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मऊ में अब अबैध हॉस्पिटल्स की खैर नही, होगी जांच, लेकिन जाँच किसकी ? तय नही है मानक

पोखरे तक की जमीनों पर है जिले में मौजूद हॉस्पिटल्स, वानगी है राहुल हॉस्पिटल

न तो एनबीसी, महायोजना के तहत है निर्मित भवन, न तो नियमतः जारी है अग्नि समन की “एनओसी”, १० फिट चौड़ी गली तक में हो रहा अबैध हॉस्पिटल्स

मऊ। जिले में अबैध हॉस्पिटल्स को लेकर “खरी दुनिया” द्वारा चलाई गई खबरों से प्रसाशन की तन्द्रा अंततः टूट गई । खबरो के प्रकाशन और एक हॉस्पिटल को लेकर मा उच्च न्यायालय द्वारा दाखिल जनहित याचिका के बाद प्रसाशन हरकत में आ गया है। अब ऐसे हॉस्पिटल्स और पैथोलॉजी की जाँच का आदेश हुआ है जिन्हे राहुल हॉस्पिटल जैसे वैध होने पर संदेह है।


विभागीय सूत्रों के अनुसार “खरी दुनिया” द्वारा निरंतर जिले में “नेशनल बिल्डिंग कोड” और “महायोजना” के खिलाफ निर्मित निजी नर्सिंग होम्स को लेकर प्रकाशित खबरो और मा उच्च न्यायालय में दाखिल एक जनहित याचिका के बाद प्रसाशन हरकत में आ गया है। सूत्रों पर यकीन करे तो प्रसाशन ने अब निजी नर्सिंग होम्स और पैथोलोजी सेंटर्स की जाँच कराने का आदेश जारी कर दिया है। अब अवैध रूप से संचालित हॉस्पिटल्स की अब जांच होगी लेकिन इस जांच का मानक क्या होगा? कों लेकर कोई दिशा निर्देश जारी नही है।

कही ऐसे हॉस्पिटल्स भी है जो नेशनल बिल्डिंग कोड और महायोजना के खिलाफ निर्मित है तो कही ऐसे भी हॉस्पिटल्स है जो नॉन जेड ए की पोखरे की जमीनों पर नेशनल बिल्डिंग कोड और महायोजना के खिलाफ निर्मित है। यही नही ऐसे हॉस्पिटलो के भवन के नक्शे भी नियम विरुद्ध तरीके स्वीकृत है। ऐसे हॉस्पिटल में एक नाम राहुल हॉस्पिटल्स और प्रकाश हॉस्पिटल का है, जिसके भवन एनबीसी और महायोजना के खिलाफ है लेकिन विभागीय और अग्नि समन विभाग की कृपा पर संचालित हो रहे है। अस्था और सत्यम हॉस्पिटल का भी कमोबस यही हाल है।

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