Category: मऊ

  • सेवा दिवस के रुप में मना डॉ संजय सिंह का जन्मोत्सव

    सेवा दिवस के रुप में मना डॉ संजय सिंह का जन्मोत्सव



    जिले के सभी क्षेत्रों में लगा निःशुल्क शिविर, 891 की जांचकर बटीं दवाएं
    मऊ। शारदा नारायण हॉस्पिटल के डॉ संजय सिंह का जन्मदिन सेवा दिवस के रुप में मनाये जाने की खबर है। इस दौरान नगर के कई इलाके मे निः शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

    नगर के मलीन थारु बस्ती, प्राथमिक विद्यालय शिक्षा विभाग कालोनी, मऊ महादेव मंदिर, सर्वेश्वरी मुक्तिधाम ढेकुलियाघाट, जननायक चंद्रशेखर हास्पिटल, जगत नारायण हास्पिटल, इंदिरा आईवीएफ शारदा नारायण टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर, शारदा नारायण नर्सिंग स्कूल एंड पैरामेडिकल कालेज पहसा गड़वा में चिकित्सा शिविर का आयोजन कर निःशुल्क जांच एवं दवाओं का वितरण किया गया।

    इस दौरान सभी स्थानों पर मिष्ठान एवं प्रसाद का वितरण किया गया। शारदा नारायण हास्पिटल प्रांगण में आयोजित हुए भव्य समारोह में जनपद के दर्जनों चिकित्स, समाजसेवी व राजनैतिक दलों के लोगों ने डॉ सिंह का जन्मदिन की शुभकामना दिया।
    इस अवसर पर डॉ संजय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़े पूर्वांचल के विकास में सर्व समाज तक स्वास्थ्य की सुरक्षा पहुंचाना ही मेरे जीवन का लक्ष्य है।

    विश्वस्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं को अति न्यून खर्च पर आमजन तक पहुंचाने का ध्येय लेकर शारदा नारायण हास्पिटल द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य के साथ ही समाज के सभी क्षेत्रों यथा खेल, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और रोजगार से जुड़े लोगों को भी प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। जन्मदिन पर शुभकामना देने वालों का आभार व्यक्त करते हुए डॉ सिंह ने कहा कि लोगों का स्नेह-प्रेम हमेशा कुछ बेहतर करने की प्रेरणा देता है। लोगों की अपेक्षाओं पर सदा खरा उतरने का प्रयास करता रहूंगा। विविध स्थानों पर लगे शिविर में 891 लोगों की जांचकर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।

  • हम किसी से कम है का, तीन सीटों की मांग की है मैने : ओम प्रकाश राजभर

    हम किसी से कम है का, तीन सीटों की मांग की है मैने : ओम प्रकाश राजभर

    मऊ। राजभर मतदाताओ की संख्या से राजनीति मे बड़े हुए सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर खुद को किसी से कम नही मानते है। वे घोसी समेत पूर्वांचल की तीन सीटों पर चुनावी मैदान मे उतरने का ख्वाब देख रहे है।


    घोसी विधान सभा के उप चुनाव मे भाजपा उम्मीदवार दारा सिंह चौहान के समर्थन मे अपनी ही “बिरादरी” से “दूर” साबित हुए सुभसपा के ओम प्रकाश राजभर को भाजपा द्वारा बीते मंगलवार को मंत्रालय मे जगह देते ही वे खुद को राष्ट्रीय राजनितिक पार्टियों के बराबर पाने लगे है।

    श्री राजभर ने सपथ के बाद बुद्धवार को मऊ मे पत्रकारों से बातचीत मे खुद को किसी से कम नही होने का खुलासा किया है।।

    मऊ मे पत्रकारों से बातचीत मे ओम प्रकाश राजभर ने कहा की वे किसी से कम नही है, उन्होंने मऊ गाजीपुर बलिया की तीन सीटों पर अपनी पार्टी के लिए सीट निश्चित करने की मांग की है, जिसमे से फिलहाल मऊ की सीट ही फाइनल है। ओम प्रकाश राजभर की बातो मे दूसरी सीट पर भी बात किये जाने की बात की गई है तो गाजीपुर, बलिया घोसी की भी सीट को अपना बनाने की भी बातो का खुलासा किया गया है।

