भारत ने ईरानी राजदूत से की मुलाकात, हर्मुज जलस्रोत में तेल टैंकरों की रोकथाम पर जताई गहरी चिंता
भारत ने ईरान के राजदूत को बृहस्पतिवार को मंत्रालय में बुलाकर दो तेल टैंकरों के हर्मुज जलस्रोत पार करने से रोक दिए जाने के मामले पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। यह कदम भारत की मध्य पूर्व में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर संवेदनशील स्थिति का संकेत है।
विदेश मंत्रालय ने इस बैठक को राजदूत को “तलब” करने के रूप में वर्णित किया है, न कि “समन”। यह शब्द चयन भारत की कूटनीतिक परंपरा और रिश्तों की गंभीरता का सूचक है। बैठक में दोनों पक्षों ने हाल की घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की और क्षेत्रीय तनाव को कम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
हर्मुज जलस्रोत विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जिससे रोजाना करोड़ों बैरल कच्चा तेल गुजरता है। इसे रोकना वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है। इसलिए भारत जैसी ऊर्जा आयातक प्रतिदिन इस मार्ग की सुरक्षा में गंभीरता दिखाती है।
पृष्ठभूमि के अनुसार, हाल ही में दो तेल टैंकरों को इस जलस्रोत से गुजरने से रोका गया था, जिसके कारण वैश्विक बाजार में अशांति और भारत में ऊर्जा सुरक्षा की चिंता पैदा हुई। भारत की यह प्रतिक्रिया क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और अपने रणनीतिक हितों की रक्षा का हिस्सा है।
विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह कदम द्विपक्षीय संपर्क और संवाद को बढ़ावा देने हेतु उठाया गया है। भारत ने ईरान से आग्रह किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम कर तेल परिवहन मार्गों को खुले तथा सुरक्षित बनाए रखा जाए ताकि सभी पक्षों के हित सुरक्षित रहें।
यह घटना उस समय हुई है जब मध्य पूर्व में कई राजनीतिक और सैन्य घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। भारत अपने सभी साझेदारों से शांतिपूर्ण समाधान के लिए निरंतर संवाद और सहयोग चाहता है।








