नई दिल्ली। केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा है कि हिन्दू देवी-देवताओं और विनायक सावरकर पर पत्रकार राणा अय्युब की ओर से किए गए पोस्ट पर कार्रवाई नहीं करने पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ को भारत में मिली सुरक्षा हटाई जा सकती है। इसके बाद जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव ने मामले की अगली सुनवाई 19 मई को करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सितंबर और दिसंबर 2025 में एक्स से आग्रह किया था कि राणा अय्युब के पोस्ट को हटाएं। उन्होंने कहा कि जनवरी, 2025 में साकेत कोर्ट ने राणा अय्युब के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस की नोटिस और कोर्ट के आदेश के बाद एक्स को वो पोस्ट हटा देना चाहिए था। ऐसे में उसे भारत में सुरक्षा कैसे दी जा सकती है।
सुनवाई के दौरान एक्स की ओर से कहा गया कि वो कोई सरकार नहीं है कि उसके खिलाफ रिट याचिका दायर की जा सकती है। याचिका राणा अय्युब के खिलाफ दायर होनी चाहिए थी। दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत हटाने का नोटिस दे सकती थी।
सुनवाई के दौरान राणा अय्युब की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। तब हाईकोर्ट ने राणा अय्युब को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके पहले 8 अप्रैल को हाईकोर्ट ने पत्रकार राणा अय्युब के हिन्दू देवी-देवताओं और विनायक सावरकर पर 2013 से लेकर 2017 के बीच किए गए पोस्ट पर कड़ा एतराज जताया था। कोर्ट ने कहा था कि राणा अय्युब के ट्वीट अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक हैं। हाईकोर्ट ने इसके लिए दिल्ली पुलिस और एक्स के खिलाफ जरुरी कार्रवाई करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की जरुरत है। कोर्ट ने कहा कि एक्स, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार समन्वय से काम करे।
याचिका अमिता सचदेवा ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने इसके पहले साकेत कोर्ट में याचिका दायर की थी। साकेत कोर्ट ने राणा अय्युब के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए दिल्ली पुलिस को जांच करने का आदेश दिया था। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि जिन ट्वीट को लेकर याचिका दायर की गई है वो अब एक्स पर मौजूद नहीं हैं। अमिता सचदेवा ने याचिका दायर कर कहा है कि राणा अय्युब ने हिन्दू देवताओं राम और सीता, वीर सावरकर और हिन्दू राष्ट्रवाद और भारत विरोधी भावनाओं को प्रदर्शित करने का काम किया है। कहा है कि वो सनातन धर्म की अनुयायी हैं। जब उन्होंने राणा अय्युब का ट्वीट देखा तो उन्हें काफी आघात लगा। अपनी याचिका में अमिता सचदेवा ने राणा अय्युब के 2013 से 2017 के बीच के सात ट्वीट का उल्लेख किया है।









