Category: मऊ

  • एसपी ने दीवानी परिसर का किया औचक निरीक्षण, खामियों के निस्तारण को दिया निर्देश

    एसपी ने दीवानी परिसर का किया औचक निरीक्षण, खामियों के निस्तारण को दिया निर्देश

    मऊ। पुलिस अधीक्षक इलामारन जी द्वारा सोमवार को दीवानी कचहरी परिसर की सुरक्षा ब्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान एसपी ने वहा पर मौजूद सीसी टीवी कैमरे आदि की स्थिति को जांचा।


    उल्लेखनीय है कि बीते २८ फरवरी २०२४ को समय करीब १२;२० बजे दीवानी कचहरी की सुरक्षा ब्यवस्था को कुछ वाहनो के साथ घुसे असलहेधारियों को पुलिस की हिरासत से एक अधिवक्ता द्वारा समूह मे आकर असलहेधारी बदमाशों को छुड़ा लिया गया था।

    मामले मे पुलिस ने दो सौ अधिवक्ताओं समेत २०५ लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। तहरीर के मुताबिक एक अधिवक्ता द्वारा पुलिस की हिरासत से असलहेधारी बदमाशों को छुड़ाने का अपराधिक कृत्य किया गया है। इसी अधिवक्ता के यहा ये असलहेधारी आये थे, जिन्होने दीवानी परिसर की सुरक्षा मे लगे सुरक्षा गार्ड की बिना सहमति के जबरदस्ती दीवानी कचहरी मे प्रवेश किया।

    मामले की पुलिस विवेचना कर रही है। देखना है तहरीर के मुताबिक उस अधिवक्ता को पुलिस विवेचना दौरान उसको आरोप से मुक्त करती है या फिर सीसी टीवी और प्रत्यक्षदर्शी मुकदमवादी के अनुसार उस अधिवक्ताओं को आरोपित किया जाता है?। सोमवार को पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने दीवानी परिसर मे मौजूद सुरक्षा ब्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान एसपी ने खामियों को दूर करने के लिए संबंधित कर्मचारी को जरूरी निर्देश दिये जाने की बात कही है।

  • गाजीपुर मे बस हादसे के मृतको के परिजनों को ५-५ लाख और घायलों के इलाज के साथ ५०-५० हजार की सरकारी सहायता

    गाजीपुर मे बस हादसे के मृतको के परिजनों को ५-५ लाख और घायलों के इलाज के साथ ५०-५० हजार की सरकारी सहायता

    मऊ। गाजीपुर के महारे गाव मे सोमवार को बारात लेकर जा रही बस को हाई टेंशन तार की चपेट मे आने के कारण मरे लोगो के परिजनों को और घायलों को सरकार की तरफ से राहत की घोषणा की गई है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के फेसबुक वाल के मुताबिक सीएम ने घटना मे असमय मरे लोगो के परिजनों को फ़ौरी तौर पर राहत पहुंचाने मे असमय काल के गाल मे समाये लोगो के परिजनों को ५-५ लाख रुपये और घायलों को मुफ्त इलाज के साथ ५०-५० हजार रुपये की घोषणा की गई है।

  • गाजीपुर मे बारातियों से भरी बस आई हाई टेंशन तार की चपेट मे, २५ की मौत,

    गाजीपुर मे बारातियों से भरी बस आई हाई टेंशन तार की चपेट मे, २५ की मौत,

    मऊ/गाजीपुर। जनपद गाजीपुर के महारे स्थित मंदिर मे शादी को बस से बारात साथ जा रहे २५ लोगो की बस को हाई टेंशन तार के निचे आने मौत हो गई। बारात मे शामिल अधिकांश के मऊ जिले का निवासी बताया जा रहा है। मृतक बस मे सवार थे।


    पुलिस सूत्रों के अनुसार गाजीपुर जनपद के महारे शिव मंदिर मे शादी को बस मे सवार बारातियों की बस उपर से जा रहे हाई टेंशन तार की चपेट मे आ गई, जब तक सभलते बस आग का गोला बन गई और उसमे रखे साजो समान समेत बाराती जलने लगे।

    फिलहाल इस मामले मे किसी अफसर की अधिकृत सूचना खरी दुनिया के पास नही लेकिन मौके पर पुलिस के साथ इलाकाई लोगो की मौजूदगी है। बारातियों मे शामिल मऊ के खिरिया काझा के निवासी बताये जा रहे है

  • मऊ के घोसी से भाजपा गठ -बंधन द्वारा अरविन्द राजभर को उम्मीदवार बनाये जाने की खबर पर संशय !

