हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर देर रात आए चक्रवाती तूफान में ढहने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आंधी तूफान के प्रशासन के अलर्ट के बाद भी यहां दिन रात पुल में मजदूर काम कर रहे थे। चक्रवाती तूफान जैसे ही आया तो बिना कसाव के रखे गए लाँच पैड (स्ट्रक्चर) ताश के पत्ते की तरह उड़कर बिखर गया। हादसे में जहां छह लोगों की मौत हुई वहीं सरकार को भी एक करोड़ रुपये का बड़ा झटका लगा है। हादसे में योगी सरकार के संज्ञान लेने के बाद उत्तर प्रदेश बिज्र कारेपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने यहां आकर जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि हमीरपुर के रहने वाले राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयासों से ललपुरा व कुरारा थाने के मध्य बेतवा नदी में एक नए पुल बनाने की मंजूरी योगी सरकार ने दी थी। तीन साल पहले पुल निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद कानपुर के विजय सिंह की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी काे पुल को बनाने के लिए तकनीकी कर्मियों व बड़ी संख्या में मजदूरों को लगाया था। हमीरपुर सेतु निगम के एई पंकज कुमार ने शुक्रवार को बताया कि नौ सौ मीटर से अधिक लम्बे पुल में तेरह पिलर (कोठी) बनाई गई है। पिलरों का काम कंपलीट हो चुका है। इन पिलरों में आधुनिक तरीके से लाँच पैकेट रखने का काम तेजी से कराया जा रहा था। दो शिफ्टों में यह काम चल रहा था। लेकिन चक्रवाती तूफान में लाँच पैड ढहकर नीचे आ गिरा जिसमें छह लोगों की मौत हो गई है। हादसे के बाद जिलाधिकारी अभिषेक गोयल, एसपी मृगांग शेखर पाठक, ए.एसपी एके वर्मा, एसडीएम सदर और सीओ सदर के अलावा सेतु निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराकर पिलरों में फंसे तीन मजदूरों को कड़ी मशक्कत के बाद बचा लिया गया है।
एसपी का कहना है कि हादसे में छह लोगों की मौत हुई है। प्रारम्भिक जांच में तेज आंधी तूफान के कारण लाँच पैड (स्ट्रक्चर) ढह गया है। विस्तृत जांच के बाद एक्शन लिया जाएगा। इधर ग्रामीणों ने बताया कि कार्यदायी संस्था दिन रात पुल का निर्माण करा रही थी। कल दिन में काम होता रहा फिर रात में भी दूसरी शिफ्ट में पुल की कोठी के ऊपर लाँच पैड (स्लैब) रखने के लिए मजदूर लगाए गए थे।
कार्य के दौरान चक्रवाती तूफान आने से स्ट्रक्चर नीचे आ गया। दो मजदूर तो क्रेन मशीन में बैठ गए वहीं दो अन्य पिलर से चिपक गए। बाकी स्ट्रक्चर के नीचे दब गए थे। एडीएम फाइनेंस राकेश कुमार का कहना है कि पिछले दो दिनों से आंधी तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया जा रहा है। आम लोगों को सतर्कता बरतने के लिए यूपी-११२ पीआरवी से जागरूक भी कराया जा रहा है।
पुल हादसे को लेकर एम़डी ने शुरू की जांच
सेतु निगम के एई ने बताया कि निर्माणाधीन पुल के स्ट्रक्चर ढहने के मामले की जांच यहां शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश बिज्र कारपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने मौके का निरीक्षण कर जांच की। उन्हाेंने बताया कि ये पुल 92.52 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा था। इस फंड में एप्रोच मार्ग भी बनना है लेकिन चक्रवाती तूफान के कहर में पूरा स्ट्रक्चर ढह गया है। जिससे कम से कम एक करोड़ रुपये का झटका लगा है।









