ब्रह्मा नन्द पाण्डेय
- –इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत, लगाई शर्तें
प्रयागराज। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। कथित यौन उत्पीड़न और पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में हाईकोर्ट ने बुधवार को उन्हें सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है।
जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने अपराह्न 3ः45 बजे यह अहम फैसला सुनाया। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। जमानत अर्जी मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाईं है और कहा है कि शर्तों का उल्लंघन करने पर जमानत निरस्तीकरण की अर्जी दाखिल किया जा सकता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अनावश्यक मीडिया में बयानबाजी करने पर पाबंदी लगाई है।
मालूम हो कि, इस मामले में पिछली सुनवाई 27 फरवरी को हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब तक के लिए कोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज दोपहर बाद जस्टिस सिन्हा की बेंच ने अपना सुरक्षित फैसला सुनाते हुए अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी। इससे पहले राज्य सरकार और शिकायतकर्ता के वकीलों ने जमानत का कड़ा विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार किया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकीलों ने तर्क दिया था कि यह पूरा मामला साजिश के तहत बनाया गया है। शंकराचार्य ने खुद भी पहले कहा था कि जिस बालक के शोषण की बात कही जा रही है, वह कभी उनके मठ में रहा ही नहीं। उन्होंने इसे प्रशासन और विरोधियों की मिलीभगत करार दिया था।