    मऊ के घोसी से भाजपा गठ -बंधन द्वारा अरविन्द राजभर को उम्मीदवार बनाये जाने की खबर पर संशय !

    — भाजपा के स्थानीय वरिष्ठ नेता मुन्ना दुबे द्वारा अरविन्द राजभर को भाजपा गठबंधन द्वारा उम्मीदवार बनाये जाने के बारे मे किसी सूचना से इनकार खोल रही ओपी राजभर की राजनीति की पोल

    मऊ। लोक सभा चुनाव के लिए घोसी सीट से सुभासपा के अरुण राजभर द्वारा अरविन्द राजभर को NDA गठबंधन द्वारा उम्मीदवार घोषित किये जाने को लेकर ट्वीटर पर बधाई जारी कर अप्रत्यक्ष रूप अरविन्द को भाजपा संगठन द्वारा उन्हे उम्मीदवार बनाये जाने के किये गये खुलासे पर सवाल उठना शुरु हो गया है। स्थानीय भाजपा नेता के ब्यान ने अरविन्द को घोसी से उम्मीदवार बनाये जाने पर दी गई बधाइयो पर संदेह पैदा कर दिया है।

    उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सुभासपा के ओपी राजभर द्वारा घोसी समेत दो सीटों को लेकर बात करते हुए मऊ की घोसी लोकसभा सीट पर खुद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा की ही जा रही थी कि अगले दिन सुभासपा के अरुण राजभर द्वारा अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से घोसी लोकसभा सीट पर अरविन्द राजभर को भाजपा गठ बंधन द्वारा उम्मीदवार बनाये जाने पर बधाई जारी कर टिकट की लाइन मे खड़े कई दिग्गजो की सांसे अटका दी गई।

    खरी दुनिया से लेकर कई मीडिया घरानो ने ओपी राजभर के ब्यान के साथ खबर भी प्रसारित की। मजे कि बात यह रही कि लोकसभा चुनाव के लिए घोसी सीट से अरविन्द को उम्मीदवार बनाये जाने की घोषणा / बधाई केवल सुभासपा के लोगो के द्वारा ही की जा रही थी। कही किसी भाजपाई द्वारा अरविन्द के नाम पर हामी नही प्रदर्शित की जा रही थी।

    इसी बींच मीडिया से बातचीत मे भाजपा के स्थानीय नेता मुन्ना दूबे द्वारा अरविन्द को घोसी लोक सभा सीट पर उम्मीदवार बनाये जाने की पार्टी की किसी अधिकृत सूचना से इनकार ने सियासी पारा गर्म कर दिया है

