देवरिया में 11 मार्च को होगा “क्रिएटर्स महाकुम्भ”, देश के चर्चित कंटेंट क्रिएटर्स युवाओं को देंगे टिप्स

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देवरिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्वांचल के युवाओं को डिजिटल माध्यमों में उपलब्ध रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना है। यह बातें जागृति के प्रोग्राम मैनेजर मनीष बजाज़ व असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर अनुराग तिवारी ने शहर स्थित कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।

उन्होंने बताया कि जागृति उद्यम केंद्र– पूर्वांचल के तत्वावधान में 11 मार्च को “क्रिएटर्स महाकुम्भ” का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगा। जिसमें देश के चर्चित डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स युवाओं को कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन देंगे।

अनुराग तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसकी बारीकियों और संभावनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। इसी को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अनुभवी क्रिएटर्स अपने अनुभव साझा कर युवाओं को सही दिशा दे सकें।

कार्यक्रम में नीतीश कुमार राय (पटना), विशाल सोनकर उर्फ फट्टेबाज (लखनऊ), विशाल चौरसिया (दिल्ली), दिव्यांशु तिवारी (लखनऊ), मिथिलेश दुबे (लखनऊ), विजित सिंह और स्वप्निल श्रीवास्तव जैसे चर्चित कंटेंट क्रिएटर्स शामिल होंगे। ये सभी अपने अनुभव साझा करेंगे और बताएंगे कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कैसे रचनात्मकता को करियर में बदला जा सकता है।

नीतीश कुमार राय के सोशल मीडिया पर करीब 1.76 मिलियन फॉलोअर्स हैं और वे युवाओं के बीच लोकप्रिय कॉमेडी वीडियो के लिए जाने जाते हैं। वहीं विशाल सोनकर उर्फ फट्टेबाज के करीब 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो दोस्तों के बीच होने वाले मजाक और हल्की-फुल्की घटनाओं को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करते हैं। विशाल चौरसिया के लगभग 2.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं और उनका पॉडकास्ट काफी चर्चित है, जिसमें आध्यात्म, संस्कृति और सामाजिक विषयों पर आधारित चर्चाएं होती हैं।

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इसके अलावा दिव्यांशु तिवारी और मिथिलेश दुबे भी अपने विशिष्ट कंटेंट के लिए सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं। विजित सिंह कहानियों को अलग अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं, जबकि स्वप्निल श्रीवास्तव समाचारों के विश्लेषणात्मक कंटेंट के लिए पहचाने जाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित क्रिएटर्स अपनी सफलता की कहानी साझा करने के साथ युवाओं को कंटेंट क्रिएशन से जुड़े व्यावहारिक टिप्स देंगे। साथ ही विशेषज्ञों के साथ पैनल चर्चा भी आयोजित होगी, जिसमें कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।

मनीष बजाज ने बताया कि दोपहर बाद कार्यक्रम के दूसरे सत्र में रील मेकिंग और कंटेंट क्रिएशन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं को देश के प्रसिद्ध क्रिएटर्स द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अपने हालिया बजट में 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रावधान किया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में लगभग 20 लाख रोजगार सृजित करना है। जागृति का मानना है कि यह कार्यक्रम युवाओं को नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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