शुभेंदु के सहायक चंद्रनाथ हत्याकांड की जांच अब सीबीआई के हवाले

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डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ CBI ने कर दी बड़ी कार्रवाई, 6 राज्यों में की छापेमारी

 

कोलकाता। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई ) को सौंप दी गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि हत्या के तार कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका है, इसलिए मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी दी गई है। इस फैसले के बाद यह मामला केवल बंगाल तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसे अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के रूप में देखा जा रहा है।

सीबीआई ने जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है। इस टीम की कमान डीआईजी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। जांच टीम में दिल्ली, पटना, रांची, धनबाद और लखनऊ से सात अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है, जबकि कोलकाता के जॉइंट डायरेक्टर पूरे ऑपरेशन की निगरानी करेंगे। सूत्रों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर टीम में और अधिकारियों को भी जोड़ा जा सकता है।

राज्य सरकार ने मध्यमग्राम थाना, सीआईडी और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी जल्द से जल्द सीबीआई को सौंप दी जाए। इस हत्याकांड ने पूरे बंगाल की राजनीति में सनसनी फैला दी है।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के ठीक बाद छह मई की रात मध्यमग्राम इलाके में चंद्रनाथ रथ की बेहद करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनके सीने, पेट और हाथ पर कई गोलियां दागीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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प्रारंभिक जांच में पुलिस और सीआईडी को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या में 8 से 9 लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने के लिए दो बाइक और एक कार का इस्तेमाल किया गया था। एक बाइक पर दो और दूसरी बाइक पर तीन लोग सवार थे।

सूत्रों का दावा है कि इस्तेमाल की गई गाड़ी, हथियार और पूरे ऑपरेशन पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या के पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था।

इस मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश से कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। कोलकाता पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपी पूछताछ में पूरी तरह चुप बना हुआ है, जबकि अन्य दो आरोपी लगातार दबाव में दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अब तक किसी ने आधिकारिक तौर पर अपराध स्वीकार नहीं किया है।

सबसे बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि आखिर इस हाई-प्रोफाइल हत्या की सुपारी किसने दी। मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी को निशाना बनाने के पीछे असली मकसद क्या था, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा हो रही है।

पहले तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी सीबीआई जांच की मांग उठाई गई थी। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस केस में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सीबीआई इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के मास्टरमाइंड तक पहुंच पाएगी या नहीं।

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