  • मऊ कोतवाली इंस्पेक्टर अनिल सिंह के खिलाफ कंटेम्पट की याचिका

    मऊ कोतवाली इंस्पेक्टर अनिल सिंह के खिलाफ कंटेम्पट की याचिका

    — हाई कोर्ट के विधि विशेषज्ञो मे मौजूद अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह है “खरी दुनिया” के वकील

    प्रयागराज/ मऊ । उच्च न्यायालय इलाहाबाद मे जनपद मऊ के कोतवाली मऊ के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह के खिलाफ खरी दुनिया द्वारा अवमान अधिनियम मे अर्जी दाखिल किये जाने की खबर है। अनिल ने अपराध संख्या २५७/२२ मे उच्च न्यायालय द्वारा समस्त न्यायिक प्रक्रियाओ पर रोक लगाने के आदेश की अवहेलना की है।

    उच्च न्यायालय इलाहाबाद के विधि विशेषज्ञो मे सुमार अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह ने खरी दुनिया की तरफ से यह अर्जी दाखिल किया है। बतौर सुधीर कुमार सिंह इंस्पेक्टर कोतवाली मऊ ने खरी दुनिया के पत्रकार और हाई कोर्ट के अधिवक्ता ब्रह्मा नंद पाण्डेय को थाना कोतवाली मे दर्ज अपराध संख्या २५७/२२ मे जिला एवं सत्र न्यायालय मऊ द्वारा जारी जमानत को निरस्त करने के लिए जो आवेदन दिया गया है, उससे मा उच्च न्यायालय के उस आदेश की इनके द्वारा अवमानना किया गया जिसमे हाई कोर्ट ने संबंधित अपराध संख्या से संबंधित समस्त न्यायिक प्रक्रियाओ पर रोक लगाई गई है।

    इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने पदीय अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए तथ्यों को छुपाकर “खरी दुनिया” के विद्वेषपूर्ण अभियोजन को जिला एवं सत्र न्यायालय मऊ मे जमानत निरस्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत कर उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है जिसके परिणाम स्वरूप इंस्पेक्टर कोतवाली अनिल कुमार सिंह के खिलाफ उच्च न्यायालय मे अवमान अधिनियम की अर्जी दाखिल की गई है।

  • मऊ मे “खरी दुनिया” की हत्या की साजिस मे जुटा पुलिसिया हिरासत से बदमाशों को भगाने वाला अधिवक्ता

    मऊ मे “खरी दुनिया” की हत्या की साजिस मे जुटा पुलिसिया हिरासत से बदमाशों को भगाने वाला अधिवक्ता

    — पुलिस हिरासत से बदमाशों को भगाने वालों मे अधिवक्ता को नामजद होने का खतरा, इसी अधिवक्ता के बुलाने पर सुरक्षा तोड़ दीवानी मे बदमाशो के घुसने के चर्चे

    — “खरी दुनिया” ने मामले मे कोतवाली मऊ मे दर्ज अपराध संख्या ६७/२०२४ की फेयर इन्वेस्टीगेशन को हाई कोर्ट मे दाखिल कर रखा है “पीआईएल”

    — खरी दुनिया की “पीआईएल” मात्र से अधिवक्ता को है मामले की विवेचना मे नामजद होने का “डर”, जनहित याचिका दाखिल करने वाले खरी दुनिया की हत्या की साजिस मे है अधिवक्ता

    मऊ। दीवानी कचहरी मे पुलिस हिरासत से असलहेधारियों को भगाने वाले एक अधिवक्ता को पुलिस द्वारा उसके गिरोह के सदस्यों के दबाव मे जानबूझकर बचाये जाने की खबर हो। पुलिस की अब तक की कारगुजारियों को लेकर् “खरी दुनिया” ने “फेयर इन्वेस्टीगेशन” के लिए हाई कोर्ट इलाहाबाद मे जनहित याचिका दाखिल किया है।


    पुलिस सूत्रों के अनुसार बीते २८ फरवरी २०२४ को समय करीब 12: 20 बजे दीवानी कचहरी मे एक अधिवक्ता के बुलावे पर तीन अज्ञात असलहेधारी दीवानी कचहरी की सुरक्षा मे लगे पुलिस कर्मचारियों की बिना सहमति के सुरक्षा तोड़कर कर दीवानी परिसर मे घुस गये थे।। पुलिस द्वारा जब इनको हिरासत मे लिया गया तो एक अधिवक्ता द्वारा दबाव बनाकर असलहेधारियों को पुलिस हिरासत से भगा दिया गया।

