सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी को फटकारा

0
8

 

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाए जाने के मामले में मुख्य सचिव और डीजीपी को फटकार लगाई है। साथ ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस का फाेन न उठाने पर माफी मांगने काे कहा है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने एसआईआर के लिए ट्रिब्यूनल्स को दस्तावेजों को फिर से देखने का आदेश दिया और मतदाता सूची के अपडेट के लिए एक दिन की समयसीमा तय कर दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को निर्देश दिया है कि वो मालदा जिले में एक अप्रैल को न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाये जाने के जांच अपने हाथ में लें। कोर्ट ने कहा कि राज्य की पुलिस पर गंभीर आरोप हैं।

कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एनआईए से जांच करने को कहा था। एनआईए ने सीलबंद लिफाफे में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी है। राज्य की पुलिस पर गंभीर आरोप हैं। ऐसे में राज्य पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर की जांच एनआईए अपने हाथों में ले। कोर्ट ने कहा कि अगर जरुरत पड़े तो एनआईए और एफआईआर दर्ज कर सकती है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी को इस बात के लिए फटकार लगाई कि जब न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया, तो उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस का फोन भी नहीं उठाया। तब राज्य के मुख्य सचिव ने कहा कि मेरे पास किसी चीफ जस्टिस का फोन नहीं आया था। मैं दिल्ली में एक मीटिंग में आया था। दो बजे से साढ़े चार बजे तक मैं फ्लाईट में था। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि मुख्य सचिव का फोन भी रिचेबल नहीं था। किस तरह से इन अफसरों को बिगाड़ा गया है। आप जाकर कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस से माफी मांगें।

Advertisement

कोर्ट ने 2 अप्रैल को एसआईआर के काम में लगे न्यायिक अधिकारियों पर हमले पर कड़ा एतराज जताते हुए इस काम में लगे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि न्यायिक अधिकारियों के घेर कर बंधक बनाकर रखना न केवल उन न्यायिक अधिकारियों की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि उच्चतम न्यायालय की गरिमा के खिलाफ भी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here