  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरुकता का आभावः डॉ संजय सिंह

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरुकता का आभावः डॉ संजय सिंह



    रोटरी क्लब, शारदा नारायण हास्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में हुआ स्वास्थ्य संवाद
    -खीरीकोठा मधुबन में निःशुल्क शिविर का आयोजन में 783 की जांच कर दी गई दवाएं
    मऊः रोटरी क्लब, शारदा नारायण हास्पिटल, जननायक चंद्रशेखर हास्पिटल राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत एवं घोसी नव निर्माण मंच के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को खीरीकोठा मधुबन बाजार में रविवार को स्वास्थ्य संवाद तथा वृहद निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य संवाद में लोगों को बीमारियों के बारे में जागरुक किया गया। इस दौरान आयोजित शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 783 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा ब्लड जांच, शुगर, बीपी, सांस की निःशुल्क जांच सहित दवाओं का वितरण किया गया।
    इस अवसर पर निदेशक शारदा नारायण हास्पिटल, प्रसिद्व चिकित्सक डॉ संजय सिंह ने कहा कि ग्राम्यांचल में स्वास्थ्य को लेकर अभी बहुत सी भ्रांतियां हैं। स्वास्थ्य जागरुकता के आभाव में ग्रामीण मरीज बेहतर सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। जनपद में इस कमी को पूरा करने के लिए रोटरी क्लब और जननायक चंद्रशेखर हास्पिटल के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर निःशुल्क चिकित्सा शिविर व स्वास्थ्य संवाद का आयोजन किया जा रहा है जिससे लोगों को बीमारियों के बारे में जागरुक किया जा सके। रोटरी क्लब अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि असहाय व निशक्त लोगों की मदद के लिए रोटरी क्लब सतत प्रयासरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सेहत के लिए जागरुक करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनपद के सभी क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जननायक चंद्रशेखर हास्पिटल के प्रशासनिक निदेशक अरुण कुमार सिंह बताया कि सरकारी दर पर ही ग्रामीण गरीबों के लिए जननायक में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर रोटरी सचिव सौरभ बर्नवाल, राष्ट्रीय पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह, गुणवत्ता प्रबंधक सुष्मिता सिंह, डॉ राहुल कुमार, डॉ रेहान, डॉ सरिता, डॉ नेहा मौर्या, डॉ एससी तिवारी, डॉ अजय सिंह, राकेश अग्रवाल, डॉ एस खालिद, डॉ आनंद मोहन सहित दर्जनों लोगों ने सक्रिय प्रतिभाग किया।

  • सुभासपा राजभर समाज की पार्टी नही होकर अब बाप बेटा की पार्टी है: रामजीत


    मऊ। सुभासपा, राजभर समाज की पार्टी न होकर केवल बाप बेटा की पार्टी है। यह कहना सुभासपा के बागी नेता रामजीत राजभर का है। मीडिया से बातचीत मे रमजीत ने सुभासपा के ओपी राजभर से कई सवाल भी किये है।


    राम जीत राजभर ने मीडया से बातचीत मे कहा की घोसी लोकसभा सीट से भाजपा गठबंधन ने सुभासपा के अरविन्द राजभर को टिकट दिया है और यह टिकट उनके खाते गया है तो वे चुनाव लड़े, लेकिन वे किस मुँह से जनता के बींच वोट मांगने जाएंगे? उन्होंने सवाल किया कि क्या वे योगी बाबा को मठ पर वापस भेजनें की धमकी दिये थे, बाजा बजवाने की धमकी दिये थे, क्या इसी के नाप पर वह जनता से मत मांगेगे ?

    उन्होंने कहा की सुभसपा राजभर समाज की पार्टी नही होकर अब बाप बेटा की पार्टी है।

  • अमेठी से भाग रहे राहुल, ललकार रही भाजपा

    अमेठी से भाग रहे राहुल, ललकार रही भाजपा

    मऊ/लखनऊ। कांग्रेस की पहली सूची में ही राहुल गांधी को वायनाड से टिकट मिलने और नेहरू गांधी परिवार की पारिवारिक सीट रायबरेली और अमेठी पर उम्मीदवार की घोषणा नही होने से चचा्र्रओ का बाजार गरम हो गया है। दूसरी तरफ भाजपा नेता बार-बार उन्हें अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए चुनौती दे रहे हैं।

    राजनीतिक गलियारों से छन कर आ रही खबरों के मुताबिक राहुल गांधी नेहरू के पारिवारिक सीटों से चुनाव लड़ना नहीं चाह रहे है ,जबकि उप्र कांग्रेस बार-बार उन्हें यहां लाने का प्रयास कर रही है। राहुल को अमेठी से चुनाव नही लडने के पीछे के कारणों में पिछली बार के चुनाव में उनके हाथ लगी बड़ी हार है जिसने उन्हें हिलाकर रख दिया है। पिछली बार के चुनाव में राहुल बसपा और सपा के समर्थन के बावजूद स्मृति ईरानी से हार गये थे। इस बार यही की सीट पर बसपा को खुद चुनावी मैदान में होने के आसार है। ऐसे में उन्हें जीतना मुश्किल होगा।

    उल्लेखनीय है कि अमेठी के 1966 में लोकसभा क्षेत्र बनने के बाद ही यह नेहरु-गांधी परिवार का ही संसदीय क्षेत्र रहा है। यहां अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों और दो उपचुनाव में कांग्रेस ने 16 बार जीत दर्ज की है। इस लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत चार तहसील और पांच विधान सभा क्षेत्र आते हैं। राहुल गांधी के सासंद बनने के बाद से वे स्वयं चुनाव तो जीतते थे, लेकिन विधानसभाओं में वे अधिकांश अपने उम्मीदवारों को जीताने में असफल रहे। पिछले चुनाव में स्मृति ईरानी ने उन्हें भी हरा दिया। इसके बाद से उनका दौरा भी अमेठी में न के बराबर रहा।

