जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में राहुल गांधी बनाम कार्तिकेय चौहान मानहानि मामले में जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने नया आदेश जारी करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तय कर दी है। साथ ही पहले ‘हर्ड एंड रिजर्व’ रखे गए मामले की दोबारा सुनवाई के बाद कोर्ट ने पूरी ऑर्डर शीट मांगी है।
आज शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि 09.05.2025 तक की ऑर्डर शीट ही प्रस्तुत की गई है, जबकि इसके बाद की कार्यवाही का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। रिकॉर्ड के अनुसार 28.08.2025 को अगली उपस्थिति निर्धारित थी, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी कोर्ट के पास नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए न्यायालय ने निर्देश दिया कि 09.05.2025 से वर्तमान तक की प्रमाणित ऑर्डर शीट अनिवार्य रुप से पेश की जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम आवेदन पर निर्णय लेने से पहले प्रतिवादी पक्ष को सुनना जरुरी है।
भोपाल की जेएमएफसी/विशेष न्यायाधीश (एमपी,एमएलए) अदालत ने 13.12.2024 को राहुल गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत संज्ञान लेते हुए समन जारी किया था। इसी आदेश को ‘कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग’ बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि यह कार्रवाई बिना आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किए की गई।
उल्लेखनीय है कि यह मामला मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान 29 अक्टूबर 2018 को झाबुआ में हुई एक सभा से जुड़ा है। जहां राहुल गांधी ने अपने भाषण में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम ‘पनामा पेपर्स’ से जोड़ते हुए आरोप लगाए थे। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां कार्रवाई हुई, लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ। इसी बयान को कार्तिकेय सिंह चौहान ने अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए मानहानि का मामला दर्ज कराया। मामले को अब 4 मई 2026 से शुरु होने वाले सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
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