Farming Tips: बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर उससे बेहतर कमाई कैसे की जा सकती है, यह जमशेदपुर के युवा किसान राहुल गोराई ने साबित कर दिया है। उन्होंने वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर खाली पड़ी जमीन पर जंबो फूलगोभी की सफल खेती की और अब इस फसल से शानदार मुनाफा मिलने की उम्मीद जता रहे हैं
Farming Tips: राहुल ने सिर्फ करीब 18 हजार रुपये की लागत से इस खेती की शुरुआत की।
जमशेदपुर के पटमदा प्रखंड के लोहाडीह गांव के युवा किसान राहुल गोराई आज अपनी मेहनत और नई सोच के कारण पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गए हैं। उनकी लगभग 3 बीघा जमीन कई वर्षों से खाली पड़ी थी, जिसे लोग बेकार मानते थे। गांव में अधिकतर किसान पारंपरिक धान की खेती तक ही सीमित थे, लेकिन राहुल ने कुछ अलग करने का फैसला किया। उन्होंने सोचा कि अगर सही योजना और मेहनत के साथ खेती की जाए, तो यही जमीन अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी बंजर जमीन को फिर से तैयार किया और आधुनिक तरीके अपनाकर खेती शुरू की।
राहुल की यह पहल न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने में मददगार बनी, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गई। उनकी कहानी यह दिखाती है कि सही सोच, मेहनत और धैर्य से खेती में भी उज्ज्वल भविष्य बनाया जा सकता है।
सोच-समझकर चुनी सही फसल
राहुल ने जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने पहले अनुभवी किसानों से सलाह ली और कृषि से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई। साथ ही बाजार की मांग को भी समझा। इस दौरान उन्हें पता चला कि सर्दियों में फूलगोभी, खासकर बड़े आकार की जंबो गोभी की मांग ज्यादा रहती है और इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है। इसके बाद उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से फूलगोभी की खेती करने का फैसला किया।
कम लागत में शुरू की नई पहल
राहुल ने सिर्फ करीब 18 हजार रुपये की लागत से इस खेती की शुरुआत की। इस पैसे से उन्होंने बीज, खाद और जरूरी दवाएं खरीदीं। सिंचाई के लिए खेत में नाली सिस्टम तैयार किया, जिससे पानी आसानी से सभी पौधों तक पहुंच सके। इस तरीके से पानी की बचत भी हुई और मेहनत भी कम लगी। राहुल बताते हैं कि उन्हें दिन में सिर्फ एक बार खेत आकर मोटर चलानी होती है, बाकी काम नालियों के जरिए खुद हो जाता है।
कुछ ही महीनों में बदली खेत की तस्वीर
करीब तीन महीने बाद खेत का नजारा पूरी तरह बदल गया। जहां पहले खाली जमीन थी, वहां अब बड़े और ताजे सफेद फूलगोभी तैयार हो गए। बाजार में इन जंबो गोभी की कीमत 35 से 40 रुपये प्रति पीस तक मिल रही है। राहुल के अनुसार, इस सीजन में उन्हें करीब 2.5 लाख से 3 लाख रुपये तक की कमाई होने की उम्मीद है।
नई सोच से खेती बन सकती है फायदे का सौदा
राहुल का कहना है कि खेती कभी घाटे का काम नहीं होती, बस सही फसल और सही समय का चुनाव जरूरी है। अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ सब्जियों की खेती भी करें, तो कम जमीन में भी अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। उनकी सफलता देखकर अब आसपास के किसान भी उनसे सीखने आ रहे हैं।
युवाओं के लिए बन रहे हैं प्रेरणा
गांव के बुजुर्गों का भी मानना है कि युवाओं का खेती की ओर लौटना गांव की तरक्की के लिए अच्छा संकेत है। राहुल ने अपनी मेहनत और नई सोच से यह साबित कर दिया है कि खेती भी नौकरी से बेहतर कमाई का जरिया बन सकती है। उनकी कहानी आज कई किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।










