Category: मऊ

  • फर्जी दो मुकदमो के बाद अब जमानत को निरस्त करवाने को पुलिस का आवेदन

    फर्जी दो मुकदमो के बाद अब जमानत को निरस्त करवाने को पुलिस का आवेदन

    — खरी दुनिया की खबरों से चिढ़े तत्कालीन एसपी अविनाश पाण्डेय ने खरी दुनिया के बिद्वेषपूर्ण अभियोजन मे फेल होने के बाद अब “खरी दुनिया” की जमानत निरस्त करवाने मे लगे।

    ( ब्रह्मा नन्द पाण्डेय)

    मऊ ( खरी दुनिया)। तत्कालीन एसपी अविनाश पाण्डेय के इंट्रेस्ट पर फर्जी मुकदमे मे दाखिल आरोप पत्र की समस्त प्रक्रियाओ को मा० उच्च न्यायालय द्वारा स्थगित किये जाने के बाद अब जिला एवं सत्र न्यायालय मऊ की अदालत मे इस फर्जी मुकदमे मे “खरी दुनिया” को जारी जमानत को निरस्त करवाने को लक्ष्य बनाकर तथ्यगोपन कर आवेदन दिलवाए जाने की खबर है।

    खरी दुनिया” की तथ्य परक खबरो से चिढ़े तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय द्वारा बीते २ दिसम्बर २०२३ से दुबारा विद्वेषपूर्ण कार्यवाही मे “खरी दुनिया” को जेल मे भेजनें के लिए पदीय अधिकारों का खूब दुरूपयोग किया गया है।

    इस दौरान बतौर एसपी अविनाश पाण्डेय द्वारा “खरी दुनिया” को वसूलीबाज साबित करने के लिए खरी दुनिया की खबरों से प्रभावित ग्राम प्रधान देवदह के फर्जी तहरीर पर अपराध संख्या २५०/२०२३ अंतर्गत धारा भा०द्० वि ० ३८९,५०६ मे दूसरा फर्जी मुकदमा क़ायम करा कर इस फर्जी जमानतीय अपराध मे “खरी दुनिया” की अविधिपूर्ण तरीके से गिरफ्तारी बाद आदलत से असफलता मिलने के बाद खरी दुनिया को पुलिस को जेल भेजनें मे विफल होना पड़ा ।

    इस मुकदमे ग्राम प्रधान सुजाता चौहान के पति द्वारा बिज्ञापन प्रकाशन को ३ वर्ष पहले दी गई रकम को रंगदारी का फर्जी आधार बनाकर मुकदमा कायम किया गया।

    .. सुजाता के पति अशोक चौहान द्वारा दी गई रकम पर फर्जी फसाने के आरोप पर खरी दुनिया और अशोक चौहान के बींच हुई वार्ता मे अशोक चौहान द्वारा रकम को उधार का करार देती आडिओ…

    वर्ष २०२३ के दिसम्बर मे ही एसपी द्वारा रुपेश कुमार पांडेय से फर्जी तहरीर लेकर भा० द० वि ० की धारा ३८६ साहित कई धाराओ मे फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले मे “कानूनन” अपराध नही बनने के कारण खरी दुनिया को जेल मे ठूंसने मे फेल हुए मुकदमा वादी रुपेश कुमार पाण्डेय और तत्कालीन एसपी अविनाश पाण्डेय को यहा भी चैन नही मिला तो

    तथ्यगोपन कर वर्ष २०२२ मे फर्जी मामले मे जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ला द्वारा कोतवाली मे खरी दुनिया के खिलाफ दर्ज अपराध संख्या 257/२२ मे जिला न्यायाधीश की अदालत से जारी जमानत को निरस्त करवाने के लिए इस तथ्य को छुपाकर की इस अपराध संख्या मे मा० हाई कोर्ट द्वारा समस्त प्रक्रियाओ पर रोक लगाई गई है, आवेदन दिया गया है।

    खरी दुनिया ने दाखिल किया अनिल सिंह के खिलाफ हाई कोर्ट इलाहाबाद मे कंटेम्पट

    इंस्पेक्टर कोतवाली अनिल सिंह ने खरी दुनिया की जमानत को निरस्त करवाने के लिए जानबूझकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मऊ की अदालत मे तथ्यगोपन करते हुए मिथ्यासाक्ष्य दिया है। “खरी दुनिया” ने इंस्पेक्टर कोतवाली को उनके किये की सजा दिलाने के लिए अवमानना अधिनियम का सहारा ले कॉन्टेम्पट दाखिल कर दिया है।

