मऊ। जिले में पशुओ के लिए बनाये गए अस्थाई आश्रय स्थलों में मौजूद पशुओ के रखरखाव में जिम्मेदारो के द्वारा मनमानी की जा रही है। हालत ऐसे है कि उन्हें शुद्ध पेय जल तक नहीं दिया जा रहा, हरे चारे कि तो बात दूर की है। यह खुलासा कोई और नहीं मुख्यविकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव द्वारा बुधवार को ने विकास खंड परदहा में बने अस्थाई आश्रय स्थलो के निरीक्षण में खुलासा हुआ है। सीडीओ के निरीक्षण में आश्रय स्थलों में साफ सफाई, चारे और पेयजल व चुनी चोकर की मात्रा पाई गई। आश्रय स्थलों में पशुओ के रखरखाव और उनको भूसा, हरे चारे, चुनी चोकर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विभागीय सूत्रों के अनुसार मुख्य विकास अधिकारी ने वुधवार को विकास खंड परदहा में बने अस्थाई आश्रय केन्द्रो का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ को पशुओ को भूसा, चुनी चोकर, हरे चारे पेय जल में बड़े पैमाने खामिया मिली। सीडीओ को को आश्रय स्थलों के निरीक्षण में अभिलेखों का रखरखाव भी ठीक नहीं पाया गया। सीडीओ ने सभी खामियों को को जल्द से जल्द दूर करने का आदेश दिया ।
इसके अलावा चुनी चोकर निर्धारित मात्रा में न देने तथा गौबंशो में पानी साफ सुथरा न पिलाने एवं समरसेबल खराब होने पर उसको ठीक करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान भूसा कम पाए जाने व केयर टेकर द्वारा लापरवाही से कार्यो को करने आदि के लिए ग्राम प्रधान व सचिव को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सही कराकर दूसरे दिन अभिलेखों को प्रस्तुत करने का निर्देश दिए गए अन्यथा लापरवाही के तहत कार्यवाही की चेतावनी दी।




