यूक्रेन के ड्रोन हमले से रूस को झटका, प्रिमोर्स्क और उस्त-लूगा बंदरगाहों पर तेल लोडिंग ठप

0
3

 

मास्काे। यूक्रेन और रूस के बीच चार साल से जारी युद्ध अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा है। इस बीच, यूक्रेन द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए ड्रोन हमलों ने रूस के ऊर्जा ढांचे को बड़ा झटका दिया है। बाल्टिक सागर के प्रमुख तेल निर्यात बंदरगाह प्रिमोर्स्क और उस्त-लूगा पर भीषण आग लगने के बाद कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की लोडिंग रोक दी गई है। इस घटना ने न केवल रूस के निर्यात पर असर डाला है बल्कि वैश्विक तेल बाजार में भी नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।

मीडिया रिपाेर्ट्स के अनुसार, रूस के प्रमुख बाल्टिक सागर स्थित प्रिमोर्स्क और उस्त-लूगा बंदरगाहों पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की लोडिंग पर रोक लगा दी गई है। यह कदम यूक्रेन के भारी ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया, जिनमें इन इलाकों में भीषण आग लग गई।

सूत्रों के मुताबिक, उस्त-लूगा स्थित रूस की पाइपलाइन कंपनी ट्रांसनेफ्ट के तेल भंडारण टैंकों में आग लगी, जिससे काला धुआं दूर स्थित फिनलैंड तक दिखाई दिया। प्रिमोर्स्क बंदरगाह पर भी हाल के दिनों में हमले हुए हैं और वहां लगी आग पूरी तरह से बुझाई नहीं जा सकी है।

हमले के बाद उस्त-लूगा क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है और कई टैंकों में आग अभी भी जल रही है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और फिलहाल तेल रिसाव की भी पुष्टि नहीं हुई है।

Advertisement

इसी दौरान कुछ यूक्रेनी ड्रोन भटक कर पड़ोसी देशों लातविया और एस्टोनिया में जा गिरे। एस्टोनिया में एक ड्रोन पावर स्टेशन से टकराया लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।

यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी एसबीयू ने दावा किया है कि हमले में तेल लोडिंग सुविधाओं और भंडारण टैंक पार्क को नुकसान पहुंचाया गया है। उसका कहना है कि ऐसे हमलों से रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा आय पर असर पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले रूस के तेल निर्यात ढांचे पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक हैं। इससे वैश्विक तेल बाजार में पहले से चल रही अनिश्चितता और बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में भी तनाव बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रिमोर्स्क बंदरगाह से प्रतिदिन 10 लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल का निर्यात किया जा सकता है, जबकि पिछले वर्ष उस्त-लूगा से 32.9 मिलियन टन और प्रिमोर्स्क से 16.8 मिलियन टन तेल उत्पादों का निर्यात हुआ था।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि रातभर में मॉस्को सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 389 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।

हाल के हफ्तों में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और निर्यात मार्गों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। इनका उद्देश्य रूस की आर्थिक क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब शांति वार्ताएं ठप पड़ी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here