    अधिवक्ता की यह हरकत कानूनन जुर्म होने के कारण पुलिस द्वारा दो को नामजद करते हुए तीन अज्ञात असलहेधारियों साहित कुल २०५ लोगो के खिलाफ उसी दिन दर शाम को मुकदमा दर्ज कर पुलिस जाँच मे जुट गई लेकिन मामले मे राजीनीति के प्रवेश हो जाने से पुलिस अंशिक कार्यवाही कर घटना के मुताविक कार्यवाही से पल्ला झाड़ने मे विवश होती देखी जाने लगी।

    जनहित याचिका को दाखिल होने के बाद जब पुलिस द्वारा मामले मे सख्ती की जाने लगी तो मामले को दबवाने मे तात्यहींन रिपोर्ट के सहारे मामले की लीपापोती को फिर अधिवक्ता द्वारा राजनिति का संरक्षण लिया जाने लगा जिसके कारण समाचार लिखे जाने तक असलहेधारियो को पुलिस के खिलाफ जाकर दीवानी परिसर मे घुसने का न तो कारण साफ हुआ और न ही उनके नाम पते का ही खुलासा पुलिस द्वारा किया गया। न ही उन असलहेधारियों के असलहो का लाइसेंस ही निरस्त किये जाने की ही कार्रवाई की गई और नही उस अधिवक्ता का ही कास्टोडियन इंट्रोगेशन ही किया गया।

    सूत्रों पर यकीन करे तो पुलिस इस बड़ी घटना मे शामिल उस अधिवक्ता को बचाने मे मनमानी कर रही है जिसके बुलावे पर असलहेधारी दीवानी परिसर मे घुसे थे। पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली को देखते हुए “खरी दुनिया” द्वारा इस मामले मे निष्पक्ष जाँच के लिए मा इलाहाबाद उच्च न्यायालय मे जनहित याचिका दाखिल की गई है।

    इस याचिका से खिन्न ,असलहेधारियों को पुलिस हिरासत से भगाने वाले अधिवक्ता ने “खरी दुनिया” की हत्या को कुछ लोगो को साथ लेकर साजिस मे है।

  • घोसी लोकसभा सीट पर सिर्फ एक बार खिला भाजपा का ‘कमल’

    घोसी लोकसभा सीट पर सिर्फ एक बार खिला भाजपा का ‘कमल’

    मऊ (एजेंसी.)। उत्तर प्रदेश के घोसी लोकसभा सीट पर आजादी के बाद सिर्फ एक बार भाजपा का कमल खिला है। 2014 में पहली बार इस सीट पर मोदी लहर में कमल का फूल खिला और भारतीय जनता पार्टी के हरि नारायण राजभर ने यहां से चुनाव जीते। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन में बसपा प्रत्याशी अतुल राय ने भाजपा के हरि नारायण राजभर को हराकर यह सीट गठबंधन के तहत अपने नाम कर ली।

    घोसी लोकसभा सीट का पौराणिक और ऐतिहासिक इतिहास रहा है। मऊ बुनकर बहुल क्षेत्र होने के नाते इसे ताने-बाने का शहर भी कहा जाता है। तमसा नदी के तट पर मऊ शहर बसा हुआ है और इसी के अंतर्गत घोसी लोकसभा क्षेत्र आता है,जिसमें पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। चार विधानसभा मऊ जिले के हैं और एक विधानसभा बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा से आता है।

    मतदाताओं की संख्या

    घोसी लोकसभा क्षेत्र में पांचों विधानसभाओं में जनवरी 2024 तक कुल 20 लाख, 55 हज़ार, 880 मतदाता सम्मिलित हैं। इसमें पुरुष मतदाता 10 लाख, 90 हज़ार, 327 महिला मतदाता 09 लाख, 65 हज़ार 407 व थर्ड जेंडर 84 हैं।

