बलरामपुर। बलरामपुर जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘एलआईसी बीमा सखी’ पहल कारगर साबित हो रही है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बीमा एजेंट बनाकर रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में आज शुक्रवार जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘एलआईसी बीमा सखी’ योजना संचालित की जा रही है।
भारतीय जीवन बीमा निगम के समन्वय से महिलाओं को “बीमा सखी” के रूप में चिन्हांकित कर उन्हें एजेंट कोड प्रदान किया जा रहा है। जिले में अब तक 33 महिलाओं का चयन इस पहल के तहत किया जा चुका है, जिससे उन्हें स्वरोजगार के साथ आय बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
महिलाओं के कौशल विकास और कार्य दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 33 कार्यरत बीमा सखियों के साथ 65 नए चिन्हांकित सदस्यों ने भाग लिया।
इस दौरान एलआईसी विकास अधिकारी सावन जायसवाल ने बीमा के महत्व, उसके लाभ, बीमा प्रक्रिया, ग्राहकों से संवाद के तरीके और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीमा न केवल आकस्मिक परिस्थितियों में सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिरता को भी मजबूत करता है।
कार्यशाला में बीमा सखियों को अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को बीमा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल न केवल महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और वित्तीय जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और समाज व अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।