    2019 में अमेठी के लोकसभा चुनाव पर गौर करें तो वहां 27 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन राहुल गांधी के समर्थन में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने समर्थन किया था। इसके बावजूद स्मृति ईरानी ने 55,120 वोट से राहुल गांधी को हरा दिया, लेकिन इन दोनों के अलावा निर्दलीय अथवा छोटे दलों को मिलाकर 60540 वोट मिले थे। इसमें सात प्रत्याशी तो एक हजार से भी कम मत पाये थे, जिनका कुला मिलाकर 5183 मत मिले थे। उसमें नोट पर भी 3940 मतदाताओं ने बटन दबाया था। अर्थात ये मतदाता राहुल, स्मृति अथवा किसी अन्य को पसंद नहीं करते रहे। उस चुनाव में स्मृति को 4,68,514 वोट मिले थे। वहीं राहुल गांधी को 4,13,394 मत मिले थे। कुल पड़े वोट का स्मृति ईरानी का वोट शेयर 49.71 प्रतिशत था। वहीं राहुल गांधी का 43.86 प्रतिशत वोट मिले थे।

    राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो किसी लोकसभा चुनाव में 55,120 मतों से हार कोई मायने नहीं रखता, लेकिन उसके बाद राहुल गांधी ने अमेठी में आना ही छोड़ दिया। वे सिर्फ भारत जोड़ों यात्रा को मिलाकर पांच साल में तीन बार अमेठी आये हैं, जबकि स्मृति ईरानी लगभग हर माह वहां आती रही हैं। अमेठी में उन्होंने अपना आवास भी ले लिया है। ऐसे में राहुल गांधी वहां की जनता के साथ कैसे स्वयं को जोड़ पाएंगे। स्मृति इरानी के जवाब में वे कैसे मुखर हो पाएंगे।

    राजनीतिक विश्लेषक राजीव रंजन सिंह की मानें तो उन्हें भय भी सता रहा है कि पिछली बार तो समाजवादी पार्टी और बसपा दोनों ने रायबरेली और अमेठी की सीट से अपना प्रत्याशी सोनिया और राहुल के समर्थन में नहीं उतारा। इस तरह राहुल तीन दलों के संयुक्त उम्मीदवार थे,लेकिन इस बार बसपा वहां से प्रत्याशी उतार सकती है,क्योंकि मायावती के किसी के साथ समझौता नहीं है। इस स्थिति में अमेठी से राहुल गांधी को हार का पुनः सामना करना पड़ सकता है।

  • मऊ एसपी रहे अविनाश पाण्डेय के खिलाफ जाँच शुरु, बलिया एसपी के समक्ष भाजपा नेता ने दर्ज कराया बयान

    मऊ एसपी रहे अविनाश पाण्डेय के खिलाफ जाँच शुरु, बलिया एसपी के समक्ष भाजपा नेता ने दर्ज कराया बयान


    — एसपी अविनाश पाण्डेय पर पदीय अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए सच को झूठ, झूठ को सच कर कई निर्दोषों को दोषी बनाने मे कइयो पर बिद्वेषपूर्ण कार्यवाही कार्यवाही का है आरोप

    मऊ। जिले के एसपी रहे अविनाश पाण्डेय के द्वारा पदीय अधिकारों की आड़ मे “बिना” घटना घटना दिखा कर थाना सरायलखनसी मे दर्ज किये गये मामले की जाँच शुरु हो गई है। बलिया एसपी द्वारा की जा रही जाँच मे शिकायतकर्ता ने बीते दिनों अपना बयान अंकित कराया है।


    उल्लेखनीय है की मऊ मे बतौर एसपी रहे अविनाश पाण्डेय ने पदीय अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए कई निर्दोषों को दोषी बनाने का अपराध किया है जो इनके अवैधानिक कृत्यो पर सवाल करते थे। बदमाशों से मिलकर निर्दोष ब्यक्तियों के खिलाफ साक्ष्य गढ़ कर की गई बिद्वेषपूर्ण कार्यवाही मे एसपी ने कानून को भी ताक पर रख दिया था।