    ग्राम पंचायत देवदह के विकास कार्यो की जाँच को उच्च न्यायालय का आदेश

    ग्रम् प्रधान देवद अशोक चौहान की गाव मे विकास के नाम पर सरकारी मजदूरी तक को अपने खाते मे उतार लिया गया है। विकास के नाम पर आधा अधूरा कार्य कराकर सरकारी धनों की की गई बंदरबाट की जिलाधिकारी को जाँच करने के लिए मा ० हाई कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है। जिलाधिकारी यह जाँच6 हफ्ते मे पुरी करेंगे।

  • मऊ के देवदह ग्राम सभा मे वित्तीय अनियमितताओं की 6 हफ्ते मे जाँच पुरी करेंगे डीएम

    मऊ के देवदह ग्राम सभा मे वित्तीय अनियमितताओं की 6 हफ्ते मे जाँच पुरी करेंगे डीएम

    मऊ। विकास खंड रतनपुरा के देवदह ग्राम पंचायत मे ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी के द्वारा सरकारी धनों की की गई बंदरबांट की जाँच के लिए मा० उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी मऊ 6 सप्ताह के अंदर पुरा करने का आदेश दिया है। जाँच पिछले 1 साल से जाँच अधिकारी के यहा अटकी थी।

    जनपद के विकास खण्ड रतनपुरा के ग्राम पंचायत देवदह में ,राजवित्त ,मनरेगा और शौचालय आदि निर्माण में हुई अनियमितताओं के सम्बंध में ब्रम्हानन्द पाण्डेय के द्वारा दिये गये शिकायती पत्र पर जिलाधिकारी मऊ ने अपने आदेश दिनांक 22 /11/2022 के द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारी मऊ को अध्यक्ष और अधिशाषी अभियंता जल निगम मऊ को सदस्य नामित करते हुये जांच समिति बनाकर 15 दिन के अंदर से स्थलीय जांच / सत्यापन करते हुये जांच आख्या की मांग किया ।


    जिलाधिकारी मऊ के उक्त आदेश के एक वर्ष चार माह बीत जाने के बाद जब जांच पूरी नही हुई तब ब्रम्हानन्द पाण्डेय ने जनहित याचिका के माध्यम से उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया ,जिसकी दिनांक 28/2/2024 को सुनवाई करते हुये उच्च न्यायालय ने आदेश की तिथि से 6 सप्ताह के अंदर जांच को पूरा करने का आदेश दिया


    उक्त आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह की बहस सुनकर पारित किया

  • पुलिस हिरासत से असलहाधारियों को भगाने वाले अधिवक्ता को बचा रहे कोतवाल

    पुलिस हिरासत से असलहाधारियों को भगाने वाले अधिवक्ता को बचा रहे कोतवाल

    दीवानी परिसर मे असलहे के साथ जबरद्स्ती घुसे बदमाशों को अधिवक्ता द्वारा पुलिस हिरासत से छुड़ाने का मामला

    — असलहाधारी बदमाशों को पुलिस की हिरासत से भगाने वाले अधिवक्ता को मुड़कमा वादी नही पहचानते, घटना स्थल पर मौजूद सीसी टीवी की फुटेज ही है अधिवक्ता की संलिप्त्ता का साक्ष्य

    मऊ। दीवानी कचहरी मे असलहाधारियों को घुसाकर पुलिस की हिरासत से उनको छुड़ाने वाले अधिवक्ता को मुकदमा दर्ज कराने वाले पुलिस कर्मचारी द्वारा नही पहचाने जाने की खबर है। अब मामले के विवेचक को घटना स्थल के पास मौजूद सीसीटीवी के फुटेज को खंगालना विधिक मजबूरी बन गई है।


    मामले के मुकदमा वादी रामाश्रय गुप्ता ने खरी दुनिया से बातचीत मे इस बात का खुलासा किया है। जिस ब्यक्ति ने दीवानी परिसर का मुख्य गेट को बिना सुरक्षा मे लगे सिपाहियों की सहमति के खोलने का काम किया है, उसको पुलिस ने मंगलवार को ही गिरफ्तार कर लिया था।

