंने कहा, “अगर मुस्लिम समुदाय से ज्यादा इंजीनियर, आईपीएस और आईएएस अधिकारी बनते हैं, तो सभी का विकास होगा। हमारे पास पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण है।
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