मऊ में सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अजय सिंह सहित 3 पर जालसाजी के आरोप में लटकने लगी गिरफ्तारी की तलवार 

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👉 थाना सरायलखंसी की फर्जी मुहर लगाकर पासपोर्ट की फर्जी गुमशुदगी तैयार करने का आरोप

मऊ। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अजय कुमार सिंह, अधिवक्ता ब्रह्मानंद सिंह व भूपेंद्र सिंह के खिलाफ थाना सरायलखंसी पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी आदि के आरोप में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू किये जाने की खबर हैँ। अजय पर थाने की फर्जी मुहर लगाकर पासपोर्ट की फर्जी गुमशुदगी का प्रमाण पत्र तैयार कर न्यायालय में दाखिल करने का आरोप हैँ। एक वर्ष तक चली जांच और दोनों पक्षों के बयान और प्रपत्रों के अवलोकन के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज किया हैँ ।

पुलिस सूत्रों के अनुसार अजय कुमार सिंह ने आपराधिक मुकदमों को छुपाकर जिलाधिकारी के समक्ष झूठा शपत्र देकर शस्त्र लाइसेंस जारी करा लिया था। जिसकी शिकायत विनोद कुमार सिंह ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से किया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के आदेश पर तत्कालीन को सीओ नगर अस्वनी कुमार पांडेय ने जांच किया, जांच में आरोप सही पाए जाने पर अजय कुमार सिंह के विरुद्ध जालसाजी की धाराओं में सरायलखंसी थाना में एफआईआर दर्ज हुआ था। अजय कुमार सिंह को जिला एवं सत्र न्यायालय से सशर्त अग्रिम जमानत मिली हुई थी। उन्हें अपना पासपोर्ट सीजेएम न्यायालय में जमा करना था ,लेकिन जमा नहीं किया। जमानत आदेश के शर्तों का उल्लंघन करने पर विनोद कुमार सिंह ने अजय कुमार सिंह को मिली अग्रिम जमानत को निरस्त करने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें अजय कुमार सिंह ने शर्त नंबर 4 के अनुपालन मे पासपोर्ट सीजेएम न्यायालय में जमा नहीं किया के उल्लंघन से बचने के लिए अपने पासपोर्ट की गुमशुदगी के बावत एक प्रार्थना पत्र तैयार कर उस पर सरायलखंसी थाने की फर्जी मुहर लगाकर और फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फर्जी गुमशुदगी प्रमाण पत्र तैयार किया। और उसे न्यायालय में दाखिल किया। जिस पर विनोद कुमार सिंह ने थाना सरायलखंसी से जनसूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रमाण पत्र के बावत सूचना मांगी। सरायलखंसी थाने से मिली जनसूचना से पता चला कि अजय कुमार सिंह ने थाना की फर्जी मुहर लगाकर उस पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फर्जी गुमशुदगी प्रमाण पत्र बनाया है। इस तरह के प्रमाण पत्र का थाने की जीडी में कोई उल्लेख नहीं है। जिस पर विनोद कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले में एफआईआर दर्ज करने के अनुरोध किया था।

अलग अलग तीन अफसरों ने 1साल तक की जाँच 

पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मामले की सीओ नगर, थाना सरायलखंसी के एसआई, अपर पुलिस अधीक्षक ने अलग अलग जांच कर अपनी रिपोर्ट दिया था। जिसपर एसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने सभी जांच रिपोर्ट का अवलोकन कर रिपोर्ट मांगा था। जाँच में आरोप सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया गया हैँ।

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दर्ज आरोप मे 10 वर्ष तक की कैद की सजा का प्रविधान,  हों सकती हैँ गिरफ्तारी 

पुलिस ने मामले कई स्तर से जाँच कर अपराध को कारित किया जाना पाए जाने पर के मुकदमा दर्ज किया हैँ, दर्ज आरोपों में 7 साल से लेकर 10 वर्ष तक की कैद की सजा का प्रविधान हैँ।  गिरफ्तारी हों सकती हैँ। पुलिस ने सोमवार को तीनों लोगों के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 141/26 धारा 318(4), 338,336(3), 340(2), 351(2) बीएनएस के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया है। थाने की जाली मुहर को यह जानते हुए इस्तेमाल करने का आरोप गंभीर हैं।

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