बैंकॉक। बैंकॉक में आयोजित थाईलैंड ओपन 2026 सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी खिताब जीतने से चूक गई। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में इंडोनेशिया की डेनियल मार्थिन और लियो कार्नांडो की जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को सीधे गेमों में 21-12, 25-23 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
बैंकॉक के निमिबुत्र स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में इंडोनेशियाई जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। मार्थिन और कार्नांडो ने तेज रफ्तार और सटीक खेल के दम पर भारतीय जोड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा। पहले गेम में सात्विक और चिराग कई मौकों पर लय में नजर नहीं आए और गलतियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए पहला गेम 21-12 से आसानी से जीत लिया।
वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में वापसी की। सात्विक और चिराग ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया। दोनों जोड़ियों के बीच अंक दर अंक कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारतीय जोड़ी ने कुछ समय के लिए बढ़त भी हासिल की, लेकिन निर्णायक क्षणों में इंडोनेशियाई जोड़ी ने संयम बनाए रखा। अंततः मार्थिन और कार्नांडो ने 25-23 से दूसरा गेम जीतकर मैच और खिताब दोनों अपने नाम कर लिए।
भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह जे फेई और नूर इज्जुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उन्हें निराशा हाथ लगी और उनका खिताब का इंतजार जारी है।
सात्विक और चिराग ने दो साल से कोई बीडब्ल्यूएफ टूर खिताब नहीं जीता है। उनका आखिरी खिताब भी 2024 में थाईलैंड ओपन सुपर 500 में आया था।
मुश्किल नतीजा रहा- बीएआईभारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। बीएआई ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि थाईलैंड में दूसरा स्थान। लड़कों के लिए यह एक मुश्किल नतीजा रहा, बावजूद इसके उन्होंने अपना सब कुछ झोंक दिया था। अब समय है कि हम सकारात्मक बातों पर ध्यान दें तथा और भी मजबूती से वापसी करें।









