पलामू। जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के निजी बस स्टैंड रोड स्थित नगर पालिका मार्केट में गुरुवार रात हुई समीर खलीफा उर्फ गुड्डू हत्याकांड का पुलिस ने महज 16 घंटे के भीतर उद्भेदन कर दिया है।
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। समीर की हत्या के बाद जिस दोस्त ने खूब शोक मनाया और संवेदना दिखाते हुए आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी कराई थी, दरअसल उसने ही दाे लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या कराई थी।
10.5 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिलाया गया था।
मामले में पुलिस ने निष्पक्ष और त्वरित अनुसंधान करते हुए समीर के साथी इसराइल आजाद उर्फ मिंटू डाला एवं शहजाद आलम उर्फ विक्की राइन के अलावा कांट्रेक्ट किलिंग में शामिल शूटर फैज खान, आदर्श कुमार उर्फ धोनी तथा तारीख शाह उर्फ मूनान को गिरफ्तार किया है। इनके पास से सुपारी के 39,500 रुपए बरामद किए गए हैं। सुपारी का 01 लाख 60 हजार रुपये और हत्या में इस्तेमाल हथियार लेकर एक अपराधी फरार है, जिस पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
एसपी के अनुसार इस मामले में समीर के दोस्त इसराइल आजाद उर्फ मिंटू डाला और शहजाद आलम उर्फ विक्की राइन, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग में शामिल शूटर फैज खान, आदर्श कुमार और पहाड़ी मुहल्ला मेदिनीनगर के तारीख शाह उर्फ मूनान को गिरफ्तार किया गया है।
हत्या के बाद पुलिस ने गोली चलाने वाले फैज खान की घेराबंदी की थी। इस दौरान फैज ने दो राउंड पुलिस पर भी गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने नौ राउंड फायरिंग की।
फैज खान के पैर में दो गोलियां लगीं, जिसके बाद उसे मेदिनीनगर से रांची रिम्स इलाज के लिए भेजा गया है। पुलिस ने फैज के पास से एक देसी पिस्टल और गोली, जबकि आदर्श के पास से एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की है।
गिरफ्तार मिंटू डाला और मृतक समीर जमीन कारोबार में साझेदार थे। पहाड़ी मोहल्ला स्थित चनवारी में 10.5 एक प्लॉट को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते ईद के समय मिंटू ने समीर की हत्या की योजना बनाई। हत्या से तीन दिन पहले बस स्टैंड रोड स्थित घटनास्थल की रेकी करवाई गयी थी। सुपारी के रूपए मिंटू ने विक्की राइन से भेजवाए थे।
मिंटू ने केस को उलझाने के लिए फैज से गोली मरवाई और फिर खुद फैज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर इसे फैज और समीर के बीच की पुरानी रंजिश बताया था। लेकिन घटना के बाद मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को मिंटू पर संदेह हो गया था। अनुसंधान के दौरान यह हकीकत में बदल गया और हत्या की गुत्थी सुलझ गयी।
पुलिस की कार्रवाई टीम में डीएसपी राजीव रंजन और शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार, पांकी थाना प्रभारी राजेश रंजन, पुअनि रंजीत कुमार, सअनि राजेश कुमार साहू एवं जवान नंदलाल पटेल शामिल थे।