    विधानसभा वार मतदाताओं की सूची

    – 353 मधुबन विधानसभा- 4 लाख, 04 हजार, 385

    – 354 घोसी विधानसभा- 4 लाख, 36 हजार, 721

    – 355 मोहम्मदाबाद गोहाना विधानसभा- 3 लाख, 78 हजार, 772

    – 356 सदर विधानसभा- 4 लाख, 72 हजार, 641

    – रसड़ा विधानसभा- 3 लाख, 63 हजार, 361

    मऊ की साक्षरता दर की बात करें तो यहां के औसत साक्षरता दर 75.6 प्रतिशत है। यहां की लगभग 77 प्रतिशत जनता ग्रामीण इलाकों में है, जबकि 23 प्रतिशत जनता शहरों में निवास करती है।

    घोसी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत पांच विधानसभाओं में एक विधानसभा बलिया जिला के रसड़ा विधानसभा जुड़ा हुआ है। इस लोकसभा क्षेत्र में 1952 से लेकर 1999 तक कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया का दबदबा रहा है। 1999 से सपा और बसपा के बीच यह सीट रही। 2014 में भाजपा का कमल खिला।

    लोकसभा के ये हैं प्रमुख मुद्दे

    अगर हम घोसी लोकसभा सीट पर 2024 चुनाव को लेकर मुद्दे की बात करें तो मऊ में विकास पुरुष कहे जाने वाले कल्पनाथ राय के निधन के बाद से विकास कार्यों का टोटा लगा हुआ है और यहां पर बंद पड़े दो कताई मील धूल चाट रही हैं। मतदाताओं का कहना है कि यहां उच्च शिक्षा संस्थानों का अभाव है। बाहरी प्रतिनिधित्व के कारण विकास के मामले में मऊ उपेक्षा का शिकार है। वर्तमान सांसद अतुल राय का पूरा 5 वर्ष का कार्यकाल जेल में ही बीत गया। इस बार स्थानीय प्रतिनिधित्व भी एक अहम मुद्दा है। बुनकरों के लिए अपना माल बेचने के लिए कोई बाजार नहीं। देवांचल में बारिश के मौसम में बाढ़ का कहर और गर्मी के मौसम में आग का तांडव मधुबन विधानसभा के ग्रामीणों को झेलना पड़ता है

    1952 से लेकर अब तक कौन रहा इस सीट के सांसद

    देश के आजादी के बाद पहली बार हुए लोकसभा चुनाव 1952 में इस सीट पर इंडियन नेशनल कांग्रेस से अलगू राय शास्त्री को जीत मिली थी। इनका योगदान देश को आजादी दिलाने में अहम था और यह आजादी की लड़ाई में कई बार जेल भी जा चुके थे। 1957 में दूसरी बार लोकसभा के चुनाव में उमराव सिंह भी नेशनल इंडियन कांग्रेस से चुनाव लड़कर जीत हासिल किया। 1962 के लोकसभा चुनाव में यह सीट वामपंथी के कब्जे में चली गई और यहां से पहली बार जय बहादुर सिंह चुनाव जीत कर संसद में पहुंचे। 1969 में सीपीआई से झारखंडे राय सांसद बने। 1971 में वह दूसरी बार सांसद बने और उसके बाद 1977 में जनता पार्टी से शिवराम राय ने चुनाव में जीत हासिल की।

    1980 में फिर तीसरी बार सीपीआई से झारखंडे राय चुनाव जीतने में सफल हुए। 1984 में इंडियन नेशनल कांग्रेस से राजकुमार राय ने बाजी मारी और 1989 में इंडियन नेशनल कांग्रेस से पहली बार कल्पनात राय चुनाव में विजयी हुए। 1991 में कल्पनाथ का दूसरी बार इंडियन नेशनल कांग्रेस से विजयी हुए। लोकसभा चुनाव 1996 में कल्पनाथ राय को कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो वह निर्दल के रूप में चुनाव मैदान में पहुंचकर चुनाव जीते और फिर 1998 में कल्पना राय समता पार्टी से चुनाव जीतने में सफल रहे। 1999 मध्यवर्ती चुनाव हुआ, जिसमें बसपा से बालकृष्ण चौहान विजयी हुए। 2004 में इस सीट पर सपा से चंद्रदेव राजभर चुनाव जीते और 2009 में यह सीट बसपा के खाते में पहुंची और दारा सिंह चौहान चुनाव जीते। 2014 में पहली बार इस सीट पर मोदी लहर में कमल का फूल खिला और भारतीय जनता पार्टी के हरि नारायण राजभर ने यहां से चुनाव जीता। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन में बसपा प्रत्याशी अतुल राय ने भाजपा के हरि नारायण राजभर को हराकर यह सीट गठबंधन के तहत अपने नाम बसपा से कर ली।

