मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में अब किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक नया रास्ता खुलता नजर आ रहा है। जनपद में तालाबों और जल स्रोतों की भरपूर उपलब्धता को देखते हुए मखाना की खेती की अपार संभावनाएं बताई जा रही हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी में उद्यान विभाग द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न विकास खंडों से करीब सौ किसानों ने भाग लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि मखाना आज सुपर फूड के रूप में पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। भारत में इसका सबसे अधिक उत्पादन बिहार में होता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी तालाबों और अन्य जल स्रोतों में मखाना और सिंघाड़ा की खेती कर किसान अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने किसानों को मखाना की खेती के लिए तालाब में जल प्रबंधन, रोग और कीट नियंत्रण तथा बुवाई की आधुनिक तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी।
वहीं जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि सरकार किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपये तक का अनुदान दे रही है। साथ ही मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत तालाब की खुदाई पर भी अनुदान की सुविधा उपलब्ध है।
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे इस योजना से जुड़कर मखाना की खेती अपनाएं और अपनी आय में बढ़ोतरी करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।