    घटना के २४ घंटे बीतने को है पुलिस की हिरासत से असलहेधारियों को छुड़ाने वाले अधिवक्ता को समाचार लिखे जाने तक पुलिस गिरफ्तार नही कर सकी है। मामला शासकीय कार्य मे लगे पुलिस कर्मचारियों के कार्यो मे बाधा डालने वाला अति गंभीर है।

    उधर सूत्रों पर यदि यकीन करे तो असलहेधारी एक ऐसे अधिवक्ता के बुलावे पर आये थे जो अपने क्लाइंट के हित से अधिक बिपक्षियों के हित को सर्वोपरि रखता है और बिपक्षियों से मिलकर क्लाइंट की सहमति के बगैर मुकदमा वापस करा देता है।

    पुलिस इस अधिवक्ता को जानती और पहचानती है लेकिन जानबूझकर उसको सरकारी कार्य मे बाधा डालने के आरोप मे गिरफ्तार नही कर रही है।

  • मऊ मे 2 सौ अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के फेयर इन्वेस्टीगेशन को खरी दुनिया करेगी पीआईएल

    मऊ मे 2 सौ अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के फेयर इन्वेस्टीगेशन को खरी दुनिया करेगी पीआईएल

    ब्रह्मा नंद पाण्डेय – एडवोकेट हाई कोर्ट

    मऊ। दीवानी कचहरी मे असलहे के साथ जबरदस्ती घुसे लोगो साथ दो सौ अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी के द्वारा मा० उच्च न्यायालय के सुपरविजन मे फेयर इन्वेस्टीगेशन के लिए खरी दुनिया जनहित याचिका के माध्यम से मा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरु कर दी है।


    बताते चले कि बीते मंगलवार को दीवानी कचहरी के मुख्य गेट को जबरदस्ती खोल कर परिसर मे घुसे चार पहिया वाहन के पीछे दौड़े हाईटेक असलहो से लैस ब्यक्तियों को लेकर मंगलवार को ही पुलिस ने दो नामजद साहित दो सौ अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किये है।

    पुलिस अब इस मामले मे निर्दोष लोगो को फंसाने की धमकी देकर लिफाफे ले रही है। जबकि असलहेधारी लोगो के साथ उनके सहयोगियों को दीवानी परिसर मे घुसाने वाले अधिवक्ता के खिलाफ पुलिस कार्यवाही नही कर रही है।

    जबकि पुलिस की नजर मे वह अधिवक्ता अपने काली कोट का दुरूपयोग कर रहा है। इसी अधिवक्ता ने अपने गिरोह के कुछ लोगो के साथ पुलिस पर दबाव बनाकर उनकी हिरासत से असलहेधारियों को छुड़ाने का अपराधिक कृत्य किया है।

  • मऊ मे किस अधिवक्ता के यहा आये थे असलहाधारी? जाँच मे जुटी पुलिस

    मऊ मे किस अधिवक्ता के यहा आये थे असलहाधारी? जाँच मे जुटी पुलिस

    —मामले मे पुलिस ने 150- 200 अधिवक्ताओं पर पुलिस पर दवाब बनाने मे भा द वि 353 के तहत आरोपित किया है

    मऊ। हाईटेक असलहो के साथ दीवानी परिसर मे जबरदस्ती घुसे असलहाधारी किस अधिवक्ता के यहा किस काम से आये थे? पुलिस जाँच कर रही है। इस मामले मे एक बिपक्षियों के हाथ बिकने वाले अन्यायी अधिवक्ता का नाम चर्चाओ मे है।


    पुलिस सूत्रों के अनुसार बुद्धवार को दीवानी कचहरी मऊ मे एक चार पहिया वाहन द्वारा जबरदस्ती परिसर मे हुटर् बजाते हुए घुसना और उसके पीछे घुसे असलहाधारी किस अधिवक्ता के यहां किस काम से आये थे ? पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

    इस दौरान बिपक्षियों से मिलकर अपने क्लाइंट का मुकदमा समाप्त करने वाले एक ऐसे अधिवक्ता का नाम चर्चाओ मे है जो अपने ही मुकदमे के बिपक्षियों से मिलकर मुकदमे को वापस करा देता है। बताते चले कि बदमाशों को संरक्षण देने मे यह अधिवक्ता काली कोट की आड़ मे अक्सर पुलिस पर नाजायज दबाव बनाने का काम करता है।

