महिला अपराधों से मोर्चा लेगी “सिंगप्पेन फोर्स ”, रोजाना दो शिफ्टों में करेगी गश्त

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चेन्नई। राज्य में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने और उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तमिलनाडु पुलिस के गठित ‘सिंगप्पेन फोर्स‘ यानी विशेष महिला कार्य बल’ ने कल से पूरे राज्य में आधिकारिक रूप से अपना कार्य शुरू कर दिया है। इस बल का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों की पहचान करना है जहाँ महिलाओं के खिलाफ अपराध होने की संभावना अधिक रहती है और वहाँ पहले से ही निगरानी बढ़ाकर अपराधों को रोकना है।

‘सिंगप्पेन फोर्स‘ यानी विशेष महिला कार्य बल प्रतिदिन दो शिफ्टों में रोटेशन के आधार पर लगातार निगरानी और गश्त का कार्य करेगा। प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों से युक्त यह टीम सार्वजनिक स्थानों, बस और रेलवे स्टेशनों, स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य महिला-प्रधान क्षेत्रों में विशेष गश्ती वाहनों के माध्यम से निगरानी करेगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करना तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में तेजी से पहुँचकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना इस बल का प्रमुख उद्देश्य है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ वियजय ने ऐलान किया था कि राज्य सरकार का लक्ष्य “महिलाओं के लिए सुरक्षित तमिलनाडु” का वातावरण स्थापित करना है। इसी के तहत इस विशेष महिला कार्य बल का गठन किया गया है।

24 घंटे निगरानी और गश्त

यह विशेष बल बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार गश्त करेगा। पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध कहाँ-कहाँ हुए हैं और भविष्य में किन क्षेत्रों में ऐसी घटनाएँ होने की संभावना है, इसकी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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अलग कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर

इस विशेष बल के लिए जल्द ही एक अलग पुलिस नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। सहायता की आवश्यकता होने पर महिलाएँ 100, 112 और

1091 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकती हैं। इन नंबरों पर आने वाली शिकायतों को तुरंत ‘सिंगप्पेन बल’ को भेजा जाएगा और टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुँचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी।

जिम्मेदारियाँ और आधुनिक उपकरण

इस विशेष बल को सीधे एफआईआर दर्ज करने का अधिकार नहीं होगा। इसका मुख्य कार्य अपराधों की रोकथाम और महिलाओं के बीच सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाना होगा। इस बल की महिला पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा, जवाबी कार्रवाई और हथियारों के उपयोग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। फिलहाल उन्हें नियमित रूप से बंदूकें नहीं दी जाएंगी, लेकिन आपातकालीन और गंभीर परिस्थितियों में हथियार उपलब्ध कराए जाएंगे। इन महिला पुलिसकर्मियों को सुरक्षा संबंधी कार्यों के अलावा अन्य कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को और आधुनिक बनाने के लिए इस विशेष बल के लिए 49 अत्याधुनिक ड्रोन कैमरे जल्द खरीदे जाएंगे। इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बॉडी कैमरा से लैस विशेष आधुनिक वर्दियाँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी। तमिलनाडु सरकार की इस पहल को राज्यभर की महिलाओं और छात्राओं के बीच व्यापक समर्थन मिला है और इससे उनमें सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत हुई है।

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