टीवीके की गठबंधन बैठक से कम्युनिस्ट दलों ने बनाई दूरी, फिर भी मुख्यमंत्री विजय से की मुलाकात, बाहर से समर्थन जारी रखने के संकेत

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चेन्नई। तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) की ओर से बुलाई गई गठबंधन दलों की परामर्श बैठक में शामिल होने से इनकार करने के बावजूद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने बुधवार को मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टियां टीवीके सरकार को बाहर से ही समर्थन देती रहेंगी, जिससे यह संकेत मिला है कि प्रस्तावित नए राजनीतिक गठबंधन में वामपंथी दल फिलहाल शामिल नहीं होंगे।

राज्य की राजनीति में इन दिनों नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) गठबंधन से कांग्रेस, वामपंथी दलों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) सहित कई दलों के अलग होने के बाद टीवीके के नेतृत्व में नए गठबंधन के गठन की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में गठबंधन सहयोगियों की बैठक बुलाई गई थी।

हालांकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मु. वीरपांडियन और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव पे. शण्मुगम ने बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया, लेकिन दोनों नेता अलग से मुख्यमंत्री विजय से मिले। बताया गया कि इस दौरान उन्होंने जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा तथा राज्य के समसामयिक विषयों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टियां सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखेंगी, लेकिन टीवीके के राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि वामपंथी दल प्रस्तावित नए गठबंधन से दूरी बनाए रखेंगे।

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इससे पहले टीवीके के महासचिव एवं मंत्री एन. आनंद तथा मंत्री आधव अर्जुना ने संभावित सहयोगी दलों के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें बैठक का निमंत्रण दिया था। निमंत्रण पाने वालों में वीसीके अध्यक्ष थोल. तिरुमावलवन, एमडीएमके महासचिव वाइको, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के अध्यक्ष कादर मोहिद्दीन, भाकपा के राज्य सचिव मु. वीरपांडियन तथा माकपा के राज्य सचिव पे. शण्मुगम सहित अन्य दलों के नेता शामिल थे।

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा था कि यह बैठक टीवीके के नेतृत्व में नए गठबंधन की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। ऐसे में कम्युनिस्ट दलों का बैठक में शामिल न होना टीवीके के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में वामपंथी दल द्रमुक गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरे थे। बाद में उन्होंने तमिलगा वेत्रि कड़गम सरकार को समर्थन दिया, जिसके बाद उनके द्रमुक से अलग होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब गठबंधन बैठक से दूरी और मुख्यमंत्री से अलग मुलाकात ने तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलों को और बल दे दिया है। मुख्यमंत्री विजय आने वाले दिनों में संभावित सहयोगी दलों के साथ अलग-अलग दौर की वार्ताओं के माध्यम से गठबंधन की रणनीति को आगे बढ़ा सकते हैं।-

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