तहसील में हंगामा : लेखपाल को बंधक बनाने की कोशिश, एसडीएम कोर्ट में घुसकर बचाई जान

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मीरजापुर। मड़िहान तहसील परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रैकरी गांव से पहुंचे करीब तीन सौ ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल को घेरकर बंधक बनाने का प्रयास किया। हालात इतने बिगड़ गए कि लेखपाल को अपनी जान बचाने के लिए उपजिलाधिकारी के कोर्ट रूम में शरण लेनी पड़ी।

बताया गया कि रैकरी गांव में शौचालय के नाम दर्ज करीब 5.055 हेक्टेयर (लगभग 19.96 बीघा) जमीन पर ग्राम प्रधान ऊषा देवी के पति रामकेश बिंद द्वारा पक्का मकान बनाया जा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर उपजिलाधिकारी ने लेखपाल मनोज कुमार सिंह को जांच के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसडीएम के निर्देश पर शनिवार रात पुलिस बल भेजकर निर्माणाधीन मकान की छत की ढलाई रुकवा दी गई।

इसी कार्रवाई से नाराज होकर सोमवार को प्रधान पक्ष के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला व पुरुष तहसील पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि भीड़ ने लेखपाल को पकड़कर बंधक बनाने की कोशिश की और उनके हाथ से जरूरी दस्तावेज छीनकर फाड़ दिए।

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मौके पर मौजूद अन्य लेखपालों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से छुड़ाया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। जान का खतरा महसूस होने पर लेखपाल सीधे एसडीएम कोर्ट में घुस गए, तब जाकर उनकी जान बच सकी।

लेखपाल ने बताया कि इसी जमीन पर कब्जे को लेकर लगभग चार वर्ष पहले भी 135 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, जो अभी न्यायालय में लंबित है।

उपजिलाधिकारी अनेग सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि लेखपाल के साथ बदसलूकी और सरकारी दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मड़िहान थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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