श्रीलंका की तमिल पार्टियां भारत से इंदो-लंका समझौते की भावना को साकार करने के लिए सतत प्रयास की मांग

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Sri Lanka’s Tamil parties seek sustained Indian push to realise spirit of Indo-Lanka Accord

श्रीलंका की तमिल पार्टियां भारत से इंदो-लंका समझौते के उद्देश्य को जीवित रखने का आग्रह करती हैं

श्रीलंका की तमिल राजनीतिक पार्टियों ने भारत से आग्रह किया है कि वह इंदो-लंका समझौते की भावना को वास्तविकता में बदलने के लिए निरंतर और स्थायी दबाव बनाए रखे। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच एक स्थिर और समृद्ध संबंध स्थापित करना था, जिसमें तमिल समुदाय की न्यायसंगत हिस्सेदारी भी शामिल है।

भारतीय उपराष्ट्रपति ने इन पार्टियों को आश्वासन दिया है कि भारत की स्थिति ‘विनियोजन’ के संदर्भ में स्पष्ट और स्थिर है। वे श्रीलंका की तमिल जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य के इस उच्च पदस्थ अधिकारी के शब्दों ने तमिल नेताओं को उम्मीद दी है कि भारत श्रीलंका में राजनीतिक सुधारों के लिए आवश्यक संवैधानिक प्रयासों को जारी रखेगा।

इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने आगामी प्रादेशिक चुनावों पर भी चर्चा की। तमिल पक्ष ने इन चुनावों को क्षेत्रीय स्वशासन और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के सशक्त माध्यम के रूप में देखना जरूरी बताया। भारत ने इस पर जोर दिया कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि तमिल समुदाय के अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।

पृष्ठभूमि में, इंदो-लंका समझौता 1987 में दक्षिण और उत्तर-पूर्वी श्रीलंका में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से हुआ था। हालांकि, इस समझौते को लागू करने में अनेक चुनौतियां आईं, जिनमें तमिल समुदाय के लिए स्वायत्तता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांगें प्रमुख रहीं। तमिल पार्टियां मानती हैं कि भारत की सक्रिय भूमिका से ही इन मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

समय-समय पर बदलते राजनीतिक परिदृश्य और सुरक्षा स्थितियों के बीच, तमिल नेताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की निरंतरता महत्वपूर्ण है। वे भारत की भूमिका को क्षेत्रीय स्थिरता और तमिल हितों के दृष्टिकोण से निर्णायक मानते हैं। इस प्रकार, इंदो-लंका समझौते की भावना को साकार करने के लिए भारत से निरंतर प्रयासों की अपेक्षा की जा रही है।

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