    भाजपा नेता राकेश कुमार गुप्ता के खिलाफ थाना सरायलखनसी मे अपराध संख्या ३३/२०२४ मे भा द वि की धारा ३०६/५११ के तहत की गई गिरफ्तारी की जाँच मे बलिया एसपी के समक्ष बीते दिनों राकेश ने अपना ब्यान अंकित कराया है। राकेश ने अपनी गिरफ्तारी मे लगे दोषी पुलिस अफसरों सहित एसपी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

    एसपी के द्वारा पदीय अधिकारों का दुरूपयोग कर की गई बिद्वेषपूर्ण कार्यवाही मे राकेश गुप्ता अकेले ऐसे निर्दोष नही है जिन्हे वह दोषी बनाने मे पड़ का दुरूपयोग किया है। एसपी के ऐसे कृत्य को लेकर उनके खिलाफ मंडमस, कॉन्टेम्पट साहित दो मुकदमे मा उच्च न्यायालय मे विचाराधीन है।

  • घोसी लोकसभा सीट से एनडीए के अरविन्द राजभर होंगे उम्मीदवार

    घोसी लोकसभा सीट से एनडीए के अरविन्द राजभर होंगे उम्मीदवार


    अरुण राजभर द्वारा साझा की गई ट्वीट


    मऊ। लोकसभा चुनाव मे भाजपा से टिकट का मनसूबा पाले कइयो को मुह की खानी पड़ी है। पार्टी मे सुभासपा के बढ़ती नजदीकी ने जिले के कई लोगो की राजनीति गड़बड़ा दी है।
    लोक सभा चुनाव को लेकर सूबे की सीटों पर उम्मीदवारों के चयन मे खुद के लिए जोर आजमाइस करने वालों को भाजपा से गुरुवार को झटका लग गया है। NDA मे खुद को शामिल कर सुभासपा ने भाजपा के ही कई स्थानीय दिग्गजो का खेल समाप्त कर दिया है।

    सुभासपा की भाजपा से बढ़ती नजदीकियों ने बड़े बड़े धुरंधरो को धूल चटा दी है। सुभासपा के अरुण राजभर ने अपने ट्विटर हैंडल से अपने ही पार्टी के अरविन्द राजभर को उम्मीदवारा बनाये जाने की जानकारी जैसे ही साझा की , जिले के कई नामचीन राजनितिको के चेहरे पर बल आ गया।

    बीते बुद्धवार को सुभासपा के ओपी राजभर ने भी घोसी लोकसभा सीट पर उम्मीदवार के नाम का खुलासा नही कर प्रयासरत उम्मीदवारों को अवसर जरूर दिया था लेकिन यह अवसर आज बेकस साबित हो गया।

  • यूपी मे ओपी ने “सीएम” के बाद खुद को बताया “पावरफूल”

    यूपी मे ओपी ने “सीएम” के बाद खुद को बताया “पावरफूल”

    सम्बोधन् दौरान ओपी राजभर की तस्वीर

    मऊ। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद मे मंत्री बनने के बाद सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर के तेवर बदल गये है। उनके अनुसार सीएम के बाद यदि किसी के पास पावर है तो वह ओम प्रकाश राजभर के पास है। ओपो ने एक कार्यक्रम मे लोगो को मंच से दी जानकारी।


    उत्तर प्रदेश के मंत्री परिषद मे मंत्री बनने के बाद मऊ की जनता के वीच सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर अपने पावर का लोगो को एहसास कराने मे जुट गये है।

    ओम प्रकाश जिले के एक कार्यक्रम मे उपस्थित लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा की अब किसी भी थाने मे पीड़ितों की सुनी जाएगी बशर्ते वह थाने मे पिला गमछा लेकर थाने मे जाए।

    इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सूबे मे मुख्यमंत्री के बाद यदि किसी के पास “पावर” है तो वह ओम प्रकाश राजभर के पास है.। उन्होंने यह भी कहा कि वे सीधे प्रधान मंत्री और गृह मंत्री से जुड़े है।