नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में 23 आरोपितों को ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जस्टिस मनोज जैन की बेंच 16 जुलाई को सुनवाई करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक बेंच के समक्ष सुनवाई में हिस्सा लेंगे।
इसके पहले केजरीवाल, सिसोदिया और पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच के समक्ष सुनवाई का बहिष्कार किया था। जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने 19 मई को सीबीआई को निर्देश दिया था कि वो अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को इस बात की सूचना दें कि इस मामले की सुनवाई करने वाली बेंच बदल गई है। आज सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नोटिस तीनों आरोपितों को तामील कर दी गई है और इसे लेकर सीबीआई ने रिपोर्ट भी दाखिल की है। तब कोर्ट ने कहा कि रजिस्ट्री को उनका वकालतनामा मिला है। वे हर आरोपित की दलीलें सुनेंगे।
सुनवाई के दौरान 19 मई को कोर्ट ने पाया कि इस मामले में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा था कि ये मामला मीडिया में चल रहा है। ऐसे में ये माना जाना चाहिए कि तीनों आरोपितों की इस बात की सूचना होगी कि अब ये मामला जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से बदलकर जस्टिस मनोज जैन की बेंच के पास ट्रांसफर कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा था कि एक बार केजरीवाल कोर्ट में उपस्थित हो जाएं तो ये पता चल जाएगा कि वे इस बेंच से संतुष्ट हैं कि नहीं।
इसके पहले ये मामला जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के बेंच के समक्ष लिस्टेड था। केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को इस मामले की सुनवाई से खुद को हटने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने इस मामले की सुनवाई से खुद को हटाने की मांग खारिज कर दी थी, लेकिन बाद में छह आम आदमी पार्टी नेताओं के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए इस मामले को सुनवाई के लिए दूसरी बेंच को रेफर कर दिया था। उसके बाद इस मामले को जस्टिस मनोज जैन की बेंच के समक्ष लिस्ट किया गया जबकि अवमानना की कार्यवाही का मामला जस्टिस नवीन चावला की बेंच के समक्ष लिस्ट किया गया।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि हजारों पेजों की चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर, 2024 को तब रिहा हुए जब उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई के मामले में जमानत दी।