  • जिलाधिकारी ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कुल 17 लोगों के खिलाफ की कार्यवाही

    जिलाधिकारी ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कुल 17 लोगों के खिलाफ की कार्यवाही

    11 अपराधी 6 माह एवं एक को 3 माह के लिए जिला बदर, पांच अपराधियों को देनी होगी थाने पर हाजिरी।

    मऊ । जिलाधिकारों प्रवीण मिश्र ने कुल 17 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें 11 अपराधियों को 6 माह के लिए तथा एक अपराधी को तीन माह के लिए जिला बदल किया गया। साथ ही 5 अपराधियों को थाने पर नियमित हाजिरी लगाने के आदेश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। 6 माह के लिए जिला बदर किए गए।

    अपराधियों में नितिन राय उर्फ प्रद्युम्न राय ग्राम मादी सिपाह थाना दोहरीघाट, सुनील राजभर ग्राम सिया बस्ती थाना मोहम्मदाबाद गोहाना, अनूप यादव ग्राम मुरादपुर थाना दोहरीघाट, जकी अहमद ग्राम हमीन पुरा अहमदनगर नई बस्ती थाना दक्षिण टोला, रजी अनवर ग्राम हमीन पुरा अहमदनगर नई बस्ती थाना दक्षिण टोला, गोलू हरिजन उर्फ प्रियांशु ग्राम अच्छार थाना सराय लखंसी, जनार्दन हरिजन ग्राम मुस्किया थाना घोसी मोहम्मद अब्बास ग्राम अलीनगर बड़ी कमहरिया थाना कोतवाली नगर, अमीरुद्दीन ग्राम अलीनगर बड़ी कमहरिया थाना कोतवाली नगर, साजिद ग्राम अलीनगर बड़ी कमहरिया थाना कोतवाली नगर,विशाल यादव भैंसाखरग थाना दोहरीघाट शामिल है।

    इसके अलावा एक अपराधी भानु प्रताप ग्राम गुलौरी थाना हलधरपुर को 3 माह के लिए जिला बदर के आदेश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। साथ ही अमित यादव उर्फ पुल्लू ग्राम दसई पोखरा थाना दक्षिण टोला, संजय यादव दसई पोखरा थाना दक्षिण टोला, रंजीत कुमार लखनी बनही थाना घोसी आबिद उर्फ आबिद कुरैशी ग्राम अलाउद्दीनपुर थाना कोतवाली नगर,संतोष सिंह बरई पार मियांपुर थाना दोहरीघाट को थाने पर नियमित हाजिरी के आदेश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। इस प्रकार माह फरवरी में कुल 17 लोगों के खिलाफ गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई।

  • कदाचार मे उलझा अधिवक्ता रूपेस पाण्डेय का अधिवक्ता लाइसेंस

    कदाचार मे उलझा अधिवक्ता रूपेस पाण्डेय का अधिवक्ता लाइसेंस

    — विपक्षी से मिलकर खरी दुनिया के मुकदमे को वापस लेने वाले अधिवक्ता रुपेश कुमार पाण्डेय के वकालत के पंजीकरण को समाप्त करने को राज्य विधिज्ञ परिषद से शिकायत

    मऊ। मूवक्कील का हित छोड़ बिपक्षी से मिलकर मूवक्कील की विना सहमति के मुकदमा समाप्त कराने वाले लिफाफेबाज अधिवक्ता रुपेश कुमार पाण्डेय के पास उनका अधिवक्ता लाइसेंस रहेगा की नही ? का निर्णय अब राज्य विधिज्ञ परिषद प्रयागराज को निर्णय लेना है। “खरी दुनिया” ने बिकाऊ अधिवक्ता रुपेश कुमार पाण्डेय की करतूत को लेकर राज्य विधिज्ञ परिषद के यहां प्रत्यावेदन देकर इनके अधिवक्ता लइसेंस को निरस्त करने की मांग की है।


