दोस्त ने रची साजिश, गुमशुदा युवक की हत्या कर शव गंगा में फेंका, तीन गिरफ्तार दो फरार

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कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र में गुमशुदा युवक की हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। दोस्त ने ही साजिश रचकर युवक को फोन कर बुलाया, जहां लूट के इरादे से गला दबाकर हत्या कर दी और शव नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभी फरार हैं।

पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि 17 अप्रैल को विष्णुचंद्र त्रिवेदी द्वारा अपने पुत्र अंकित त्रिवेदी (37) की गुमशुदगी थाना चकेरी में दर्ज कराई गई थी। अंकित त्रिवेदी बाराबंकी जनपद के सिधौर ब्लॉक स्थित प्राथमिक चिकित्सालय में वार्ड ब्वाय के पद पर कार्यरत थे। 16 अप्रैल की शाम एक फोन कॉल आने के बाद वह अपनी कार से घर से निकला था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मृतक की स्विफ्ट डिजायर कार फतेहपुर जनपद के हथगांव थाना क्षेत्र के एक गांव के पास लावारिस हालत में मिली। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कई टीमों का गठन कर जांच तेज की और घटना का खुलासा किया।

पूछताछ में सामने आया कि मृतक के परिचित सत्यम मिश्रा ने उसके बैंक खाते में रुपये होने की जानकारी रेहान, शादाब और अल्तमस को दी। इसके बाद सभी ने मिलकर योजना बनाई और शादी में कार बुकिंग के बहाने उसे रामादेवी क्षेत्र में बुलाया। वहां से तीनों आरोपित उसके साथ कार में बैठ गए, जबकि सत्यम मिश्रा बाइक से पीछे-पीछे चलता रहा।

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फतेहपुर जनपद के हथगांव क्षेत्र में सुनसान स्थान पर पानी पीने के बहाने कार रुकवाई गई। इसी दौरान आरोपितों ने अंकित से मोबाइल छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर गमछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को कार की पिछली सीट पर डालकर नौबस्ता गंगा पुल ले जाया गया और वहां से नदी में फेंक दिया गया। साथ ही मोबाइल भी नदी में बहा दिया गया, ताकि कोई साक्ष्य न बच सके।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित कार लेकर भागे, लेकिन रास्ते में पेट्रोल खत्म होने पर उसे गांव शाहपट्टी में छोड़ दिया और वहां से ई-रिक्शा व ट्रेन के जरिए मुंबई फरार हो गए।

पुलिस ने काशीराम कालोनी के पास गोल चौराहे से रेहान, शादाब और अल्तमस अहमद को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य साजिशकर्ता उन्नाव निवासी सत्यम मिश्रा और सहयोगी अफसाना अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस के अनुसार, इस वारदात के पीछे जल्दी पैसा कमाने की लालच और पहले से की गई रेकी मुख्य वजह रही। टीमों के समन्वित प्रयास से कम समय में पूरे मामले का सफल खुलासा किया गया।

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