जिनपिंग ने ट्रंप को चीन के प्राचीन दर्शन ‘सभी जीवों के बीच सद्भाव’ की अवधारणा समझाई

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बीजिंग। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने राजधानी बीजिंग के ‘टेंपल ऑफ हेवन’ में ‘हॉल ऑफ प्रेयर फॉर गुड हार्वेस्ट्स’ के दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति व अन्य की तस्वीर आज सुबह पोस्ट की है। उन्होंने लिखा, ” राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप और उनके परिवार को सभी जीवों के बीच सद्भाव की अवधारणा और प्रकृति के नियमों के प्रति सम्मान के बारे में समझाया।” ट्रंप इस समय चीन की राजकीय यात्रा के तीसरे दिन बीजिंग में हैं। ट्रंप और उनके परिवार ने ‘टेंपल ऑफ हेवन’ का दौरा गुरुवार को किया था।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग दूसरी पोस्ट में लिखा कि शी मानते हैं कि चीन और अमेरिका दोनों ही देशों के लोग महान हैं। चीन का महान पुनरुद्धार करना और अमेरिका को फिर से महान बनाना ये दोनों काम साथ-साथ चल सकते हैं। चीन और अमेरिका एक-दूसरे को सफल होने में मदद और दुनिया की भलाई कर सकते हैं। निंग कहती हैं कि चीन-अमेरिका संबंध दोनों देशों के 1.7 अरब से अधिक लोगों की भलाई से जुड़े हैं और दुनिया के आठ अरब से अधिक लोगों के हितों को प्रभावित करते हैं।

बीजिंग के ऐतिहासिक टेंपल ऑफ हेवन में ट्रंप के साथ पहुंचे जिनपिंग ने प्राकृतिक नियमों के प्रति सम्मान और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने के महत्व पर जोर दिया। यह अवधारणा चीनी विश्व दृष्टि का हिस्सा है। यह ‘स्वर्ग और मानवता के बीच सामंजस्य’ को दर्शाती है। माओ निंग का कहना है कि इस दर्शन को समझाने का उद्देश्य सहयोग की भावना रहा।

‘सभी जीवों के बीच सद्भाव’ की अवधारणा को ‘मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व’ के रूप में भी जाना जाता है। इस प्राचीन दार्शनिक विचार को आधुनिक चीन ने अपनी पारिस्थितिक सभ्यता के मूल के रूप में अपनाया है। यह अवधारणा विशेष रूप से ताओवाद और कन्फ्यूशियसवाद से प्रेरित है। इसके तहत माना जाता है कि इनसान प्रकृति से अलग नहीं, बल्कि उसका हिस्सा हैं। मनुष्य को प्रकृति का सम्मान करना चाहिए। उसके नियमों का पालन करना चाहिए। उसकी रक्षा करनी चाहिए।

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