    उल्लेखनीय है की जनपद मऊ मे अबैध तरीके से संचालित राहुल हॉस्पिटल के चिकित्सक सुरेंद्र नाथ राय और हॉस्पिटल की मालकिन मीरा राय के द्वारा मुख्य अग्नि समन अधिकारी सुभाष सिंह के फर्जी हस्ताक्षर से अग्नि समन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र बना कर “अन कंपाउंडेबल” राहुल हॉस्पिटल के भवन का नक्शा पास कराने को लेकर एक मुकदमा दाखिल किया गया था।

    इस मुकदमे की पैरवी के लिए दीवानी कचहरी के अधिवक्ता रुपेश कुमार पाण्डेय को खरी दुनिया ने अपना वकील नियुक्त किया था। इसके बावजूद बतौर अधिवक्ता यह वकील कभी भी खरी दुनिया के मुकदमे मे पैरवी को अदालत नही जाता था। खुद खरी दुनिया इस मामले की पैरवी करती रही। खरी दुनिया की खबरों से खार खाये राहुल हॉस्पिटल आदि से लिफाफे लेकर इस अधिवक्ता ने खरी दुनिया पर पहले रंगदारी का मुकदमा क़ायम कराया जब इसमे वह “खरी दुनिया” की गिरफ्तारी नही करा सका तो उसने इस मुकदमे को ही राहुल हॉस्पिटल से हाथ मिलाकर अपने क्लाइंट के विरोध मे जा कर मुकदमे को ही वापस ले लिया है।

    अधिवक्ता के इस कदाचार को लेकर खरी दुनिया ने राज्य विधिज्ञ परिषद प्रयागराज मे शिकायत कर इसके अधिवक्ता लाइसेंस को समाप्त करने की मांग की है।

    समय रहते यदि राज्य विधिज्ञ परिषद ने अधिवक्ता को नोटिस कर सुनवाई नही की शुरु, तो खरी दुनिया उच्च न्यायालय इलाहाबाद मे याचिका भी दायर करने की तैयारी मे है

  • कही ^^खरी दुनिया^^ के ही तरह ^फर्जी^ तो नही है डेढ सौ से 2 सौ अधिवक्तओं के खिलाफ मुकदमा, खरी दुनिया ने उच्चस्तरीय जांच को दाखिल किया जनहित याचिका

    कही ^^खरी दुनिया^^ के ही तरह ^फर्जी^ तो नही है डेढ सौ से 2 सौ अधिवक्तओं के खिलाफ मुकदमा, खरी दुनिया ने उच्चस्तरीय जांच को दाखिल किया जनहित याचिका


    … एसपी अविनाश पांडेय ने खरी दुनिया के सच से बौखलाकर विद्वेशपुर्ण अभियोजन को दर्ज करा चुके है फर्जी तीन मुकदमे, कही दिवानी कचहरी की घटना भी तो नही है फर्जी की जांच के लिए खरी दुनिया ने उच्चस्तरी जांच के लिए योजित किया है जनहित याचिका


    ब्रह्मा नन्द पांडेय – एडवोकेट हाईकोर्ट इलाहाबाद


    मऊ। वतौर एसपी अविनाश पांडेय के कार्यकाल में दर्ज मुकदमें में अधिकांश के फर्जी और तथ्यहीन होने की आशंका को लेकर ‘‘खरी दुनिया’’ ने बीते 28 फरवरी 2024 को दिवानी कचहरी में पुलिस हिरासत से असलहेधारियों को भगाए जाने के मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए खरी दुनिया ने जनहित याचिका का सहारा लिया है।

    सच बोलने वाले के खिलाफ कार्यवाही करने मे इंट्रेस्टेड रहे एसपी अविनाश पाडेय ने कही उसी तरह से तो नही डेढ सौ से 200 अधिवक्ताओं के खिलाफ नही मुकदमें कायम कर दिए जैसे उन्होने खरी दुनिया के खिलाफ फर्जी तौर से कायम कर अपनी कालर टाईट की है।