    सूत्रों पर यकीन करे तो इसी अधिवक्ता ने अन्य लोगो को उकसाकर मंगलवार को पुलिस की हिरासत मे मौजूद असलहाधरियो को छुड़ाने मे पुलिस कर्मचारियों पर दबाव बनाने का कम किये जाने की महकमे मे चर्चा है। मजे कि बात यह है कि नाम तक पहुंच चुकी पुलिस के द्वारा इस अधिवक्ता के प्रति अभी तक कार्यवाही क्यो नही की जा रही है? को लेकर भी लोगो मे तरह तरह की चर्चा है।

  • मऊ से स्थानातरित होते होते २ सौ अधिवक्ताओं समेत २०५ लोगो पर एसपी अविनाश दर्ज करा गये मुकदमा

    एस् पी अविनाश पाण्डेय द्वारा दर्ज कराये गये मुकदमे को लेकर अधिवक्ताओं मे है आक्रोश

    मऊ। दीवानी कचहरी मे तीन अज्ञात असलहाधारियों को जबरदस्ती घुसने और इसके कारण अफरा- तफरी मचने बचने के बींच पुलिस की हिरासत मे आये असलहधारियों को अधिवक्ताओं द्वारा जबरदस्ती छुड़ाने के मामले मे पुलिस २ नामजद साहित २०० अधिवक्ताओं के साथ तीन अज्ञात असलहाधारियों के खिलाफ बुद्धवार को कोतवाली पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किये जाने की खबर है। पुलिसिया इस कार्यवाही से डर के साये मे है पुलिस हिरासत से असलहाधारियों को छुड़ाने वाला अधिवक्ता।


    पुलिस सूत्रों के अनुसार दीवानी कचहरी के मुख्य गेट पर तकरीबन १२;३० बजे एक चर पहिया वाहन द्वारा प्रवेशार्थ हॉर्न बजाने और अदालत मे मुंशी का कार्य कर रहे टीपी द्वारा सुरक्षा मे मुख्य द्वारा लगे सिपाहियों को सुनते हुए गेट को खोलने के बात तेजी से परिसर मे घुसते समय विधायक लिखी चार पहिया वाहन के पीछे तीन अज्ञात असलहाधरियो को दौड़ने से भगद्ड़ मच गई।

    इस दौरान सुरक्षा मे लगे तीन असलहाधारियों को पुलिस द्वारा अपनी हिरासत मे लिया गया।

    पूछताछ चल ही रही रही थी की इसी बींच १५० से २०० अधिवक्ताओं द्वारा इकठा होकर पुलिस की हिरासत मे मौजूद तीनो असलहधारियों को छुड़ा लिये जाने के मामले मे पुलिस ने रानीपुर थाने के काझा निवासी मिथिलेश दुबे, प्रदहा निवासी टीपी सिंह तीन अज्ञात असलहाधारी समेत कुल डेढ़ सौ से दो सौ अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरु कर दिया है। उधर असलहाधारियों को पुलिस की हिरासत से छुड़ाने वाले अधिवक्ता के हौशले बुलंद है।

  • अवमानना मे फंस सकते है एसपी अविनाश पाण्डेय साहित ३ उपनिरीक्षक

    अवमानना मे फंस सकते है एसपी अविनाश पाण्डेय साहित ३ उपनिरीक्षक

    • गिरफ्तार लोगो के गिरफ्तारी प्रपत्र से एसपी के अपराधिक कृत्य का हुआ खुलासा
    • एसपी और विवेचक के खिलाफ कई कर रहे है अदालत से याचना की तैयारी

    मऊ। पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय के द्वारा पदीय अधिकारों की आड़ मे की जा रही मनामानियो मे निर्दोषों को आरोपी बना उनकी गिरफ्तारी मे अदालत की भी अवमानना किये जाने की खबर है। एसपी साहित तीन के इस आपराधिक कृत्य को लेकर “खरी दुनिया” अवमान अधिनियम के तहत याचना की तैयारी मे है।


    पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय के द्वारा जिले के भ्रष्टाचारियों से मिलकर खरी दुनिया” के खिलाफ किये गये विद्वेष पूर्ण अभियोजन मे थाना कोटवाली मे दर्ज अपराध संख्या २५७/२२ की विवेचना मे फर्जी साक्ष्यों को गढ़ कर खरी दुनिया को जेल भेजनें के लिए पदीय अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए की गई मनमानियों मे साहब की एक बड़ी मनमानी “खरी दुनिया” के हाथ लग गई है।

    मा० सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक मुकदमे मे गिरफ्तारी को लेकर जारी दिशा निर्देशों की एसपी अविनाश पाण्डेय और उप निरीक्षक गंगा राम विन्द द्वारा अवहेलना की गई है। श्री डी के वसू बनाम पश्च्छिम बंगाल के मामले मे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का एसपी और मामलो के विवेचको द्वारा खुला उल्लंघन किया गया है।

    “न्याय” की आड़ मे एसपी ने कितने लोगो को जेल भेजनें मे ऐसी मनमानी की है ? “खरी दुनिया” साक्ष्य संकलन मे है। बहरहाल बतौर एसपी अविनाश पाण्डेय और उनके विवेचक गंगा राम विन्द, हरेंद्र यादव की कलम उनकी मनमानी मे फंस गई है। इनकी इस मनमानी को लेकर “खरी दुनिया” ने अदालती आदेश की अवमानना की केस मा उच्च न्यायालय मे सोमवार को दाखिल कर दिया है।

    अवमान अधिनियम की जद मे “प्रोसीडिंग स्टे” के “हाई कोर्ट” के आदेश बाद “बेल कैंसिलेशन” का आवेदन

    मऊ । खरी दुनिया के खिलाफ विद्वेषपूर्ण अभियोजन को लक्ष्य बनाकर एसपी के द्वारा कराये गये दो मुकदमो मे जेल न भेज पाने के बाद कोतवाली प्रभारी मऊ अनिल सिंह के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत मे प्रस्तुत जमानत निरस्टीकरण का आवेदन भी अदालत अवमान अधिनियम की जद मे है।


    सूत्रों के अनुसार पुलिसिया मनमानी मे उनकी काली करतूतों को खरी दुनिया द्वारा प्रकाशित किये जाने के बाद बतौर एसपी अविनाश पाण्डेय द्वारा खरी दुनिया के विद्वेषपूर्ण अभियोजन को लक्ष्य बनाकर की गई अवैध कार्यवाहियो मे मिली हार से एसपी ने चिढ कर कोतवाली प्रभारी अनिल सिंह के माध्यम से खरी दुनिया की जमानत को निरस्त करने का जिला एवं सत्र न्यायाधीश् की अदालत मे भी आवेदन फाइल कराया गया है।

    बतौर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मऊ अनिल सिंह द्वारा आवेदन मे अपराध संख्या 257.२२ और मुकदमा नंबर 653।23 की उच्च न्यायालय से प्रोसीडिंग स्टे के आदेश को छुपाया गया है। अनिल सिंह ने जिस अपराध संख्या मे अदालत द्वारा जारी जमानत को निरस्त करने का आवेदन दिया है उसकी समस्त कानूनी प्रक्रियाओ पर उच्च न्यायालय से स्थगन है। यही नही इस दौरान अनिल सिंह ने उन मामलो का भी जिक्र किया है जिस मामलो मे अदालत से मुकदमे समाप्त हो गये है, और जिन मामलो का उल्लेख किया है उसकी वर्तमान स्थिति से भी अदालत को गुमराह किया है।

    तथ्यों को छुपाकर अदालत को गुमराह करने मे जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत मे दिये गये जमानत निरस्टीकरण के आवेदन को लेकर चर्चा मे आये अनिल सिंह अवमान अधिनियम की जद मे आ गये है। इनके कृत्य को लेकर खरी दुनिया ने अदालत मे कंटेम्पट की तैयारी मे है।

  • मऊ मे फर्जी मुकदमे मे खरी दुनिया के खिलाफ आरोप पत्र की तैयारी मे पुलिस

    मऊ मे फर्जी मुकदमे मे खरी दुनिया के खिलाफ आरोप पत्र की तैयारी मे पुलिस


    — ग्राम प्रधान ने विज्ञापन छपने के बदले मे 3 साल पहले दी गई रकम को खिलाफ खबर छपते ही उधारी की दी करार, फिर पुलिस ने बनाया रंगदारी का इतिहास, दर्ज किया फर्जी मुकदमा


