अमेरिका-ईरान हमले रोकने पर सहमत, कतर की राजधानी दोहा में मंगलवार को वार्ता संभव, प्रमुख न्यूज वेबसाइट का दावा

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वाशिंगटन। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट ‘एक्सियोस’ ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ‘एक्सियोस’ ने कहा कि दोनों पक्षों के मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में मिलने की उम्मीद है। दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद और मतभेद को सुलझाने पर बातचीत करेंगे। होर्मुज तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है।

‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस अधिकारी ने कहा कि इस वक्त दोनों पक्ष मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए बैठक करने की योजना बना रहे हैं। दोहा वार्ता में अमेरिकी तकनीकी टीम के प्रमुख निक स्टीवर्ट के शामिल होने की उम्मीद है।

इस अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।” एक दूसरे अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष “फिलहाल” पीछे हटेंगे और “जहाज आजादी से आ-जा सकेंगे” क्योंकि तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक तीसरे सूत्र ने मंगलवार को होने वाली बैठक की पुष्टि की।

शुरुआत में यह बैठक स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन हालिया सैन्य टकराव के बाद इसका स्थान बदलकर कतर की राजधानी दोहा किया गया है। अब बैठक का एजेंडा सीमित कर केवल होर्मुज से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित किया गया है। व्हाइट हाउस ने प्रस्तावित वार्ता पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

उल्लेखनीय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों देशों के बीच हुए समझौते को लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ईरान ने होर्मुज से कमर्शियल जहाजों के सुरक्षित गुजरने की सुविधा देने के लिए पूरी कोशिश करने का वादा किया था। इसके बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटा ली थी। पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड में बातचीत के दौरान दोनों पक्ष हॉटलाइन स्थापित करने पर भी राजी हुए थे।

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अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रकाशन कार्यालय के सदस्य मेहदी फजाइली ने रविवार को सरकारी टीवी को बताया कि देश पर हुए हमलों और अमेरिका के साथ हुए समझौते की शर्तें पूरी न होने के कारण ईरान रविवार को होने वाली तकनीकी बातचीत में शामिल नहीं हुआ।

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