    पुलिस सूत्रों के अनुसार पत्रकार वकील को अक्सर अपने पदीय अधिकारों के दुरूपयोग में ले कर विद्वेषपुर्ण अभियोजन की कार्यवाही उनके पूरे कार्यकाल में चर्चाओं मे ंरही है। एसपी ने विद्वेशपूर्ण अभियोजन में खरी दुनिया के ख्लिफ 3 मुकमदें कायम कराए है जिससे प्रभावित होकर बीते 28 फरवरी 2024 को दिवानी कचहरी में पुलिस हिरासद से अधिवक्ताओं के द्वारा असलहेधारियो को भगाने का आरोप तो नही लगाया गया है! की निष्पक्ष जांच के लिए खरी दुनिया ने जनहित याचिका का सहारा लिया है।

    एसपी के इस दर्ज मुकदमें में एक पत्रकार का भाई के साथ अधिवक्ताओं को आरोपित किया गया है।

  • मऊ मे पुलिस से बदमाशों को छुड़ाने वाले अधिवक्ता की घटना के ४८ घंटे बाद भी नही लगा सुराग

    मऊ मे पुलिस से बदमाशों को छुड़ाने वाले अधिवक्ता की घटना के ४८ घंटे बाद भी नही लगा सुराग

    –अयोध्या और वाराणसी मे हुई ऐसी ही घटना की विवेचना मे बड़ी घटना बनने से नही रुक पाई , फिर मऊ की घटना पर पुलिसिया चुप्पी क्यो

    — घटना के समय दीवानी परिसर मे लगे सीसी टीवी कैमरो से फुटेज तक नही निकाला जाना और अनावरण को सार्वजानिक नही किये जाने से कोतवाली पुलिस सवालो के घेरे मे है

     (ब्रह्मा नंद पाण्डेय - एडवोकेट हाई कोर्ट)

    मऊ। दीवानी कचहरी मे पुलिसिया हिरासत से असलहेधारियों को छुड़ाने वालो को कोतवाली पुलिस द्वारा जानबूझकर बचाने मे पदीय अधिकारों के दुरूपयोग की खबर है। पुलिस जानबूझकर “कास्टोडियन इंट्रोगेशन” से आरोपी की शीनाख्त को छुपाने मे परिसर मे लगे सीसी टीवी कैमरे से फुटेज को लेकर मुह नही खोल रही है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार दीवानी परिसर मे सुरक्षा मे लगे पुलिस कर्मचारियों की बिना सहमति के जबरदस्ती चार पहिया वाहन के पीछे से होकर घुसे असलहेधारियों को पुलिस की हिरासत से अधिवक्ताओं पर दबाव बनाकर छुड़ाने का सुरक्षा मे लगे एक उपनिरीक्षक द्वारा मामले मे अभियोग पंजीकृत किया गया है। घटना के दौरान दीवानी परिसर मे पहुंची पुलिस द्वारा हिरासत मे लिए गये अन्य लोगो को क्यो छोड़ा गया ? यह भी कोतवाली पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली को इंगित करता है।

    दीवानी मे असलहा लेकर असलहेधारी जबरदस्ती क्यो प्रवेश किये ? को लेकर न तो कोई पूछताछ हुई न ही पुलिसिया हिरासत से असलहधारियों को छुड़ाने वाले अधिवक्ता की घटना के ४८ घंटे बीतने के बाद पुलिस चिन्हित ही कर पाई है।

    “खरी दुनिया” के हाथ लगे कुछ फुटेज से घटना गंभीर प्रकृति की लग रही है। असलहेधारियों का जबरदस्ती दीवानी मे प्रवेश अयोध्या और वाराणसी दीवानी कचहरी मे हुई वारदात की याद ताजा कर रहा है। सूत्रों की माने तो दीवानी का बिकाऊ एक अधिवक्ता असलहाधारियों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने मे दबँगई की है।

    इसी अधिवक्ता को बचाने के लिए कोतवाल अनिल सिंह के द्वारा पदीय अधिकारों की आड़ मे अब तक मनमानी की जा रही है। उधर सीओ सिटी अंजनी कुमार मिश्रा ने खरी दुनिया से बातचीत मे आरोपियों के गिरफ्तारी पर किये गये सवाल पर एक ब्यक्ति के खिलाफ निरोधात्मक कार्यवाही किये जाने की बात बताई है।