    (तथ्य से सत्य तक)


    मऊ। “खरी दुनिया” को बिज्ञापन की रकम दिये ग्राम प्रधान के काले कारनामो का प्रकाशन होते ही, ग्राम प्रधान ने बिज्ञापन मद मे दी रकम को उधार लिया बताते हुए मांगने पर खरी दुनिया पर खबरें प्रकाशित करने का लगाया आरोप तो खबरों से खार खाई पुलिस ने ग्राम प्रधान द्वारा विज्ञापन मद मे दी गई रकम को “रंगदारी” मे ली गई रकम का आरोप लगा “खरी दुनिया” को जेल भेजनें मे फर्जी मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र देने की तैयारी मे जुट गई है।

    ” पुलिस् ने खरी दुनिया की इस ऑडिओ क्लिप का जानबूझकर नही लिया संज्ञान् , आरोप पत्र बाद इसी आदियों क्लिप के साथ पुलिसिया आरोप पत्र को चुनौती देने की तैयारी मे है”

    तथ्य् के अनुसार विकास खंड रत्नपुरा के देवदह ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2020 मे उनके मुटाविक बिज्ञापन प्रकाशन बाद खरी दुनिया के खाते मे दी गई रकम को ग्राम प्रधान ने 3 साल बाद उसी रकम को इधारी की बता कर खरी दुनिया पर उधारी की रकम को माँगने पर खबर प्रकाशन का आरोप लगाया गया।

    “खरी दुनिया” की खबरों से खार खाये एसपी को मौका मिला और उन्होंने मामले मे खरी दुनिया के खिलाफ थाना हलधरपुर मे अपराध संख्या २५०/२3 अंतर्गत धारा 389,506 का अपराध दर्ज कर तुरंत खरी दुनिया की गिरफ्तारी कर ली।

    जबकि मुकदमे के मुताविक अपराध जमानतीय था और पुलिस को ही जमानत पर आरोपी को रिहा किया जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने खरी दुनिया को जेल भेजनें की मंशा से रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जहा पर डांट सुनने के बाद विभेचक ने पीबी पर हस्ताक्षर करवाते हुए 41ए की नोटिस पर भी हस्ताक्षर करवाए थे।

    इस मामले के सिवाय पूर्व के एक मामले मे पुलिस ने गिरफरारी दौरान अदालती आदेशों की अवहेलना भी करने से बाज नही आई जिसको लेकर खरी दुनिया ने अवमान अधिनियम का सहारा लेते हुए मा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटया है।

    जमानतीय अपराध मे गिरफ्तारी दौरान अदालती आदेश की अवमान मे , अब हाई कोर्ट घूमेगी पुलिस


    मऊ । खरी दुनिया के खिलाफ विद्वेषपूर्ण अभियोजन मे पुलिस ने अदालती आदेशों को भी ताक पर रखने से पीछे नही हटी है। पुलिस गिरफ्तारी दौरान मा० सुप्रीम कोर्ट द्वारा श्री डी के बसू बनाम पश्चिम बंगाल मे पारित दिशा निर्देशों का पुलिस ने उल्लंघन किया है।

    हालाँकि पुलिस द्वारा खरी दुनिया की गिरफ्तारी दौरान ही अदालती आदेशो की अवहेलना नही की गई है।

    पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय के कार्यकाल मे जिन भी मामलो मे गिरफ्तारी हुई है उसमे से अधिकांश मामलो मे गिरफ्तारीं दौरान मा उच्चतम न्यायालय के द्वारा श्री डी के बसु बनाम् पश्च्छिम बंगाल के मामले मे परित दिशा निर्देशों की खुलेआम् अवहेलना की गई है। खुद के खिलाफ पुलिसिया इस अपराधिक कृत्य को लेकर “खरी दुनिया” ने अवमान अधिनियम का सहारा लिया है।

    ग्राम प्रधान से वर्ष 2020 के बाद 2023 मे कुल ८ बार ही उसकी मोबाइल पर वार्ता हुई है। इसके बाद ग्राम प्रधान से खरी दुनिया की कभी बात नही हुई है।

