मऊ। आजमगढ़ जनपद मे क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के पद पर तैनात बीरेंद्र कुमार के द्वारा विभाग के अस्पताल को निजी व्यक्ति के द्वारा कब्जा किये जाने की सुचना के बावजूद डीएम आजमगढ़ की जाँच मे दोषी क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के खिलाफ सरकार के द्वारा विधिक और विभागीय कार्यवाही किये जाने के बदले उनका स्थानांतरण कर मऊ जिले मे भीपदीय अधिकारों की आड़ मे सरकार को नुकसान पहुंचाने के लिए अवसर दिए जाने की खबर हैँ।
जिलाधिकारी आजमगढ़ ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी आजमगढ़ को अपने कार्यों के प्रति लापरवाह एवं उदासीन करार देते प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिख क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी के द्वारा पदीय दायित्वों का ठीक ढंग से सम्यक निर्वहन नहीं किये जाने का भी आरोप लगाया गया हैँ। डीएम ने लिखा हैँ कि उनके कार्यालय के पैरा संख्या 5982/ ओ0 एस 0 डी 0-9 दिनांक 3/11/2025को कारण बताओ नोटिस संख्या 322/पी 0ए0-ए/ एडीएमई / 2025दिनांक 9 नवम्बर, 2025 तथा उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी लालगंज की संयुक्त जांच आख्या पत्र संख्या 1505/ ब्यक्तिक सहायक दिनांक 13/11/2025कीछाया प्रति सलग्न कर इस अनुरोध के साथ भेजा जा रहा हैँ कि कृपया डॉक्टर बीरेंद्र कुमार क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के विरुद्ध उक्त लापरवाही / दुरभिसन्धि के लिए निलंबित कर्वीभागीय कार्यवाही करने या उनका स्थानांतरण कर उनके स्थान पर किसी सुयोग्य अधिकारी को तैनात करने का कष्ट करें, ताकि प्रश्नगत वाद मे प्रभावी पैरवी का विभाग / अस्पताल के हित मे आवश्यक कदम उठाया जा सके ।

उधर जिलाधिकारी आजमगढ़ के द्वारा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी बीरेंद्र कुमार पर लगाए गए आरोपों के बाबत उनका पक्ष जानने के लिए ज़ब खरी दुनिया ने उनके मोबाइल पर रिंग कर जानकारी देने का आग्रह किया गया तो उन्होंने बताया कि एडीएम के द्वारा विभाग के अस्पताल की जमीन को 6(2) श्रेणी का बताये जाने के कारण, उनके द्वारा अदालत मे अस्पताल भूमी पर कब्जा जमाये व्यक्ति द्वारा योजित वाद मे पार्टी बनकर अपना पक्ष रखने की बात कही गई ।