    दर्ज आरोप के मुताबिक सजा को ७ साल से कम का बताकर विवेचना को दर्ज आरोप तक ही सही मानकर आरोपियों को बचाये जाने की बात कही जा रही है जबकि घटना गंभीर प्रकृति की देखी जा रही है। पुलिस मामले की विवेचना मे पुलिस की हिरासत से असलहेधारियो को छुड़ाने वाले अधिवक्ता की शीनाख्त क्यो नहींकर रही है? फिलहाल सवाल बना हुआ है।

    फेयर् इन्वेस्टीगेशन को लेकर “खरी दुनिया” ने अदालत मे अर्जी लगाने की योजना बना ली है। कल यानी शनिवार को खरी दुनिया द्वारा मा उच्च न्यायालय मे याचिका दाखिल की जाएगी।

  • मऊ मे एसपी रहे अविनाश पाण्डेय के खिलाफ हाई कोर्ट मे मुकदमा

    मऊ मे एसपी रहे अविनाश पाण्डेय के खिलाफ हाई कोर्ट मे मुकदमा

    अविनाश ने खरी दुनिया पर झूठे आरोप लगा दर्ज किया मुकदमा तो, खरी दुनिया ने एसपी के अपराधिक कृत्य का साक्ष्य लगा अदालत मे लगाई अर्जी


    — बतौर एसपी अविनाश पाण्डेय ने मद मे कानून का उल्लंघन कर खरी दुनिया के खिलाफ किया है विद्वेषपूर्ण अभियोजन


    — आई पी एस अविनाश की सजा के लिए अवमान अधिनियम है खरी दुनिया के साथ


    ( ब्रह्मा नंद पाण्डेय – अधिवक्ता हाई कोर्ट इलाहाबाद )


    प्रयागराज/ मऊ। कानून की खिलाफत करने वाला हमेसा “खरी दुनिया” के निशाने पर रहा है। जिसने मे भी कानून तोड़कर अपने “मद” मे जनता के साथ धोखा किया उसको उसके किये की सजा दिलाने के लिए “खरी दुनिया” हमेशा कानून के रास्ते से उसी रास्ता चुनने के लिया बाध्य किया है। खरी दुनिया के प्रयास मे जनपद मऊ मे बतौर पुलिस अधीक्षक तैनात रहे अविनाश पाण्डेय है। ये साहब कानून के खिलाफ जाकर पदीय अधिकारों का दुरूपयोग करने मे अवमान अधिनियम की जद मे गये है।


    बताते चले कि बतौर एसपी अविनाश पाण्डेय को सच पसंद नही होता था। किसी की भी सच बात उनके गले से नीचे नही उतरती थी। इस दौरान् बतौर एसपी अविनाश ने अपने पूरे कार्यकाल सच को झूठ, झूठ को सच बनाने का जो खेल खेला उसमे कई निर्दोषों मे खरी दुनिया भी बदमाश बनती गई।

    एसपी ने लोगो को डरा धमका कर खरी दुनिया के खिलाफ फर्जी मुकदमे कायम करा कर खरी दुनिया को परेशान किया। सच्ची खबरों से खार खाये अविनाश पाण्डेय द्वारा पूरे कार्यकाल मे पदीय अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए कई निर्दोष लोगो के खिलाफ तथ्यहीन आरोप लगाकर बदमाश बनाने की कोशिस की है।

    एसपी की इस करतूत को जब “खरी दुनिया” ने उजागर करना शुरु किया तो बतौर एसपी अविनाश पाण्डेय ने खरी दुनिया के खिलाफ भी तथ्यहीन आरोप लगाकर जेल तक भेजनें मे पदीय अधिकारो का दुरूपयोग करने मे कानून की अवहेलना की। बतौर एसपी अविनाश की यही गलती उनको अदालत तक बुलाने मे खरी दुनिया के साथ हो गई। एसपी अविनाश पाण्डेय को उनके किये की सजा दिलाने के लिए अब “खरी दुनिया” अदालत मे अपने अधिवक्ता साथी सुधीर कुमार सिंह के साथ है।

    “सत्य परेशान होता है पराजित नही”

    “एसपी द्वारा खरी दुनिया के खिलाफ हुए है इस्तेमाल, मे शामिल अन्य लोगो को भी उनके किये की सजा जल्द मिलेगी, क्योकि सत्य परेशान होता है पराजित नही “