  • गोंडा मे “एंटी करप्शन टीम” के हत्थे चढ़े मऊ के बाबू धर्मेश राय

    गोंडा मे “एंटी करप्शन टीम” के हत्थे चढ़े मऊ के बाबू धर्मेश राय

    — धर्मेश राय मऊ से स्थानत्रित होकर गोंडा के सीएमओ दफ्तर मे चिकित्सा प्रतिपूर्ति पटल का देख रहे थे काम

    गोंडा। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी-करप्शन ऑर्गनाइजेशन) की ट्रैप टीम ने मंगलवार को सीएमओ कार्यालय पर तैनात कर्मचारी मऊ जिले के धर्मेश राय को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।

    विभागीय सूत्रों के अनुसार सीएमओ दफ्तर मे तैनात बाबू धर्मेश कुमार राय ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए वन विभाग के कर्मचारी से पांच हजार रुपये की मांग की थी। तय समय पर धर्मेश कुमार को जैसे ही बन विभाग के कर्मचारी ने उन्हे चिकित्सा प्रतिपूर्ति दिलाने के लिए त्य रकम को इनके हाथ मे दिया, एंटी करप्शन टीम ने उन्हे रंगे हाथ दबोच लिया। एंटी करप्शन की इस कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में हंड़कंप मचा हुआ है।

    सूत्रों पर यकीन करे तो कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के विशुनपुर बैरिया निवासी वन विभाग के कर्मी रघुराज सोनकर सीएमओ कार्यालय से चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। चिकित्सा प्रतिपूर्ति पटल देख रहे वरिष्ठ सहायक धर्मेश कुमार राय ने प्रतिपूर्ति पास कराने के लिए पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

    इसकी शिकायत रघुराज ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की। शिकायतकर्ता से मिलकर भ्र्ष्टाचार निवारण संगठन ने जाल बिछा कर आज गिरफ्तार कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक भ्रष्टाचार निवारण संगठन थाना गोंडा के ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली नगर में तहरीर दी।

  • मऊ मे निजी नर्सिंग होम संचालको से लिफाफे लेकर एसपी ने “खरी दुनिया” को दिलवाई थी धमकी

    मऊ मे निजी नर्सिंग होम संचालको से लिफाफे लेकर एसपी ने “खरी दुनिया” को दिलवाई थी धमकी

    एसपी अविनाश पाण्डेय द्वारा अपने कर्मचारी से “खरी दुनिया” को दिलवाई गई धमकी भरी चेतावनी का साक्ष्य

    मऊ। जिले के अवैध निजी नर्सिंग होम संचालको से दूरी दर्शा कर “लिफाफा” वसूलने वाले पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय ने इन हॉस्पिटलो से संबंधित “खरी दुनिया” द्वारा प्रकाशित खबरों को दबवाने के लिए ही अपने कर्मचारी से “खरी दुनिया” को “धमकी” भरी चेतावनी दिलवाई थी।

    एसपी की धमकी के बाद खबरों का प्रकाशन नही रुकने पर एसपी ने “खरी दुनिया” के खिलाफ इन अबैध निजी हॉस्पिटलो से लिफाफा लेकर “खरी दुनिया” के खिलाफ विद्वेषपूर्ण अभियोजन मे फर्जी मुकदमे मे मिथ्या साक्ष्य गढ़ कर खरी दुनिया को जेल मे डाला था।

    एसपी के इस अपराधिक कृत्य का खुलासा तब हुआ जब एसपी ने अपने कार्यकाल के अंतिम दौर मे चिकित्सकों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम मे शिरकत कर सम्मान लेने का काम किया।

    खरी दुनिया को उसके मोबाइल पर सर कलम करने की धमकी देने वाले अवैध हॉस्पिटल संचालक की रिकॉर्डेड धमकी पर एसपी ने आरोपी से लिफाफा ले नही की आज तक विधिक कार्यवाही

    बहरहाल लिफाफे की “जल्दी” मे “खरी दुनिया” के खिलाफ एसपी का अपने मातहतो के साथ साजिस रचकर उसे निर्दोष होते हुए दोषी बनाने के खेल मे एसपी साहित दो अन्य कर्मचारी भी अदालती आदेश को भी ताक पर रख कर अवमान का अपराध कर चुके है।

    “खरी दुनिया” ने IGRS के माध्यम से पुलिस महानिदेशक से मामले मे विभागीय कार्यवाही को आवेदन दे चुका है।